लंद में सियासी संग्राम: Subhash Guttedar ने B.R. Patil पर लगाए बड़े आरोप

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लंद में सियासी संग्राम: Subhash Guttedar ने B.R. Patil पर लगाए बड़े आरोप , गुट्टेदार बोले – B.R. Patil मंत्री बनने की चाहत में गढ़ रहे झूठे वोटर फ्रॉड के किस्से

कलबुर्गी:
कर्नाटक की पॉलिटिक्स में एक बार फिर पॉलिटिकल उथल-पुथल मच गई है। Subhash Guttedar और कांग्रेस MLA B.R. Patil अलंद असेंबली सीट पर कथित वोटर फ्रॉड की जांच को लेकर आमने-सामने हैं। पाटिल का आरोप है कि पिछले असेंबली इलेक्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस सपोर्टर वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए थे, वहीं BJP के पूर्व MLA Subhash Guttedar ने इन आरोपों को “मनगढ़ंत और पॉलिटिकल साज़िश” बताया है।

गुट्टेदार का दावा है कि B.R. Patil ने कांग्रेस हाईकमान को खुश करने और खुद को मंत्री पद के लायक दिखाने के लिए यह मामला बनाया। उन्होंने कहा, “अलंद में कोई वोटर फ्रॉड नहीं हुआ, बल्कि पाटिल ने राहुल गांधी की नज़रों में खुद को ऊपर उठाने के लिए यह पूरी कहानी बनाई।”

Subhash Guttedar के घर के बाहर SIT की रेड और रिकॉर्ड जलाए गए

शुक्रवार को, स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने अलंद विधानसभा क्षेत्र में कथित वोटर फ्रॉड की जांच के तहत Subhash Guttedar, उनके बेटों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से जुड़े कई ठिकानों पर रेड मारी।

रेड के अगले दिन, शनिवार को, कलबुर्गी जिले में गुट्टेदार के घर के बाहर जले हुए वोटर रिकॉर्ड का ढेर मिला, जिससे विवाद और बढ़ गया। विपक्षी पार्टियों ने इसे “सबूत मिटाने की कोशिश” कहा, जबकि गुट्टेदार ने इस घटना को “सफाई का ऑपरेशन” बताया।

गुट्टेदार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:

“हमारे कर्मचारियों ने त्योहार से पहले घर की सफाई करते समय पुराने कागज़ जला दिए। अगर कोई गलत इरादा होता, तो हम उन्हें घर के सामने क्यों जलाते? यह सिर्फ सफाई का हिस्सा था, कोई साज़िश नहीं।”

उन्होंने कहा कि SIT की कार्रवाई का असली मकसद विकास के मुद्दों से लोगों का ध्यान हटाना था।

Subhash Guttedar का आरोप: “पाटिल मंत्री बनने की चाहत में झूठ फैला रहे हैं”

Subhash Guttedar ने कांग्रेस B.R. Patil पर तीखा हमला करते हुए कहा,

 “पाटिल ने राहुल गांधी से करीबी बनाने और कांग्रेस हाईकमान का साथ पाने के लिए झूठी कहानियाँ बनाईं। उन्होंने खुद को ‘ईमानदार नेता’ दिखाने और मंत्री पद पाने के लिए अलंद में वोटर फ्रॉड कांड करवाया।”

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने जनता को गुमराह करने और 2023 के विधानसभा चुनावों में अपनी हार को जीत में बदलने के लिए वोटर फ्रॉड की कहानी बनाई।

B.R. Patil का पलटवार: “गुट्टेदार के घर से मिले जले हुए कागज़ात सबूत हैं”

दूसरी तरफ, कांग्रेस MLA B.R. Patil का कहना है कि गुट्टेदार के घर के बाहर मिले जले हुए वोटर रिकॉर्ड से यह साबित होता है कि 2023 में अलंद विधानसभा में वोटर लिस्ट से नाम हटाने की साज़िश रची गई थी।

पाटिल के मुताबिक,

 “वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए करीब 6,018 फ़ॉर्म-7 एप्लीकेशन जमा किए गए थे, जिनमें से सिर्फ़ 24 सही पाए गए, और बाकी 5,994 नकली पाए गए। यह चुनावी धोखाधड़ी का साफ़ मामला है।”

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सतर्कता और समय पर शिकायतों की वजह से इस बड़ी साज़िश का पर्दाफ़ाश हुआ।

क्या है मामला?

