Meteorological Department ने किया अलर्ट रिवाइज, 17 जनवरी से फिर बढ़ेगी गलन, कोहरे का असर भी होगा तेज
Varanasi News – पूर्वांचल में मौसम एक बार फिर करवट लेने की तैयारी में है। Meteorological Department ने गलन और कोहरे को लेकर पहले जारी किए गए अलर्ट को रिवाइज कर दिया है। बीते एक सप्ताह से दिन में निकल रही धूप ने भले ही लोगों को कुछ राहत दी हो, लेकिन न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना हुआ है। इसी कारण वातावरण में गलन का प्रभाव खत्म नहीं हो पा रहा है। Meteorological Department के अनुसार 17 जनवरी से पश्चिमी विक्षोभ और पछुआ हवाओं के असर से पूर्वांचल में एक बार फिर गलन और कोहरे का प्रकोप बढ़ सकता है।
पिछले कुछ दिनों से वाराणसी और आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। सुबह के समय हल्का कोहरा छा रहा है, लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, कोहरा धीरे-धीरे छंट जाता है और धूप निकल आती है। बुधवार की सुबह भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। ग्रामीण अंचलों में हल्का कोहरा रहा, जबकि शहर में सुबह आठ बजे तक सूरज की लालिमा दिखाई देने लगी। धूप निकलते ही लोगों ने राहत की सांस ली और सड़कों पर चहल-पहल बढ़ गई।
हालांकि, Meteorological Department का कहना है कि यह राहत ज्यादा दिनों तक टिकने वाली नहीं है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि पश्चिम से आने वाली ठंडी हवाएं यानी पछुआ एक बार फिर सक्रिय हो सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बुधवार की सुबह घना कोहरा और तीखी गलन देखने को मिली है। यदि पछुआ का जोर इसी तरह बना रहा, तो उसका असर पूर्वांचल और वाराणसी तक पहुंचना तय माना जा रहा है।
तापमान के आंकड़े क्या कहते हैं
Meteorological Department के मुताबिक बीते 24 घंटों में अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 0.8 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से लगभग 1.5 डिग्री कम है। यही वजह है कि दिन में धूप रहने के बावजूद सुबह और शाम गलन का एहसास बना हुआ है। आर्द्रता के स्तर की बात करें तो न्यूनतम आर्द्रता 52 प्रतिशत और अधिकतम 87 प्रतिशत दर्ज की गई।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आर्द्रता में आई कमी बादलों की दूरी बढ़ा रही है, लेकिन यही स्थिति गलन को और सक्रिय कर सकती है। जैसे ही पछुआ हवाओं का असर तेज होगा, ठंड और गलन दोनों में इजाफा देखने को मिलेगा। यही कारण है कि Meteorological Department ने दो से तीन बार गलन और कोहरे के अलर्ट को रिवाइज किया है।
17 जनवरी से बदलेगा मौसम का रुख
Meteorological Department ने साफ तौर पर कहा है कि 17 जनवरी से एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलेगा। दिन में महसूस हो रही तल्ख धूप का असर कम हो सकता है और सुबह-शाम ठंड बढ़ने के साथ कोहरा भी घना हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से वातावरण में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। खासतौर पर सुबह के समय दृश्यता कम होने की संभावना है, जिसका असर सड़क और रेल यातायात पर भी पड़ सकता है।
लोगों की दिनचर्या पर असर
वाराणसी में मौसम के इस उतार-चढ़ाव का असर आम जनजीवन पर साफ दिख रहा है। सुबह के समय लोग ठंड से बचने के लिए गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं, वहीं धूप निकलते ही लोग घरों से बाहर निकलकर धूप सेंकते नजर आ रहे हैं। बाजारों और घाटों पर भी दोपहर के समय रौनक बढ़ जाती है। लेकिन शाम ढलते ही ठंड फिर से लोगों को घरों में कैद करने लगती है।
आने वाले दिनों के लिए सावधानी जरूरी
Meteorological Department ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को ठंड से बचाव के उपाय अपनाने को कहा गया है। सुबह और देर रात बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतने की जरूरत है। पूर्वांचल और काशी में फिलहाल मौसम का यह बदला हुआ मिजाज लोगों को राहत एहसास करा रहा है। लेकिन 17 जनवरी के बाद ठंड, गलन और कोहरे का असर फिर से बढ़ने की पूरी संभावना है।
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Author: Rajesh Srivastava
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