BHU PhD Admission: 1788 सीटों पर इंटरव्यू के लिए 10 हजार कॉल लेटर जारी, 4900 से ज्यादा उम्मीदवार होंगे शामिल
BHU PhD Admission को लेकर बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने बड़ी प्रक्रिया पूरी कर ली है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से पीएचडी प्रवेश के लिए इंटरव्यू (साक्षात्कार) के कॉल लेटर जारी करने की प्रक्रिया समाप्त हो चुकी है। इस बार कुल 1788 पीएचडी सीटों के लिए लगभग 10 हजार कॉल लेटर जारी किए गए हैं। हालांकि, इंटरव्यू में वास्तविक रूप से 4900 से अधिक अभ्यर्थी ही शामिल होंगे, क्योंकि कई उम्मीदवारों ने एक से अधिक विषयों में आवेदन किया है। BHU में हर वर्ष की तरह इस बार भी पीएचडी प्रवेश को लेकर अभ्यर्थियों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण विषयवार कॉल लेटर की संख्या बढ़ गई, लेकिन अलग-अलग विषयों में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को मिलाकर कुल प्रतिभागियों की संख्या सीमित रहेगी।
अलग-अलग विषयों में आवेदन से बढ़ी संख्या
BHU प्रशासन के अनुसार, कई अभ्यर्थियों ने एक से अधिक विषयों में पीएचडी के लिए आवेदन किया था। इसी वजह से कॉल लेटर की संख्या 10 हजार तक पहुंच गई। हालांकि, इंटरव्यू में शामिल होने वाले वास्तविक उम्मीदवारों की संख्या 4900 से कुछ अधिक ही रहेगी। विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि सभी साक्षात्कार विषयवार और तय कार्यक्रम के अनुसार कराए जाएंगे।
12 फरवरी के बाद मिल सकता है दूसरा मौका
BHU PhD Admission से जुड़ी अहम जानकारी यह भी है कि जिन उम्मीदवारों को इस चरण में कॉल लेटर नहीं मिला है या जो इंटरव्यू के बाद वेटिंग लिस्ट में रह गए हैं, उन्हें भी आगे मौका मिल सकता है। BHU के परीक्षा नियंता कार्यालय की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, ऐसे उम्मीदवारों के लिए 12 फरवरी के बाद दूसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि पहले चरण में सभी सीटें नहीं भर पाती हैं तो विश्वविद्यालय खाली सीटों को भरने के लिए दूसरे चरण में पात्र उम्मीदवारों से आवेदन मांगेगा। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी, जो किसी कारणवश पहले चरण में चयनित नहीं हो पाए।
संबद्ध कॉलेजों को भी मिलीं पीएचडी सीटें
इस बार भी BHU ने अपने चार संबद्ध कॉलेजों को 60 से अधिक पीएचडी सीटें आवंटित की हैं। इनमें वसंत कन्या महाविद्यालय (राजघाट), वसंता कॉलेज (कमच्छा), डीएवी पीजी कॉलेज और आर्य महिला पीजी कॉलेज शामिल हैं। इन कॉलेजों में भी विभिन्न विषयों में पीएचडी कराई जाएगी। हालांकि, इसे लेकर कुछ छात्रों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। विश्वविद्यालय परिसर में पिछले सत्र के दाखिले से असंतुष्ट छात्र सेंट्रल ऑफिस के बाहर पिछले तीन दिनों से कैंपस बदलने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि आरक्षित वर्ग की 13 सीटों पर चयनित उम्मीदवारों को मुख्य कैंपस के बजाय संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश दे दिया गया, जिससे उन्हें शैक्षणिक नुकसान हो सकता है।
जिनको नहीं मिला कॉल लेटर, उनके लिए राहत
BHU प्रशासन ने साफ किया है कि जिन उम्मीदवारों को सत्यापन और साक्षात्कार के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है, उन्हें भी निराश होने की जरूरत नहीं है। ऐसे पात्र अभ्यर्थियों को दूसरे चरण में आवेदन करने का मौका मिलेगा। यदि संबंधित विभागों में सीटें खाली रहती हैं तो उन्हें प्रवेश दिया जा सकता है।
खाली सीटों पर होगा स्थानांतरण
BHU PhD Admission प्रक्रिया में यह भी तय किया गया है कि यदि पहले चरण में सीटें खाली रहती हैं तो उन्हें दूसरे चरण में शिफ्ट किया जाएगा। सीट स्थानांतरण पूरी तरह विषय और श्रेणी के अनुसार किया जाएगा। यानी जिस विषय में सीट खाली होगी, उसी विषय के पात्र उम्मीदवार को दाखिला मिलेगा। इसके अलावा, जिन उम्मीदवारों को पहले चरण में इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था लेकिन वे वेटिंग लिस्ट में रह गए, उनके साक्षात्कार में प्राप्त अंकों को ही योग्यता निर्धारण के लिए मान्य रखा जाएगा। इससे छात्रों को दोबारा इंटरव्यू देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
छात्रों में बढ़ा उत्साह
BHU में पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया के इस चरण के पूरा होने के बाद छात्रों में आगे की प्रक्रिया को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दूसरे चरण में भी कई छात्रों को अवसर मिल सकता है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह दी जा रही है कि वे विश्वविद्यालय की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें।
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Author: Rajesh Srivastava
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