शिमला से भी ठंडा रहा Varanasi

शिमला से भी ठंडा रहा Varanasi, कोहरे और कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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शिमला से भी ठंडा रहा Varanasi, कोहरे और कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त

Varanasi में सर्दी ने इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। लगातार तीसरे दिन धूप न निकल पाने से शहर भीषण ठंड की चपेट में है। घने कोहरे की सघन परत ने न सिर्फ तापमान को सामान्य से काफी नीचे पहुंचा दिया, बल्कि जनजीवन को भी पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। हालात ऐसे रहे कि Varanasi, शिमला, सिलीगुड़ी, कटरा और धर्मशाला जैसे ठंडे हिल स्टेशनों से भी ज्यादा ठंडा दर्ज किया गया।

शनिवार को भी सुबह से ही कोहरा इस कदर छाया रहा कि दृश्यता महज 200 मीटर तक सिमट गई। बाद में दिन चढ़ने के साथ यह बढ़कर 600 मीटर तक पहुंची, लेकिन सूरज पूरे दिन नजर नहीं आया। Varanasi Weather की बात करें तो अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जिससे शहर में एक बार फिर अति शीत दिवस की स्थिति बन गई।

उत्तरी-पश्चिमी हवाओं ने बढ़ाई गलन

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, जमीन की सतह से कुछ ऊंचाई पर जमी कोहरे की मोटी परत ने ठंड को और तीखा बना दिया। इस दौरान लगभग आठ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही उत्तरी-पश्चिमी बर्फीली हवाओं ने वातावरण को और सर्द कर दिया। दोपहर होते-होते गलन इस कदर बढ़ गई कि गर्म कपड़ों के बावजूद ठंड हड्डियों तक महसूस होने लगी।

यातायात और आवागमन पर गहरा असर

शिमला से भी ठंडा रहा Varanasi, कोहरे और कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त

घने कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क, रेल और हवाई यातायात पर देखने को मिला। सड़कों पर सुबह करीब 10 बजे तक वाहनों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। कई प्रमुख मार्गों पर रफ्तार थमी रही और लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

रेलवे परिचालन भी बुरी तरह प्रभावित हुआ

कोहरे के कारण पांच ट्रेनें पूरी तरह निरस्त कर दी गईं, जबकि 15 से अधिक ट्रेनें डेढ़ घंटे से लेकर लगभग पौने ग्यारह घंटे तक देरी से चलीं। यात्रियों को स्टेशन पर ठिठुरते हुए घंटों इंतजार करना पड़ा।

हवाई यातायात की स्थिति भी बेहतर नहीं रही

तीन विमानों की उड़ान रद्द करनी पड़ी, जबकि कई अन्य उड़ानें घंटों की देरी से संचालित हुईं। इससे खासतौर पर बाहर जाने वाले और आने वाले यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।

अलाव और हीटर के सहारे दिन गुजरा

भीषण ठंड का असर आम जनजीवन पर साफ दिखा। लोग दिनभर अलाव, हीटर और ब्लोअर के आसपास सिमटे रहे। बाजारों में भीड़ कम नजर आई और सुबह के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को खास दिक्कतें हुईं।

तापमान का हाल

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बाबतपुर क्षेत्र में अधिकतम तापमान सामान्य से 6.5 डिग्री कम होकर 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे शनिवार को फिर अति शीत दिवस घोषित हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान सामान्य से 1.7 डिग्री अधिक 11.2 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू क्षेत्र में अधिकतम तापमान बीते 24 घंटे की तुलना में लगभग दो डिग्री गिरकर 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब छह डिग्री कम है। यहां न्यूनतम तापमान 12.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक रहा। घने कोहरे की वजह से वातावरण में आर्द्रता 79 से 93 प्रतिशत के बीच बनी रही।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ स्थित आंचलिक कार्यालय के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सोमवार से मौसम में हल्का सुधार देखने को मिल सकता है। वहीं बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि रविवार को तापमान में हल्की और गिरावट संभव है। उनके मुताबिक, सोमवार को तापमान लगभग स्थिर रहेगा और मंगलवार यानी 23 दिसंबर से इसमें थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि राहत ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है। पाकिस्तान क्षेत्र में सक्रिय एक और पश्चिमी विक्षोभ का असर 25 दिसंबर के आसपास पूर्वी उत्तर प्रदेश तक पहुंच सकता है। इसके प्रभाव से एक बार फिर तापमान में गिरावट आएगी और कोहरे की सघनता बढ़ने की संभावना है।

सतर्क रहने की सलाह

मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर सुबह और रात के समय अनावश्यक यात्रा से बचने, गर्म कपड़े पहनने और कोहरे में वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता रखने की जरूरत है। कुल मिलाकर, Varanasi Weather की तस्वीर यही बताती है कि Varanasi इस समय भीषण ठंड और घने कोहरे की गिरफ्त में है। आने वाले दिनों में थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है, लेकिन दिसंबर के आखिरी सप्ताह में ठंड फिर अपना असर दिखा सकती है।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।