20 जनवरी 2026 को विधानसभा पर धरना – राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

20 जनवरी 2026 को विधानसभा पर धरना - राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

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20 जनवरी 2026 को विधानसभा पर धरना – राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद

कार्यालय ज्ञाप राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, उत्तर प्रदेश के संविधान में प्राप्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए, 20 जनवरी 2026 को विधानसभा पर धरना, प्रदर्शन कार्यक्रम के सफल संचालन, के लिए निम्न अनुसार संघर्ष समिति गठित की जा रही है।

  1. श्री त्रिलोकी नाथ चौरसिया अध्यक्ष
  2. श्री नारायण जी दुबे
  3. श्री निरंजन कुमार श्रीवास्तव
  4. श्री जसवंत सिंह
  5. श्रीमती कुसुम लता यादव सदस्य के रूप में समिति में कार्य करेंगे।

समिति आंदोलन से संबंधित सभी निर्णय लेने के लिए अधिकृत होगी। समिति के पत्रों पर केवल संघर्ष समिति के अध्यक्ष के हस्ताक्षर होंगे। समिति का निर्णय अंतिम एवं बाध्यकारी होगा। समिति के निर्णय ,सुझाव  राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी के प्रति  उत्तरदाई होंगे। संघर्ष समिति संयुक्त परिषद के अगले निर्णय तक कार्य करती रहेगी।

जे एन तिवारी

अध्यक्ष

प्रतिलिपि निम्नलिखित को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु  प्रेषित

  1. मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश लखनऊ
  2. प्रमुख सचिव कार्मिक उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ
  3. समस्त अपर मुख्य सचिव /प्रमुख सचिव/ सचिव उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ
  4. समस्त मुख्य विभाग अध्यक्ष उत्तर प्रदेश
  5. समस्त मंडल आयुक्त उत्तर प्रदेश
  6. पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ
  7. समस्त जिलाधिकारी उत्तर प्रदेश
  8. समस्त पदाधिकारी केंद्रीय कार्य कार्यकारिणी राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश
  9. अध्यक्ष/ महामंत्री समस्त संबद्ध संगठन उत्तर प्रदेश
  10. अध्यक्ष /मंत्री/ संयोजक समस्त जनपद शाखाएं  राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश
  11. प्रेस एवं मीडिया के उपयोग के लिये

अरुणा शुक्ला

महामंत्री

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।