नए साल पर Kashi Vishwanath Temple में बदली दर्शन व्यवस्था

नए साल पर Kashi Vishwanath Temple में बदली दर्शन व्यवस्था, पांच द्वार से होगा प्रवेश; विशेष और स्पर्श दर्शन पर रोक

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नए साल पर Kashi Vishwanath Temple में बदली दर्शन व्यवस्था, पांच द्वार से होगा प्रवेश; विशेष और स्पर्श दर्शन पर रोक

नए साल के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए Kashi Vishwanath Temple की दर्शन व्यवस्था में अहम बदलाव किए गए हैं। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुरक्षा, सुगम दर्शन और बेहतर भीड़ प्रबंधन के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है। नववर्ष पर बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को अब चार नहीं, बल्कि पांच द्वारों से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। यह नई व्यवस्था दो जनवरी तक लागू रहेगी।

मंदिर प्रशासन के अनुसार, अब तक श्रद्धालुओं को चार द्वारों से प्रवेश कराया जा रहा था, लेकिन नए साल पर अनुमानित भीड़ को देखते हुए एक अतिरिक्त द्वार खोला गया है। इससे प्रवेश प्रक्रिया तेज होगी और भीड़ का दबाव एक ही स्थान पर नहीं पड़ेगा। प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और अव्यवस्था से राहत मिलेगी।

विशेष और स्पर्श दर्शन पर रहेगा प्रतिबंध

नववर्ष के दौरान विशेष दर्शन और स्पर्श दर्शन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। मंदिर प्रशासन द्वारा जारी प्रोटोकॉल के तहत सभी श्रद्धालुओं को सामान्य दर्शन ही कराए जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य यह है कि ज्यादा से ज्यादा भक्त सुरक्षित तरीके से बाबा के दर्शन कर सकें और किसी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति न बने।

मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से Kashi Vishwanath Temple में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। अब तक 20 लाख से अधिक भक्त दर्शन कर चुके हैं। नए साल पर यह संख्या और बढ़ने की संभावना है, इसलिए पहले से ही व्यापक तैयारियां की गई हैं।

बैरिकेडिंग, मेडिकल और खोया-पाया की व्यवस्था

नए साल पर Kashi Vishwanath Temple में बदली दर्शन व्यवस्था, पांच द्वार से होगा प्रवेश; विशेष और स्पर्श दर्शन पर रोक

श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक बैरिकेडिंग की गई है। कतारों को सुव्यवस्थित रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी और स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल शिविर लगाए गए हैं, जहां डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। भीड़ के दौरान किसी श्रद्धालु के बिछड़ने या सामान खोने की स्थिति को देखते हुए खोया-पाया केंद्र भी सक्रिय किया गया है। मंदिर प्रशासन का दावा है कि दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी की जा रही है।

पांच से आठ लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान

मंदिर प्रशासन के मुताबिक, नए साल पर पांच से आठ लाख श्रद्धालुओं के Kashi Vishwanath Temple में दर्शन करने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए दर्शन व्यवस्था को अस्थायी रूप से बदला गया है। अधिकारियों ने बताया कि तीन जनवरी को स्थिति की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद यह तय होगा कि इन व्यवस्थाओं को आगे और बढ़ाया जाए या सामान्य व्यवस्था बहाल की जाए।

माघ मेले से बढ़ेगी Kashi की भीड़

नए साल पर Kashi Vishwanath Temple में बदली दर्शन व्यवस्था, पांच द्वार से होगा प्रवेश; विशेष और स्पर्श दर्शन पर रोक

इस बीच प्रशासन ने माघ मेले के पलट प्रवाह को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी है। महाकुंभ की तर्ज पर माघ मेले के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रयागराज से Kashi की ओर लौटते हैं। इससे वाराणसी में अचानक भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही अतिरिक्त तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों का कहना है कि माघ मेले के दौरान Kashi में यातायात, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थिति की लगातार समीक्षा कर जरूरत पड़ने पर और व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएंगी।

श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील

मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करें, धैर्य बनाए रखें और प्रशासन का सहयोग करें। बिना धक्का-मुक्की के शांतिपूर्ण ढंग से दर्शन करें, ताकि सभी भक्तों को बाबा विश्वनाथ के दर्शन का सौभाग्य मिल सके। नए साल पर Kashi Vishwanath Temple में बदली यह दर्शन व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर की गई है। प्रशासन का दावा है कि सभी इंतजाम पूरी तरह तैयार हैं और बाबा के दरबार में आने वाले हर भक्त को सहज, सुरक्षित और सुव्यवस्थित दर्शन कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।