Varanasi में इलेक्ट्रिक बसों के लिए तैयार होंगे दो अपॉर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशन, Varanasi-प्रयागराज रूट पर सेवा शुरू होने की तैयारी तेज
Varanasi News : Varanasi में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, प्रदूषणमुक्त और पर्यावरण-हितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। शहर में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को बढ़ावा देने के लिए कैंट बस स्टेशन परिसर में दो अपॉर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए आवश्यक बिजली कनेक्शन लेने का काम पूरा हो चुका है, और अब जमीन पर तेजी से बुनियादी सुविधाओं के विकास का कार्य चल रहा है।

Varanasi से प्रयागराज के लिए इलेक्ट्रिक बसों की तैयारी
परिवहन निगम जल्द ही Varanasi-प्रयागराज रूट पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने जा रहा है। इसके पहले चरण में प्रयागराज परिक्षेत्र को 22 इलेक्ट्रिक बसें आवंटित की गई थीं, जो इस समय प्रयागराज से गोपीगंज तक सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं। इन बसों का परीक्षण पूरी तरह संतोषजनक पाया गया है, जिससे kashi में इस नई सेवा के प्रति उत्साह और उम्मीद बढ़ गई है।
सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के बाद अब परिवहन निगम भी इलेक्ट्रिक बसों से लंबी दूरी की यात्रा शुरू करने की तैयारी में है। यह बसें न सिर्फ शहरी सीमा तक, बल्कि Varanasi से प्रयागराज समेत अन्य जिलों तक 300–350 किलोमीटर तक की दूरी तय कर सकेंगी।
चार्जिंग स्टेशन: कैंट बस स्टेशन पर हो रहा काम
कैंट बस स्टेशन परिसर में कार सेक्शन की भूमि पर दो अपॉर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जा रहे हैं। मंगलवार को परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक ने समीक्षा बैठक में स्थानीय अधिकारियों को चार्जिंग स्टेशनों के लिए एक और स्थान तलाशने का निर्देश दिया। वहीं, अधिकारियों ने बताया कि बिजली विभाग को शुल्क जमा कर दिया गया है, और बिजली कनेक्शन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इन चार्जिंग स्टेशनों के बन जाने से लंबी दूरी की इलेक्ट्रिक बसों को जल्दी चार्ज होने की सुविधा मिलेगी, जिससे रास्ते में रुकने का समय कम होगा और यात्रियों को तेज और आरामदायक सेवा मिल सकेगी।
बेहतर बैटरी बैकअप वाली बसें आएंगी काशी
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2023–24 में परिवहन निगम के बेड़े में नई बैटरी चालित बसें शामिल करने की घोषणा की थी। ये बसें लगभग 350 किलोमीटर तक एक बार चार्ज पर चल सकेंगी, जो मौजूदा सिटी ई-बसों की तुलना में काफी बेहतर बैटरी बैकअप देंगी। कार्यदायी संस्था के चयन की प्रक्रिया जारी है, और जैसे ही यह पूरा होगा, काशी परिक्षेत्र को भी आधुनिक इलेक्ट्रिक बसें आवंटित कर दी जाएंगी। इससे न केवल Varanasi-प्रयागराज रूट पर, बल्कि आसपास के अन्य जिलों तक भी इलेक्ट्रिक बस संचालन की संभावनाएं खुलेंगी।

लोगों की पसंद बनी इलेक्ट्रिक बसें
स्वतंत्र वाणी News में लगातार सामने आ रहा है कि इलेक्ट्रिक बसें अब यात्रियों की पसंद बन चुकी हैं। ये बसें पूरी तरह प्रदूषण मुक्त हैं, जिससे शहर के वातावरण को स्वच्छ रखने में मदद मिलती है। पहले चरण में सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड के तहत Varanasi में जो इलेक्ट्रिक बसें चलाई जा रही हैं, वह औसत बैटरी बैकअप के कारण फिलहाल शहरी सीमाओं में ही संचालित हो रही हैं। इसके बावजूद, इन बसों को यात्रियों ने काफी पसंद किया है क्योंकि ये शांत चलती हैं, वायु प्रदूषण नहीं फैलातीं और किराया भी सुविधाजनक है।
भविष्य में बड़े बदलाव की उम्मीद
इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ने और नए अपॉर्चुनिटी चार्जिंग स्टेशनों के बन जाने से काशी में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था और मजबूत होने जा रही है। आने वाले महीनों में Varanasi-प्रयागराज रूट पर इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने की उम्मीद है, जो दोनों शहरों के यात्रियों को एक आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल यात्रा का अनुभव देगी।
Varanasi में यह बदलाव न सिर्फ तकनीकी उन्नति का संकेत है, बल्कि शहर को ‘क्लीन एंड ग्रीन’ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। परिवहन निगम और सरकार की योजनाओं से साफ है कि आने वाले समय में इलेक्ट्रिक बसें काशी के परिवहन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रही हैं।
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Author: Rajesh Srivastava
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