Varanasi सहित पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज

Varanasi सहित पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Varanasi सहित पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज, बादलों की सक्रियता बढ़ी; बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी

Varanasi समेत पूरे पूर्वांचल में मौसम अब नए साल में पहली बार करवट नजर आ रहा है। बीते कुछ दिनों से ठंड, कोहरा और साफ धूप के बीच गुजर रहे मौसम में अब बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले घंटों में बादलों की सक्रियता और बढ़ सकती है, जिससे हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि UP weather को लेकर विभाग ने अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, हालांकि फिलहाल वातावरण में नमी का स्तर बहुत अधिक नहीं है, लेकिन यदि पछुआ हवाओं के साथ नमी का सहयोग मिला, तो पूर्वांचल के कई हिस्सों में बारिश देखने को मिल सकती है। यह इस सीजन में दूसरी बार होगा जब क्षेत्र में बूंदाबांदी या हल्की बारिश दर्ज की जाएगी।

Varanasi सहित पूर्वांचल में बदला मौसम का मिजाज

सुबह कोहरा, दिन में धूप ने दी राहत

मंगलवार की सुबह Varanasi और आसपास के इलाकों में ठंडक के साथ गलन का असर देखने को मिला। शहर में हल्का कुहासा छाया रहा, जबकि ग्रामीण अंचलों में कोहरे का प्रभाव अधिक रहा। हालांकि सुबह आठ बजे के बाद सूरज के तेज होते ही कुहासा और कोहरा धीरे-धीरे छंटने लगा। इसके बाद आसमान साफ हुआ और धूप निकलने से ठंड का असर कुछ हद तक कम हो गया।

दिन चढ़ने के साथ वातावरण में ठंडक की जगह गुनगुनी धूप का अहसास होने लगा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव इस बात का संकेत है कि वातावरण में हलचल बढ़ रही है और आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा।

पछुआ हवा और नमी से बन रहा बारिश का योग

मौसम विभाग का मानना है कि फिलहाल मध्य उत्तर प्रदेश तक बादलों की सक्रियता देखी जा रही है। यदि पछुआ हवाओं का दबाव बना रहता है और वातावरण में नमी बढ़ती है, तो ये बादल पूर्वांचल तक पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नमी के साथ पछुआ का तालमेल बनने पर बादल पर्याप्त ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं, जिससे मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिलेगा। यही कारण है कि मौसम को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी जा रही है।

तापमान में मामूली उतार-चढ़ाव

बीते 24 घंटों के दौरान Varanasi में अधिकतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.5 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 12.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री अधिक है।

आर्द्रता की बात करें तो इस अवधि में न्यूनतम आर्द्रता 69 प्रतिशत और अधिकतम 90 प्रतिशत तक दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि यदि आर्द्रता का स्तर और बढ़ता है, तो इसका सीधा असर मौसम की गतिविधियों पर पड़ेगा।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद

संभावित बारिश को लेकर किसानों में भी उम्मीद जगी है। हल्की बूंदाबांदी से खेतों में नमी बढ़ेगी, जिससे रबी फसलों को लाभ मिल सकता है। खासकर गेहूं और सरसों की फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सीमित बारिश से जहां खेतों को राहत मिलेगी, वहीं तापमान में भी अत्यधिक उतार-चढ़ाव की संभावना कम हो जाएगी।

इन जिलों में बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी

लखनऊ स्थित मौसम विभाग कार्यालय ने UP weather को लेकर कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, Varanasi, संत रविदास नगर (भदोही), जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से बचें और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहें।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों तक पूर्वांचल में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। कभी धूप तो कभी बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। यदि बारिश होती है, तो ठंड में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन उसके बाद तापमान में फिर से उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।