CM Yogi ने सोनभद्र को दी 548 करोड़ की सौगात, 432 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास
सोनभद्र आज विकास की नई दिशा तय करता दिखाई दिया, जब CM Yogi Adityanath जिले के दौरे पर पहुंचे। आदिवासी महानायक बिरसा मुंडा की जयंती पर आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह के मंच से मुख्यमंत्री ने 548 करोड़ रुपये की 432 परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर जिले को बड़ी सौगात दी।
चोपन के रेलवे मैदान में आयोजित इस भव्य समारोह में हजारों लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने विकास योजनाओं के इस नए अध्याय का साक्षी बनने का सम्मान पाया।
जनजातीय गौरव दिवस पर बड़ा संदेश
मुख्य अतिथि के तौर पर मंच पर पहुंचे CM Yogi ने अपने संबोधन में कहा कि सोनभद्र की पहचान ऊर्जा राजधानी के साथ-साथ जनजातीय संस्कृति की पवित्र धरोहर के रूप में भी है। उन्होंने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा ने ‘अपवा देश-अपवा राज’ का जो संदेश दिया था, वह आज भी जनजातीय समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
CM Yogi ने कहा कि 125 साल पहले जब संसाधन बेहद सीमित थे, तब भी जनजातीय समाज स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा बना। आज वही समाज विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और प्रदेश तथा देश की प्रगति में योगदान दे रहा है।
यूपी–बिहार की सांझी संस्कृति पर बोले CM Yogi
अपने संबोधन में CM Yogi Adityanath ने सोनभद्र से सटे बिहार विधानसभा चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि बिहार की जनता ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विकास और सुशासन के पक्ष में ऐतिहासिक निर्णय दिया है। उन्होंने कहा—
“जिस प्रकार श्रीराम और माता जानकी का संबंध अटूट है, ठीक वैसी ही आत्मीयता यूपी और बिहार के बीच है।”
उन्होंने इसे दोनों राज्यों की सांझी संस्कृति और साझे मूल्यों का प्रतीक बताया।
मंच पर जनजातीय रंग— अरुणाचल और सोनभद्र के कलाकारों की अनोखी प्रस्तुति
भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में अरुणाचल प्रदेश और सोनभद्र के कलाकारों द्वारा पारंपरिक आदिवासी करमा नृत्य की प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया। ढोल-मांदर की गूंज के बीच कलाकारों की ताल-मेल ने समारोह में विशेष ऊर्जा भर दी।
शहीद आदिवासी सेनानियों के परिजनों का सम्मान
समारोह के दौरान CM Yogi ने आदिवासी सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। साथ ही, जिले की विकास और पर्यटन संबंधी पुस्तिका का विमोचन भी किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रेल कर्मचारी इंटर कॉलेज में निवेशकों, जिले के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक भी की।
548 करोड़ की 432 परियोजनाओं से जिले को मिलेगा विकास का नया रास्ता
मुख्यमंत्री द्वारा जिन परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया, वे स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, सुरक्षा, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगी। यहाँ प्रमुख परियोजनाओं की सूची दी जा रही है:
लोकार्पण की प्रमुख परियोजनाएँ
79.86 करोड़ की लागत से सोन नदी पर घोरावल–शिल्पी–कोड़ारी मार्ग स्थित कोलिया घाट पर बने आधुनिक पुल का लोकार्पण किया गया।
- 25.89 करोड़ – बलुई–मीतापुर मार्ग का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण
- 13.68 करोड़ – उरमौरा–राजपुर रोड वाया बसौली–बहुआर–रघुनाथपुर–सिंदुरी मार्ग का चौड़ीकरण
- 12.37 करोड़ – 48वीं वाहिनी PAC में 200 व्यक्तियों की क्षमता की बैरक
- 9.62 करोड़ – पुलिस लाइन में 150 पुरुष पुलिसकर्मियों के लिए हॉस्टल-बैरक
इन परियोजनाओं के पूरा होने पर जिले में आवाजाही आसान होगी और सुरक्षा ढांचे में भी मजबूती आएगी।
शिलान्यास की प्रमुख परियोजनाएँ
- 30.78 करोड़ – जिला ग्राम्य विकास संस्थान के आवासीय और अनावासीय भवन
- 24.59 करोड़ – नवीन समेकित विशेष माध्यमिक विद्यालय
- 12.51 करोड़ – घोरावल–कोहरथा–शिवद्वार मार्ग का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण
- 11 करोड़ – नवसृजित ओबरा तहसील का आवासीय भवन
- 8.54 करोड़ – थाना जुगैल में टाइप-A के 3 और टाइप-B के 23 आवास
- 5.22 करोड़ – नगर पालिका परिषद में कल्याण मंडपम भवन
ये परियोजनाएँ शिक्षा, प्रशासनिक सेवाओं और ग्रामीण विकास को गति देंगी।
जनता को विकास का भरोसा—CM Yogi Adityanath का वादा
सोनभद्र की धरती से CM Yogi Adityanath ने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे। आदिवासी समाज की प्रगति और सम्मान सरकार की प्राथमिकताओं में है।इस बड़े पैमाने पर हुए लोकार्पण और शिलान्यास ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आने वाले वर्षों में सोनभद्र पूर्वांचल के सबसे तेजी से विकसित होने वाले जिलों में शामिल होगा।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।









