Varanasi में बारिश ने तोड़ा 125 साल पुराना रिकॉर्ड, BHU में कमर तक पानी — आज आठवीं तक के स्कूल बंद
Varanasi में लगातार बारिश से जनजीवन ठप, कई इलाकों में जलभराव, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट । Varanasi में शुक्रवार की बारिश ने इतिहास बदल दिया। सुबह से लेकर देर रात तक लगातार बारिश ने शहर को थाम दिया। इस दौरान 140.8 मिमी बारिश दर्ज की गई — जो कि बीते 125 साल का रिकॉर्ड तोड़ने वाली बारिश रही। इससे पहले, 9 अक्टूबर 1900 को 138.9 मिमी वर्षा दर्ज की गई थी। बीएचयू स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार यह इस मानसूनी सीजन की दूसरी सबसे भारी बारिश है। इससे पहले 23 अगस्त को 162 मिमी बारिश हुई थी।
मौसम विभाग के मुताबिक, शनिवार और रविवार को भी मूसलाधार बारिश की संभावना बनी हुई है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने शनिवार को कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया है।

BHU परिसर में कमर तक पानी, अस्पताल में मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं
बारिश का असर सबसे ज्यादा बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) परिसर में देखा गया। विश्वविद्यालय के सरसुंदरलाल अस्पताल में कमर तक पानी भर गया, जिससे मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी। कई वार्डों में गंदा पानी घुसने के कारण अस्पताल कर्मियों को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
विश्वविद्यालय परिसर के आवासीय इलाकों और मुख्य मार्गों पर भी जलभराव देखने को मिला। बीएचयू गेट से लेकर लंका तक के मार्ग पर ट्रैफिक रेंगता रहा। वहीं, शहर के अन्य हिस्सों में भी हालात इतने खराब रहे कि लोग मजबूरी में घंटों पानी में फंसे रहे।
नाटी इमली का भरत मिलाप — बारिश में भी परंपरा बरकरार
भारी बारिश के बीच भी वाराणसी की परंपरा नहीं टूटी। नाटी इमली में आयोजित भरत मिलाप कार्यक्रम में यदुवंशियों ने भीगते हुए 145 साल पुरानी परंपरा को निभाया। बारिश में भी करीब 20 हजार लोग इस धार्मिक आयोजन को देखने पहुंचे। श्रद्धालुओं के उत्साह के आगे मौसम का कहर फीका पड़ गया।
जलभराव से पस्त शहर — पॉश इलाकों से लेकर गलियों तक पानी ही पानी
शुक्रवार सुबह आठ बजे से शुरू हुई हल्की बारिश ने दस बजे के बाद रफ्तार पकड़ ली। दोपहर ढाई बजे से लेकर रात आठ बजे तक लगातार मूसलाधार बारिश होती रही। शहर के निचले इलाकों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक हर जगह जलभराव देखने को मिला।
रवींद्रपुरी कॉलोनी, सामनेघाट मार्ग, भगवानपुर, सुसुवाही, महामनापुरी, चितईपुर, ककरमत्ता और सुंदरपुर जैसे इलाकों में सड़कों पर पानी लबालब भर गया। कई घरों में पानी घुस गया, जिससे लोगों को घर से निकलना भी मुश्किल हो गया।

बनारस रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 के पास भी मुख्य मार्ग पर पानी भर गया। वहीं गुरुबाग, रथयात्रा, गोदौलिया, कमच्छा, औरंगाबाद, कालीमहाल, पानदरीबा, पितृकुंड और लल्लापुरा जैसे इलाकों में घुटनों तक पानी लग गया। शेख सलीम फाटक से कालीमहल मार्ग पर तो कमर तक पानी होने से पैडल रिक्शा चालकों ने आगे बढ़ने से इनकार कर दिया।
जलभराव से जल्दी बंद हुए बाजार
शाम होते-होते बारिश और जलभराव से परेशान होकर कई बाजार जल्दी बंद कर दिए गए। दुकानदारों ने सुरक्षा के मद्देनजर सात बजे तक ही दुकानें बंद कर दीं। पंडालों में भी पानी भर जाने से दुर्गा विसर्जन से पहले की तैयारियां अधूरी रह गईं।
मैदागिन, दारानगर, हुकुलगंज, खजुरी, सारनाथ, शिवपुर और तरना जैसे इलाकों में भी लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अंधरापुल, फातमान रोड और गुरुधाम चौराहा के आसपास तो ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया।
सिद्धगिरीबाग में जर्जर भवन की दीवार गिरी
शुक्रवार शाम को सिद्धगिरीबाग मोहल्ले में एक जर्जर भवन की दीवार अचानक गिर गई। मलबा सड़क पर गिरने से आवागमन बाधित हो गया। सौभाग्य से कोई हताहत नहीं हुआ। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पार्षद सिंधु सोनकर को दी। देर रात नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मलबा हटाने का काम शुरू किया।
नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि भवन स्वामी को पहले ही नोटिस जारी किया गया था, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं की गई। अब मलबा हटाने और संरचना को पूरी तरह गिराने का काम किया जा रहा है।
प्रशासन सतर्क, ऑनलाइन चलेंगी कक्षाएं
भारी बारिश के कारण वाराणसी जिला प्रशासन ने सभी बोर्डों — सरकारी, मान्यता प्राप्त, निजी, सीबीएसई और आईसीएसई — के स्कूलों में कक्षा 1 से 8 तक की भौतिक कक्षाएं स्थगित कर दी हैं। बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने शुक्रवार देर रात आदेश जारी करते हुए बताया कि शनिवार को सभी कक्षाएं ऑनलाइन मोड में संचालित होंगी।
खंड शिक्षाधिकारियों को मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
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लोग बोले — सावन-भादों को भी पीछे छोड़ गई यह बारिश
शहर के लोगों में सिर्फ एक ही चर्चा थी — “इतनी बारिश तो सावन-भादों में भी नहीं हुई।” लगातार पानी गिरने से लोग घरों में कैद होकर रह गए। सड़कें नदी जैसी और गलियां तालाब जैसी लग रही थीं। बुजुर्गों का कहना है कि उन्होंने पिछले कई दशकों में ऐसी बारिश नहीं देखी।
निष्कर्ष: बरसात बनी बनारस की परीक्षा
Varanasi में शुक्रवार की बारिश ने यह साबित कर दिया कि शहर का जलनिकासी तंत्र अब भी नाकाफी है। हालांकि प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है, लेकिन शहर के लोगों को अब भी जलभराव, ट्रैफिक और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










