Rajghat Bridge पर यात्रियों का आवागमन शुरू

Rajghat Bridge पर यात्रियों का आवागमन शुरू, पीपा पुल बनने के बाद होगी मरम्मत; जानिए पूरी वजह

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Rajghat Bridge पर यात्रियों का आवागमन शुरू, पीपा पुल बनने के बाद होगी मरम्मत; जानिए पूरी वजह

शहर के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल Rajghat Bridge पर एक बार फिर यात्रियों और वाहनों का आवागमन शुरू हो गया है। शनिवार सुबह से पुल को खोल दिया गया, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, पुल पर चल रहा मरम्मत कार्य उत्तर रेलवे की आपत्ति के बाद फिलहाल रोक दिया गया है। अब पीपा पुल के निर्माण के बाद ही Rajghat Bridge की मरम्मत कराई जाएगी।

उत्तर रेलवे की आपत्ति के बाद रोका गया काम

Rajghat Bridge पर मरम्मत का कार्य शुक्रवार को चल रहा था, लेकिन उत्तर रेलवे ने इस पर आपत्ति जताई। इसके बाद लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को काम तत्काल रोकना पड़ा। अधिकारियों के अनुसार, पुल के नीचे से रोजाना 90 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसे में मरम्मत कार्य से रेलवे परिचालन प्रभावित होने की आशंका जताई गई, जिसके चलते यह फैसला लिया गया। शनिवार सुबह मरम्मत का काम आगे नहीं बढ़ पाया और कर्मचारियों को अगले आदेश तक कार्य स्थगित रखने के निर्देश दिए गए। इसके बाद प्रशासन ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए Rajghat Bridge को यातायात के लिए खोल दिया।

पुल बंद होने से शहर में लगा जाम

Rajghat Bridge पर यात्रियों का आवागमन शुरू, पीपा पुल बनने के बाद होगी मरम्मत; जानिए पूरी वजह

पुल के बंद होने से शुक्रवार को वाराणसी और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई थी। पड़ाव-रामनगर मार्ग, रामनगर-सामनेघाट पुल, सामनेघाट-नगवा मार्ग और लंका चौराहे पर सुबह से शाम तक भारी दबाव देखने को मिला। विश्वसुंदरी पुल और हाईवे पर भी बार-बार जाम की स्थिति बनी रही। डाफी टोल प्लाजा और अखरी बाईपास से चितईपुर मार्ग तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। वाराणसी से पीडीडीयूनगर और पीडीडीयूनगर से वाराणसी की यात्रा लोगों के लिए बेहद कठिन हो गई थी। 15 से 20 मिनट का सफर तय करने में 40 से 50 मिनट तक का समय लग रहा था।

बैरिकेडिंग और रूट डायवर्जन से बढ़ी परेशानी

23 दिसंबर की रात से Rajghat Bridge के दोनों छोर—नमो घाट और पड़ाव चौराहे पर बैरिकेडिंग कर दी गई थी। इसके कारण चंदौली और मिर्जापुर से वाराणसी आने-जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ी। रामनगर चौराहा पूरी तरह चोक हो गया, वहीं रामनगर किला मार्ग से सामनेघाट पुल की ओर छोटे वाहनों की आवाजाही के कारण जाम की स्थिति बनी रही।

ऑनलाइन डिलिवरी सेवाएं भी हुईं प्रभावित

Rajghat Bridge बंद होने का असर सिर्फ आम यात्रियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ऑनलाइन सेवाएं भी बुरी तरह प्रभावित हुईं। ऑनलाइन फूड डिलिवरी, ई-कॉमर्स और कैब सेवा देने वाली कई कंपनियों ने अस्थायी रूप से अपनी सेवाएं बंद कर दीं। कज्जाकपुरा और विशेश्वरगंज क्षेत्र से पड़ाव की ओर डिलिवरी लगभग ठप रही। जानकारी के मुताबिक, रोजाना करीब दो हजार डिलिवरी बॉय Rajghat Bridge के जरिए आवाजाही करते हैं। पुल बंद होने से कूरियर और फूड डिलिवरी सेवाएं समय पर नहीं पहुंच सकीं, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।

पीपा पुल बनने के बाद होगी मरम्मत

Rajghat Bridge पर यात्रियों का आवागमन शुरू, पीपा पुल बनने के बाद होगी मरम्मत; जानिए पूरी वजह

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि Rajghat Bridge की मरम्मत को टाला नहीं गया है, बल्कि इसे कुछ समय के लिए स्थगित किया गया है। अधिशासी अभियंता केके सिंह ने बताया कि 15 फरवरी से पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा। मार्च महीने में पीपा पुल चालू होने के बाद Rajghat Bridge की मरम्मत का कार्य दोबारा शुरू कराया जाएगा।

अधिकारियों ने क्या कहा

पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने कहा, “Rajghat Bridge आज से यातायात के लिए खोल दिया गया है। 15 फरवरी से पीपा पुल बनाया जाएगा और मार्च में इसके चालू होने के बाद मरम्मत कार्य शुरू होगा।वहीं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया, “रेलवे और पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया है। पुल के नीचे से बड़ी संख्या में ट्रेनों की आवाजाही को देखते हुए मरम्मत बाद में कराने का निर्णय लिया गया है।

लोगों को मिली राहत, लेकिन इंतजार बाकी

फिलहाल Rajghat Bridge के खुलने से शहरवासियों और आसपास के जिलों से आने-जाने वाले यात्रियों को राहत जरूर मिली है। हालांकि, पुल की स्थायी मरम्मत के लिए लोगों को अभी पीपा पुल के बनने का इंतजार करना होगा। प्रशासन का दावा है कि पीपा पुल चालू होते ही मरम्मत कार्य तेजी से कराया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी न हो। Rajghat Bridge का दोबारा खुलना वाराणसी की यातायात व्यवस्था के लिए बड़ी राहत साबित हुआ है, लेकिन आने वाले महीनों में मरम्मत के दौरान प्रशासन के लिए यातायात प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।