Varanasi में सात डिग्री तक लुढ़का पारा

Varanasi में सात डिग्री तक लुढ़का पारा, गलन के बाद दोपहर से पहले खिली धूप; 31 दिसंबर के लिए घने कोहरे का अलर्ट

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Varanasi में सात डिग्री तक लुढ़का पारा, गलन के बाद दोपहर से पहले खिली धूप; 31 दिसंबर के लिए घने कोहरे का अलर्ट

नए साल से ठीक पहले Varanasi और पूर्वांचल में ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मंगलवार को Varanasi में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान है। सुबह से ही ठिठुरन और गलन ने आम जनजीवन को प्रभावित किया। सड़कों पर निकले लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आए, जबकि सुबह के समय खुले स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि, करीब 11 बजे के बाद मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिला और धूप निकलने से लोगों को कुछ राहत मिली।

Varanasi में बदलते मौसम का असर सिर्फ शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पूर्वांचल में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर मैदानी क्षेत्रों में साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण शीतलहर का दौर बना हुआ है और आने वाले कुछ दिनों तक गलन और ठंड से राहत मिलने की संभावना कम है। Varanasi में मौसम इस समय लोगों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों के लिए।

सुबह गलन, दोपहर में राहत

मंगलवार की सुबह Varanasi में गलन इतनी अधिक थी कि लोग घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। घाटों पर आम दिनों की तुलना में श्रद्धालुओं की संख्या भी कम रही। ठंडी हवाओं के चलते हाथ-पैर सुन्न होने जैसी स्थिति बनी रही। हालांकि, जैसे ही सुबह 11 बजे के आसपास आसमान साफ हुआ और धूप खिली, लोग घरों की छतों, खुले मैदानों और धूप वाली जगहों पर बैठकर ठंड से राहत लेते दिखे। शहर के पार्कों और मोहल्लों में लोग धूप सेंकते नजर आए।

31 दिसंबर के लिए घने कोहरे का अलर्ट

Varanasi में सात डिग्री तक लुढ़का पारा, गलन के बाद दोपहर से पहले खिली धूप; 31 दिसंबर के लिए घने कोहरे का अलर्ट

मौसम विभाग ने 31 दिसंबर को लेकर Varanasi और आसपास के जिलों के लिए घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। विभाग का कहना है कि दिन में धूप निकलने के बाद रात के समय नमी बढ़ने से कोहरे की संभावना और प्रबल हो गई है। ऐसे में सुबह और देर रात के समय दृश्यता काफी कम हो सकती है। इसका असर सड़क यातायात, रेल और हवाई सेवाओं पर भी पड़ सकता है। खासकर हाईवे और ग्रामीण इलाकों में वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

हालांकि 1 जनवरी के लिए फिलहाल कोई औपचारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो नए साल के पहले दिन भी ठंड और कोहरे का असर देखने को मिल सकता है। Varanasi weather में अचानक बदलाव के चलते लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

तापमान और आर्द्रता के आंकड़े

बीते 24 घंटों में Varanasi का अधिकतम तापमान 15.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 7.7 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 1.6 डिग्री कम है। इस दौरान आर्द्रता का स्तर भी काफी अधिक रहा। न्यूनतम आर्द्रता 76 प्रतिशत और अधिकतम 97 प्रतिशत दर्ज की गई, जो कोहरे और गलन की स्थिति को और गंभीर बना रही है।

मौसम विभाग की ओर से जारी सैटेलाइट तस्वीरों में पूर्वांचल के कई हिस्सों में शीतलहर का प्रभाव साफ नजर आ रहा है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पहाड़ों पर बर्फबारी का दौर जारी है, जिसका असर मैदानी इलाकों के तापमान पर पड़ रहा है।

पाले की संभावना से बढ़ी चिंता

Varanasi में सात डिग्री तक लुढ़का पारा, गलन के बाद दोपहर से पहले खिली धूप; 31 दिसंबर के लिए घने कोहरे का अलर्ट

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि तापमान में इसी तरह गिरावट जारी रही तो आने वाले दिनों में कुछ इलाकों में पाले की स्थिति भी बन सकती है। इससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। खासकर सब्जी और दलहन की फसलों पर पाले का असर पड़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर फसलों की सुरक्षा के उपाय करें।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने भी लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सुबह-शाम अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने, गर्म कपड़े पहनने और बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है। वहीं वाहन चालकों को कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने और फॉग लाइट का इस्तेमाल करने को कहा गया है।

Varanasi और पूर्वांचल में ठंड का असर अभी और बढ़ सकता है। आने वाले दिनों में varanasi में मौसम का मिजाज लोगों की दिनचर्या और तैयारियों पर सीधा असर डाल सकता है, ऐसे में सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।