Varanasi सहित पूर्वांचल में कोहरे का कहर

Varanasi सहित पूर्वांचल में कोहरे का कहर, गलन ने बढ़ाई मुश्किलें; पारा आठ डिग्री के करीब

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Varanasi सहित पूर्वांचल में कोहरे का कहर, गलन ने बढ़ाई मुश्किलें; पारा आठ डिग्री के करीब

Varanasi News – एक बार फिर ठंड और कोहरे की मार ने काशी सहित पूरे पूर्वांचल को अपनी चपेट में ले लिया है। सोमवार की सुबह Varanasi और आसपास के जिलों में घना कोहरा छाया रहा। न्यूनतम तापमान गिरकर आठ डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया, जिससे गलन ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। सुबह से ही सड़कों, हाइवे और रेल पटरियों पर कोहरे की मोटी चादर दिखी, जिसके कारण जनजीवन व्यापक स्तर पर प्रभावित रहा।

सोमवार तड़के जब लोग घरों से निकले तो ठंड के साथ गलन ने उन्हें कंपकंपा दिया। कोहरे की वजह से दृश्यता बेहद कम रही। कई इलाकों में तो कुछ ही मीटर आगे देख पाना मुश्किल हो गया। इसका सीधा असर यातायात पर पड़ा। हाईवे पर वाहन रेंगते नजर आए, जबकि शहर के भीतर भी सुबह के समय ट्रैफिक की रफ्तार धीमी रही।

रेल और विमान सेवाएं हुईं प्रभावित

कोहरे और गलन का सबसे ज्यादा असर रेल और विमान सेवाओं पर देखने को मिला। सोमवार की सुबह एक विमान रद्द करना पड़ा, जबकि दो विमान देरी से संचालित हुए। इससे यात्रियों को खास परेशान होना पड़ा। रेल सेवाओं की बात करें तो कई प्रमुख ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

14213/14 Varanasi–बहराइच एक्सप्रेस और 15159 सारनाथ एक्सप्रेस को निरस्त कर दिया गया। इसके अलावा 22436 वंदे भारत एक्सप्रेस करीब एक घंटे देरी से चली। 12560 शिवगंगा एक्सप्रेस लगभग 2 घंटे 45 मिनट विलंबित रही, जबकि 12562 स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस को 6 घंटे 36 मिनट की देरी झेलनी पड़ी। 12582 नई दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब 6 घंटे, 18523 विशाखापत्तनम–बनारस एक्सप्रेस 4 घंटे 15 मिनट और 12370 कुंभ एक्सप्रेस लगभग साढ़े तीन घंटे देरी से पहुंची। स्टेशन पर यात्रियों को ठंड में लंबा इंतजार करना पड़ा, जिससे नाराजगी भी देखने को मिली।

तापमान में आई बड़ी गिरावट

Varanasi सहित पूर्वांचल में कोहरे का कहर, गलन ने बढ़ाई मुश्किलें; पारा आठ डिग्री के करीब

बीते 24 घंटों के मौसम पर नजर डालें तो अधिकतम तापमान 18.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 5.6 डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 8.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो औसत से 0.7 डिग्री कम है। आर्द्रता का स्तर भी काफी ऊंचा रहा। न्यूनतम आर्द्रता 81 प्रतिशत और अधिकतम 95 प्रतिशत दर्ज की गई, जिससे ठंड के साथ गलन और ज्यादा महसूस हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पछुआ हवाओं के चलते पहाड़ों से आ रही बर्फीली हवाएं पूरे पूर्वांचल को प्रभावित कर रही हैं। यही कारण है कि ठंड का असर सामान्य से कहीं अधिक महसूस किया जा रहा है। सुबह और देर रात के समय हालात और भी कठिन हो जा रहे हैं।

पूरे सप्ताह राहत के आसार नहीं

मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले पूरे सप्ताह तक Varanasi और पूर्वांचल में सुबह के समय सघन कोहरे का दौर जारी रह सकता है। गलन की वजह से जनजीवन प्रभावित बना रहेगा। विभाग ने फिलहाल किसी भी प्रकार की मौसमी राहत की संभावना से इनकार किया है। विशेषज्ञों के मुताबिक पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच रहा है। यदि यह सिलसिला यूं ही जारी रहा तो तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है। ऐसे में पाला पड़ने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

आमजन की बढ़ी परेशानी

ठंड और कोहरे के चलते सुबह-सुबह काम पर निकलने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल जाने वाले बच्चों और दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों में भी सुबह के समय सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम से ही घरों से बाहर निकलते नजर आए। स्वतंत्र वाणी News के इस मौसम अपडेट से साफ है कि काशी और पूर्वांचल में ठंड का प्रकोप अभी और बढ़ सकता है। ऐसे में मौसम विभाग की सलाह है कि लोग सतर्क रहें, कोहरे में वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और ठंड से बचाव के लिए जरूरी इंतजाम करें। आने वाले दिनों में मौसम का यही मिजाज रहा तो जनजीवन पर इसका असर और गहरा हो सकता है।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।