Varanasi Ropeway: अब सस्ता होगा रोपवे का सफर

Varanasi Ropeway: अब सस्ता होगा रोपवे का सफर

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Varanasi Ropeway: अब सस्ता होगा रोपवे का सफर, 4 किलोमीटर के लिए सिर्फ 40 रुपये, श्रद्धालुओं के लिए बनेगा विशेष पास

Varanasi Ropeway: विश्वप्रसिद्ध धार्मिक नगरी काशी के लोगों और यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। Varanasi में बन रहा Ropeway अब जल्द ही यात्रियों के लिए शुरू होने वाला है। इस रोपवे के किराये का ब्लूप्रिंट तैयार कर लिया गया है और इसका सफर अब बेहद सस्ता और सुविधाजनक होने जा रहा है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया तक चार किलोमीटर लंबे इस रूट के लिए यात्रियों को सिर्फ 40 रुपये चुकाने होंगे, यानी प्रति किलोमीटर 10 रुपये का किराया तय किया गया है।

Varanasi Ropeway: अब सस्ता होगा रोपवे का सफर

यह निर्णय किराया निर्धारण कमेटी की बैठक में लिया गया है। यह कमेटी अब तक लखनऊ में दो बार बैठक कर चुकी है, जिसमें किराया दर को लेकर सहमति बनी। कमेटी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि Varanasi Ropeway का किराया ऑटो और ई-रिक्शा से कम हो ताकि स्थानीय नागरिकों के साथ ही पर्यटक भी इसका लाभ उठा सकें।

वर्तमान में ऑटो चालक कैंट से गोदौलिया तक की दूरी के लिए लगभग 50 से 80 रुपये तक और ई-रिक्शा चालक लगभग 40 से 60 रुपये तक किराया वसूलते हैं। वहीं, रोपवे के जरिये यह यात्रा केवल 40 रुपये में पूरी हो सकेगी। इससे न केवल यात्रियों को आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या से भी काफी हद तक निजात मिलेगी।

श्रद्धालुओं के लिए पास की विशेष सुविधा

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए Varanasi Ropeway प्रबंधन ने विशेष योजना तैयार की है। इसके तहत श्रद्धालुओं के लिए एक महीने, तीन महीने, छह महीने और एक साल तक की अवधि वाले पास जारी किए जाएंगे। इन पासों की कीमत दैनिक किराये से भी कम रखी जाएगी, जिससे नियमित आने-जाने वाले श्रद्धालु सस्ती दरों पर यात्रा कर सकेंगे।

पास सिस्टम लागू होने के बाद श्रद्धालुओं को बार-बार टिकट लेने की परेशानी नहीं होगी। वे एक बार पास बनवाकर मनचाहे समय पर Ropeway सेवा का लाभ उठा सकेंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि Varanasi Ropeway के संचालन में भी सुगमता आएगी।

पहले चरण में चार स्टेशन तैयार, दूसरे चरण का सर्वे शुरू

रोपवे परियोजना के पहले चरण में कुल चार स्टेशन बनाए जा रहे हैं—कैंट, काशी विद्यापीठ, रथयात्रा और गोदौलिया। इनमें से तीन स्टेशन (कैंट, काशी विद्यापीठ और रथयात्रा) का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है और ट्रायल रन भी चल रहा है। गोदौलिया स्टेशन का निर्माण तेजी से जारी है और इसे नए साल तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

दूसरे चरण की तैयारी भी शुरू हो चुकी है। इसमें गोदौलिया से गंगा घाटों को जोड़ने की योजना है। इस विस्तार के बाद यात्रियों को सीधे नमो घाट और रामनगर तक रोपवे से पहुंचने की सुविधा मिलेगी। यह विस्तार काशी के पर्यटन को नई दिशा देगा, क्योंकि गंगा किनारे के घाटों को जोड़ने से धार्मिक यात्राओं और पर्यटन दोनों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

Varanasi Ropeway: अब सस्ता होगा रोपवे का सफर

किराया निर्धारण कमेटी और योजना का ढांचा

Varanasi Ropeway परियोजना के तहत चार सदस्यीय किराया निर्धारण कमेटी गठित की गई है।

  • अध्यक्ष: प्रमुख सचिव, शहरी विकास विभाग
  • सदस्य: वीडीए उपाध्यक्ष, एनएचएलएमएल (National Highways Logistics Management Limited) और यूपी मेट्रो कॉर्पोरेशन के अधिकारी

यह कमेटी न केवल किराया तय करने की जिम्मेदारी निभा रही है, बल्कि संचालन नीतियों, यात्रियों की सुरक्षा और रखरखाव की भी योजना बना रही है। कमेटी के सदस्यों का मानना है कि कैंट रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 95 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, जिनमें से अधिकतर रथयात्रा, गोदौलिया और काशी विश्वनाथ मंदिर तक जाते हैं। ऐसे में रोपवे से इस क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव कम होने की पूरी संभावना है।

नए साल से शुरू होगा संचालन

Varanasi Ropeway के संचालन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। निर्माण कार्य तेजी से अंतिम चरण में है और नए साल से इसके औपचारिक शुभारंभ की उम्मीद है। इस प्रोजेक्ट के लिए यूपी एरियल एक्ट बनाया गया है, जिससे इसके संचालन और प्रबंधन के लिए कानूनी ढांचा तैयार हो चुका है।

वाराणसी इस प्रोजेक्ट के साथ देश का पहला ऐसा शहर बनने जा रहा है, जहां शहर के भीतर सार्वजनिक परिवहन के रूप में रोपवे सेवा शुरू होगी। इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि शहर की सड़कों पर जाम की समस्या में भी भारी कमी आएगी।

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स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द

Varanasi Ropeway शहर के परिवहन व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव लाने जा रहा है। यह सिर्फ एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि काशी के विकास और पर्यटन को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला कदम है। 40 रुपये के सस्ते किराये और श्रद्धालुओं के लिए बनाए जाने वाले पास सिस्टम से लोगों की यात्रा आसान और सुलभ होगी।

जब यह सेवा नए साल से शुरू होगी, तब काशी के लोग और श्रद्धालु Ropeway के जरिये “आकाश मार्ग” से भगवान विश्वनाथ के दर्शन करने जा सकेंगे। यह आधुनिकता और आस्था का अनोखा संगम होगा—जहां परंपरा और तकनीक एक साथ कदम बढ़ा रही हैं।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।