लुफ्थांसा विमान को मिली बम की धमकी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

लुफ्थांसा विमान को मिली बम की धमकी, भारतीय वायुसीमा में प्रवेश करने से पहले लिया यू-टर्न, हैदराबाद की बजाय जर्मनी के फ्रैंकफर्ट लौटा

नई दिल्ली/हैदराबाद – रविवार शाम 15 जून को फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद जा रही लुफ्थांसा की फ्लाइट LH752 को अचानक हवा में यू-टर्न लेना पड़ा और उसे जर्मनी के फ्रैंकफर्ट एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। यह फैसला संभावित बम की धमकी और भारत में लैंडिंग की अनुमति न मिलने के कारण लिया गया। इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

लुफ्थांसा विमान को मिली बम की धमकी

दो घंटे की उड़ान के बाद अचानक यू-टर्न

लुफ्थांसा की फ्लाइट LH752, जो बोइंग 787-9 ड्रीमलाइनर विमान है, जर्मनी के स्थानीय समयानुसार दोपहर 2:14 बजे फ्रैंकफर्ट से रवाना हुई। इसे सोमवार को सुबह 1:30 बजे भारत के हैदराबाद में राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरना था। लेकिन फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट के अनुसार, जब विमान बुल्गारिया के वायुसीमा में था, तो उसने अचानक दिशा बदली और जर्मनी लौट आया।

लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई

अमेरिका से हैदराबाद अपनी मां से मिलने जा रही फ्लाइट में सवार एक महिला यात्री ने पीटीआई से बात करते हुए कहा, “हमें उड़ान के दो घंटे बाद बताया गया कि विमान अब फ्रैंकफर्ट लौटेगा, क्योंकि हैदराबाद में लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई है।” उसने यह भी बताया कि उन्हें फ्रैंकफर्ट में रुकने की अनुमति दी गई है और वे सोमवार को सुबह 10 बजे उसी फ्लाइट से फिर से उड़ान भरेंगे।

बम की धमकी से हड़कंप

बाद में पता चला कि हैदराबाद एयरपोर्ट को शाम 6:01 बजे ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली थी। इस ईमेल में लुफ्थांसा की फ्लाइट LH752 को निशाना बनाया गया था। इसके तुरंत बाद, एक बम खतरा आकलन समिति का गठन किया गया और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार आवश्यक कदम उठाए गए। सुरक्षा कारणों को देखते हुए विमान को वापस फ्रैंकफर्ट भेजने की सलाह दी गई।

एयर ट्रैफिक कंट्रोल को दी गई सूचना :

राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को संदेश मिला कि विमान फ्रैंकफर्ट लौट रहा है। इसके बाद एटीसी ने विमान को भारतीय हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं करने देने का फैसला किया। सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि जब कोई विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में होता है और किसी तरह की धमकी मिलती है, तो सबसे अच्छा विकल्प विमान को उसके मूल हवाई अड्डे पर वापस भेजना होता है।

फ्रैंकफर्ट में सुरक्षित लैंडिंग

लुफ्थांसा की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव ट्रैकिंग के अनुसार, लुफ्थांसा की उड़ान LH752 रविवार को शाम 5:30 बजे (स्थानीय समय) फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतरी। इसके बाद विमान को सुरक्षा जांच के लिए एक अलग बे में पार्क किया गया।

फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे के प्रवक्ता ने मीडिया को बताया, “हम पुष्टि करते हैं कि उड़ान LH752 फ्रैंकफर्ट हवाई अड्डे पर वापस आ गई है। कृपया अधिक जानकारी के लिए संघीय पुलिस या लुफ्थांसा एयरलाइंस से संपर्क करें।”

यात्रियों को दी गई सुविधाएं

लुफ्थांसा एयरलाइंस ने यात्रियों को रात भर ठहरने के लिए होटल की सुविधा प्रदान की और सोमवार को सुबह 10 बजे एक नई उड़ान की योजना बनाई गई। हालांकि, यात्रियों को उड़ान के दौरान बम की धमकी के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई, ताकि विमान में कोई अफरा-तफरी न मचे।

 लुफ्थांसा की आधिकारिक प्रतिक्रिया

लुफ्थांसा ने एक बयान में कहा, “सोशल मीडिया पर बम की धमकी की सूचना मिलने के बाद, एहतियात के तौर पर लुफ्थांसा की फ्लाइट LH752 को वापस फ्रैंकफर्ट भेज दिया गया। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रभावित यात्रियों को फ्रैंकफर्ट में रहने की व्यवस्था की गई है और वे आज (सोमवार) फिर से हैदराबाद के लिए उड़ान भरेंगे।”

भारत सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार

अभी तक इस मामले में नागरिक उड्डयन मंत्रालय या नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है। अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि धमकी उड़ान से पहले मिली थी या उड़ान के दौरान। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं और साइबर सेल ने भी जांच शुरू कर दी है।

हाल के दिनों में यह दूसरी घटना है

गौरतलब है कि यह घटना पिछले कुछ दिनों में दूसरी बार है जब किसी अंतरराष्ट्रीय उड़ान को बम की धमकी मिली है। इससे पहले 13 जून को फुकेट से दिल्ली जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट को भी बम की धमकी मिली थी और उसे थाईलैंड में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी थी।

निष्कर्ष :

यह घटना एक बार फिर स्पष्ट करती है कि वैश्विक विमानन उद्योग में सुरक्षा में कोई भी चूक बहुत गंभीर हो सकती है। लुफ्थांसा फ्लाइट की सुरक्षित वापसी निश्चित रूप से अधिकारियों की सतर्कता और एसओपी के पालन का परिणाम है। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिस तरह समय रहते कदम उठाए गए, वह सराहनीय है। हालांकि, इस घटना से यात्रियों को असुविधा और यात्रा में असुविधा जरूर हुई है, लेकिन यह सब एक बड़े खतरे से बचने के लिए किया गया था। खतरे की वास्तविकता का जल्द ही जांच एजेंसियों द्वारा पता लगाया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की उम्मीद है।

यह पूरी घटना दर्शाती है कि असाधारण परिस्थितियों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को कैसे संभाला जाता है और सुरक्षा को सर्वोपरि रखा जाता है। लुफ्थांसा फ्लाइट की यह घटना निश्चित रूप से भविष्य की उड़ानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल के महत्व को रेखांकित करेगी।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

suraj singh
Author: suraj singh

और पढ़ें

breaking news