अलंद विधानसभा इलाके में 2023 के चुनावों के दौरान हज़ारों वोटरों के नाम हटाने की कोशिश की गई थी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह “BJP-समर्थित नेटवर्क” ने कांग्रेस के वोट कम करने और Subhash Guttedar की जीत पक्की करने के लिए किया था।

राहुल गांधी ने इस मामले को गंभीर बताते हुए कहा, “कर्नाटक में वोट चोरी लोकतंत्र की हत्या है।” इसके बाद, राज्य सरकार ने एक SIT बनाई और जांच शुरू की।

SIT ने अब तक गुट्टेदार के घर, उनके रिश्तेदारों और एक चार्टर्ड अकाउंटेंट से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की है। जांच एजेंसी का कहना है कि जले हुए डॉक्यूमेंट्स को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

पॉलिटिकल दुश्मनी का इतिहास

  1. Subhash Guttedar और B.R. Patil के बीच यह झगड़ा नया नहीं है। दोनों नेता सालों से अलंद इलाके की पॉलिटिक्स में एक-दूसरे के दुश्मन रहे हैं।
  2. 2018 में, Subhash Guttedar ने BJP के टिकट पर चुनाव लड़ा और हार गए।
  3. 2023 के विधानसभा चुनाव में, कांग्रेस के बी.आर. पाटिल ने उन्हें फिर से हरा दिया।
  4. गुट्टेदार का कहना है कि जीत के बाद भी पाटिल जनता के मुद्दों पर काम नहीं कर रहे हैं और झूठे आरोपों के ज़रिए पॉलिटिकल फ़ायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं।

SIT की जांच कहां तक पहुंची है?

जांच टीम ने अब तक कई ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स ज़ब्त किए हैं और कुछ गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। सूत्रों के मुताबिक:

  • जले हुए डॉक्यूमेंट्स में वोटर लिस्ट से जुड़े कुछ पेज भी शामिल हैं।
  • SIT यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या ये रिकॉर्ड किसी सरकारी सोर्स से लीक हुए थे।
  • टीम अगले हफ़्ते सुभाष गुट्टेदार से फिर पूछताछ कर सकती है।

कर्नाटक के डिप्टी चीफ़ मिनिस्टर सलीम अहमद ने कहा, “सच सामने आएगा। अगर कोई दोषी पाया जाता है, तो सख़्त एक्शन लिया जाएगा।”

पॉलिटिकल एनालिसिस

पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह केस सिर्फ़ वोटर फ्रॉड की जांच नहीं है, बल्कि कर्नाटक में पावर डायनामिक्स पर भी असर डाल सकता है।

  1. कांग्रेस के लिए: राहुल गांधी ने खुद यह मुद्दा उठाया है, इसलिए पार्टी इसे “लोकतांत्रिक ईमानदारी” के सिंबल के तौर पर पेश कर रही है।
  2.  BJP के लिए: सुभाष गुट्टेदार जैसे बड़े नेताओं पर लगे आरोप पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं, खासकर लोकसभा चुनाव पास आने पर।
  3.  जनता के लिए: वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का मुद्दा सीधे तौर पर लोकतंत्र की साख पर सवाल उठाता है।

Subhash Guttedar का जवाब

गुट्टेदार ने बार-बार कहा कि वह बेगुनाह हैं और SIT की कार्रवाई “पॉलिटिकल बदला” है। उन्होंने कहा, “मैंने अपनी ज़िंदगी में हमेशा जनता की सेवा की है। अगर मेरे खिलाफ कोई आरोप हैं, तो जांच में सब कुछ साफ हो जाएगा। यह सब मेरे खिलाफ एक साज़िश है क्योंकि मैं BJP से जुड़ा हूं।”

उन्होंने B.R. Patil को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनके पास कोई पक्का सबूत है, तो उन्हें उसे पब्लिक करना चाहिए, न कि सिर्फ मीडिया में बयान देना चाहिए।

आज तक के अपडेट (20 अक्टूबर, 2025 तक)

  • SIT ने जले हुए डॉक्यूमेंट्स को फोरेंसिक लैब भेज दिया है।
  • जांच एजेंसी ने गुट्टेदार के दो साथियों से पूछताछ की है।
  • बी.आर. पाटिल ने कहा कि वह इस मामले को असेंबली सेशन में उठाएंगे।
  • बीजेपी ने कांग्रेस पर “पॉलिटिकल बदले” की भावना से काम करने का आरोप लगाया है।

निष्कर्ष

अलंद असेंबली में यह झगड़ा अब सिर्फ़ लोकल नहीं रहा। Subhash Guttedar और बी.आर. सुभाष गुट्टेदार और सुभाष पटेल के बीच इस झगड़े ने कर्नाटक की पॉलिटिक्स में एक नई बहस छेड़ दी है—क्या यह सच में वोटर फ्रॉड का मामला है या मिनिस्टरशिप की पॉलिटिक्स का?

गुट्टेदार का दावा है कि वह बेगुनाह हैं और पटेल ने पॉलिटिकल महत्वाकांक्षा के चलते यह मुद्दा उठाया है। इस बीच, पटेल का कहना है कि सबूत खुद बोलते हैं।

अब सबकी नज़रें SIT रिपोर्ट पर हैं, जो यह तय करेगी कि सुभाष गुट्टेदार के खिलाफ आरोप सच हैं या सिर्फ़ पॉलिटिकल शोर।

Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।