ये कैसी व्यवस्था: Varanasi कैंट स्टेशन पर तीन वाहन स्टैंड

ये कैसी व्यवस्था: Varanasi कैंट स्टेशन पर तीन वाहन स्टैंड, किराए में जमीन-आसमान का फर्क; यात्रियों में बढ़ी नाराज़गी

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ये कैसी व्यवस्था: Varanasi कैंट स्टेशन पर तीन वाहन स्टैंड, किराए में जमीन-आसमान का फर्क; यात्रियों में बढ़ी नाराज़गी

Varanasi News- Varanasi कैंट रेलवे स्टेशन पर पार्किंग व्यवस्था इन दिनों यात्रियों की परेशानी का बड़ा कारण बनी हुई है। एक ही परिसर में संचालित तीन वाहन स्टैंडों पर अलग-अलग दरें वसूलने का मामला सामने आने के बाद यात्रियों में नाराजगी बढ़ गई है। कहीं 24 घंटे के लिए 25 रुपये लिए जा रहे हैं, तो वहीं दूसरे स्टैंड पर इसी अवधि के लिए सिर्फ 15 रुपये। यही नहीं, हेलमेट रखने से लेकर मासिक पास तक के शुल्क में भारी अंतर देखने को मिल रहा है। सवाल यह है कि आखिर एक ही स्टेशन पर किराया तय करने में इतनी असमानता क्यों है?

तीन स्टैंड, तीन तरह की व्यवस्था – यात्रियों में भ्रम और असमंजस

Varanasi कैंट स्टेशन पर इस समय तीन पार्किंग स्टैंड संचालित हैं :

  1. दूसरे प्रवेश द्वार के पास
  2. मुख्य प्रवेश द्वार (मेन गेट) के बगल में
  3. आरक्षण काउंटर के पास स्थित मोटरसाइकिल स्टैंड

इन तीनों स्टैंडों पर मिलाकर रोजाना करीब 2,000 से अधिक मोटरसाइकिलें खड़ी की जाती हैं। यात्रियों की संख्या और दैनिक दबाव को देखते हुए शुल्क की एकरूपता जरूरी है, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल विपरीत है। मुख्य द्वार के पास बने स्टैंड पर 24 घंटे का किराया 25 रुपये, जबकि आरक्षण काउंटर के पास स्थित स्टैंड मात्र 15 रुपये वसूल रहा है। यह अंतर सिर्फ 24 घंटे की पार्किंग तक सीमित नहीं है; हेलमेट शुल्क से लेकर मासिक पास तक में भी पूरी तरह अलग दरें लागू हैं।

केस-1: 30 रुपये की वसूली पर यात्री ने जताई आपत्ति

नदेसर निवासी नंदलाल दो दिन पहले अपने बेटे को कैंट स्टेशन छोड़ने पहुंचे थे। उन्होंने गाड़ी दूसरे प्रवेश द्वार पर थोड़ी देर के लिए रोकी ही थी कि स्टैंड के कर्मचारियों ने 30 रुपये मांग लिए।

नंदलाल का कहना है :

“दूसरे प्रवेश द्वार पर पार्किंग के नियम साफ नहीं हैं। लोग सिर्फ कुछ मिनट के लिए वाहन रोकते हैं, लेकिन कर्मचारी जबरन शुल्क वसूलने लगते हैं। आए दिन यहां विवाद देखने को मिलता है।”

इस घटना से साफ है कि नियमों की कमी का फायदा उठाकर मनमानी वसूली की जा रही है।

केस-2: मैन्युअल रसीद पर 25 रुपये, लेकिन दूसरे स्टैंड पर वही सेवा सस्ती

भिटारी इलाके के रवि अपने बड़े भाई को छोड़ने 1 दिसंबर को कैंट स्टेशन पहुंचे। उन्होंने बाइक पार्क की, लेकिन उन्हें मैन्युअल रसीद दी गई—जिसमें 4 घंटे के लिए 25 रुपये लिखे थे।

रवि ने बताया :

“पहले कंप्यूटर-प्रिंटेड रसीद दी जाती थी, जिसमें समय और नंबर दर्ज होता था। अब हाथ से लिखी रसीद देकर ज्यादा वसूली की जा रही है। आश्चर्य की बात है कि आरक्षण काउंटर वाले स्टैंड पर 24 घंटे के लिए ही 15 रुपये लिए जाते हैं। एक ही स्टेशन पर अलग-अलग किराया क्यों?”

