Varanasi सहित पूर्वांचल में गलन का कहर, गुरुवार के लिए येलो अलर्ट जारी; ठंड से जनजीवन बेहाल
Varanasi सहित पूरे पूर्वांचल में कड़ाके की ठंड और गलन ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। बीते कुछ दिनों से लगातार ठंडी पछुआ हवाओं और घने कोहरे के कारण ठिठुरन बढ़ती जा रही है। मौसम विभाग ने इस स्थिति को देखते हुए 9 जनवरी तक अलर्ट जारी किया है, जबकि गुरुवार के लिए विशेष रूप से येलो अलर्ट घोषित किया गया है। पहाड़ों पर हो रही लगातार बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में देखने को मिल रहा है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।
मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में Varanasi का अधिकतम तापमान मात्र 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4.8 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो औसत से 1.8 डिग्री नीचे है। अधिकतम आर्द्रता 92 प्रतिशत और न्यूनतम 90 प्रतिशत रहने से ठंड के साथ गलन और ज्यादा बढ़ गई है। यही कारण है कि लोगों को ठंड से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है।
सुबह से छाया रहा कोहरा, रफ्तार पर लगा ब्रेक
गुरुवार की सुबह Varanasi और आसपास के ग्रामीण अंचलों में घना कोहरा देखने को मिला। तड़के तीन बजे के बाद शहर की तुलना में ग्रामीण इलाकों में कोहरे का असर अधिक रहा। हालांकि सूरज निकलने के बाद कुछ समय में कोहरा थोड़ा छंटा, लेकिन ठंडी हवाओं ने गलन का असर बरकरार रखा। सड़कों पर दृश्यता कम होने के कारण वाहन चालक बेहद सतर्क नजर आए और यातायात की रफ्तार सामान्य से काफी धीमी रही।
पूर्वांचल के कई इलाकों में सुबह-सुबह सफर करने वाले लोगों को खास परेशान होना पड़ा। हाईवे और संपर्क मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भी ठंड और कोहरे के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।
अलाव बने सहारा, ठंड से राहत की तलाश
सुबह उजाला होते ही Varanasi के चौक-चौराहों, गलियों और बस स्टैंड के आसपास अलाव जलते नजर आए। लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव के पास खड़े होकर हाथ सेंकते दिखाई दिए। खासकर मजदूर वर्ग, रिक्शा चालक और सुबह-सुबह निकलने वाले राहगीरों के लिए यह अलाव किसी सहारे से कम नहीं थे। गलन भरी हवाओं के बीच गर्म कपड़ों के बावजूद लोग ठिठुरते रहे।
मौसम विभाग का अलर्ट, अगले कुछ दिन भी सर्द
मौसम विभाग का कहना है कि यह ठंड का दौर अभी थमने वाला नहीं है। तीन दिन के अलर्ट के बीच गुरुवार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर आगे भी मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिलेगा। पछुआ हवाओं के तेज रहने की संभावना है, जिससे तापमान में और गिरावट हो सकती है।
मौसम विभाग ने साफ किया है कि आने वाले दिनों में भी कोहरा और गलन भरी हवाएं बनी रह सकती हैं। जरूरत पड़ने पर आगे के दिनों के लिए भी अलर्ट जारी किया जा सकता है। फिलहाल मौसम का रुख प्रारंभिक अनुमानों के अनुरूप ही बना हुआ है, लेकिन ठंड की तीव्रता में कमी के संकेत नहीं मिल रहे हैं।
जनजीवन पर असर, सतर्क रहने की सलाह
लगातार बढ़ती ठंड का असर आम जनजीवन के साथ-साथ स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है। साथ ही पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने और ठंडी हवा से बचाव करने पर जोर दिया जा रहा है।
इस समय लोगों के लिए चिंता का विषय ठंड बना हुआ है। ठंड, कोहरा और गलन ने शहर की रफ्तार को धीमा कर दिया है। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन और आम लोगों दोनों को सतर्क रहने की जरूरत है। फिलहाल पूर्वांचल सहित Varanasi में ठंड का यह तल्ख मिजाज आने वाले दिनों तक लोगों को परेशान करता नजर आ रहा है।
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Author: Rajesh Srivastava
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