उनकी शिकायत क्षेत्र के अन्य यात्रियों की आवाज़ बन चुकी है, जो रोजाना ऐसे हालात का सामना करते हैं।

कैंट स्टेशन के दो प्रमुख स्टैंडों का किराया तुलना

ये कैसी व्यवस्था: Varanasi कैंट स्टेशन पर तीन वाहन स्टैंड, किराए में जमीन-आसमान का फर्क; यात्रियों में बढ़ी नाराज़गी

1.प्लेटफॉर्म नंबर 9 और मेन गेट के पास स्टैंड

  • 0–6 घंटे: 10 रुपये
  •  0–12 घंटे: 15 रुपये
  • 0–24 घंटे: 25 रुपये
  • मासिक पास: 100 रुपये
  • हेलमेट (24 घंटे): मुफ्त

2.आरक्षण काउंटर के बगल वाला स्टैंड

  • 0–1 घंटा: 10 रुपये
  • 12–24 घंटे: 15 रुपये
  • 24 घंटे के बाद: प्रतिदिन 15 रुपये
  • मासिक पास: 200 रुपये
  • हेलमेट (24 घंटे): 4 रुपये

स्पष्ट अंतर:

  • मासिक पास में 100 और 200 रुपये का अंतर
  • हेलमेट शुल्क—एक जगह मुफ्त, दूसरी जगह 4 रुपये
  • 24 घंटे का किराया—25 के प्रति 15 रुपये

यात्रियों के अनुसार, इतनी बड़ी असमानता बिना प्रशासन की अनुमति के नहीं होनी चाहिए।

अन्य स्टेशनों पर किराया कम—क्यों सिर्फ कैंट पर मनमानी?

यात्रियों का कहना है कि बनारस स्टेशन और Varanasi सिटी स्टेशन पर साइकिल/मोटरसाइकिल पार्किंग शुल्क इससे कम है। कैंट स्टेशन पर अधिक किराया वसूला जाना कई सवाल खड़े करता है। यह वही स्टेशन है जहां से प्रतिदिन हजारों यात्री यात्रा शुरू करते हैं। ऐसे में पार्किंग के नाम पर मनमानी वसूली उनके लिए अतिरिक्त बोझ बन रही है।

क्या बोले अधिकारी? प्रशासन ने लिया संज्ञान

उत्तर रेलवे के एडीआरएम बीके यादव ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा :

“दूसरे प्रवेश द्वार पर यदि कोई यात्री सिर्फ छोड़ने या लेने आता है तो उससे किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जा सकता। अगर ऐसा हो रहा है तो कार्रवाई की जाएगी। साथ ही दो स्टैंडों पर अलग-अलग किराया वसूला जा रहा है, इस पर भी जिम्मेदारों से बात की जाएगी।”

अधिकारी के बयान से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में जांच और सुधार की कार्रवाई संभव है।

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Preeti Dubey
Author: Preeti Dubey

कंटेंट राइटिंग में 9 महीने के अनुभव के साथ, मैं उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और चिकित्सा क्षेत्र पर केंद्रित आकर्षक और अच्छी तरह से शोध किए गए समाचार लेख लिखने में माहिर हूँ। मेरे लेखन में सटीकता और पाठक-अनुकूल कहानी कहने का मिश्रण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर लेख स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी प्रदान करे। पत्रकारिता और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के प्रति जुनूनी, मैं पाठकों को स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय मामलों से जुड़े नवीनतम अपडेट और घटनाक्रमों से अवगत और जोड़े रखने का प्रयास करती हूँ।