Varanasi में आज से एक हफ्ते तक रूट डायवर्जन, काशी विश्वनाथ मंदिर की ओर नहीं जाएंगे वाहन; नए साल से पहले ट्रैफिक पर कड़ा नियंत्रण
नए साल से पहले ही Varanasi में सैलानियों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन और गंगा घाटों पर नाव विहार के लिए देश-विदेश से पर्यटक पहुंच रहे हैं। बढ़ती भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने आज सोमवार से एक हफ्ते के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। इसके तहत काशी विश्वनाथ मंदिर, गोदौलिया और आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही पर सख्त पाबंदियां रहेंगी।
29 दिसंबर से 5 जनवरी तक लागू रहेगा डायवर्जन प्लान
Varanasi में नए साल के जश्न के दौरान उमड़ने वाली भीड़ को ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक का विशेष यातायात डायवर्जन प्लान तैयार किया है। एडीसीपी ट्रैफिक अंशुमान मिश्रा ने बताया कि भीड़ की स्थिति के अनुसार अतिरिक्त प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। मंदिर क्षेत्र और गोदौलिया की ओर वाहनों का पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, ताकि श्रद्धालुओं को पैदल आवाजाही में किसी तरह की परेशानी न हो।
उन्होंने बताया कि यदि भीड़ सामान्य भी रहती है, तब भी 5 जनवरी तक जगतगंज, लहुराबीर, मैदागिन, विश्वेश्वरगंज और गोलगड्डा क्षेत्रों में बड़े चार पहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा ब्रॉडवे तिराहा, अग्रवाल तिराहा, सोनारपुरा और गोदौलिया की ओर भी इन वाहनों का प्रवेश नहीं होगा।
भीड़ बढ़ने पर इन रास्तों से होगा डायवर्जन
यातायात विभाग ने भीड़ बढ़ने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों की भी व्यवस्था की है। जगतगंज से लहुराबीर जाने वाले वाहनों को चौकाघाट अथवा तेलियाबाग की ओर डायवर्ट किया जाएगा। गोलगड्डा से आने वाले वाहनों को राजघाट की ओर मोड़ा जाएगा। इसी तरह विश्वेश्वरगंज से वाहन गोलगड्डा की ओर नहीं जा सकेंगे, जबकि भेलूपुर से सोनारपुरा की ओर वाहनों का प्रवेश भी प्रतिबंधित रहेगा। इन सभी वाहनों को ब्रॉडवे होटल की ओर डायवर्ट किया जाएगा। भीड़ अधिक होने पर ब्रॉडवे होटल से अग्रवाल तिराहा की ओर वाहनों का आवागमन भी रोक दिया जाएगा और उन्हें रवींद्रपुरी की ओर भेजा जाएगा।
अस्सी और घाट क्षेत्रों में भी कड़े प्रतिबंध
नए साल के दौरान अस्सी घाट और आसपास के इलाकों में भी भारी भीड़ की संभावना रहती है। इसे देखते हुए बैंक ऑफ बड़ौदा तिराहा से अस्सी की ओर वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। इन वाहनों को रविदास गेट की ओर मोड़ा जाएगा। नगवां चौराहे से वाहनों को रविदास घाट और अस्सी घाट की ओर जाने से रोका जाएगा और उन्हें बीएचयू ट्रामा सेंटर की ओर भेजा जाएगा। वहीं पद्मश्री चौराहे से अस्सी की ओर वाहनों का प्रवेश बंद रहेगा और उन्हें रवींद्रपुरी की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
यातायात प्रबंधन में अहम भूमिका निभाएंगी काशी की गलियां
भविष्य में Varanasi की संकरी गलियों को भी यातायात प्रबंधन का अहम हिस्सा बनाया जाएगा। इसके लिए एक विशेष योजना पर काम चल रहा है। ‘मेक इन इंडिया’ के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पैदल नेविगेशन और क्राउड इंटेलिजेंस ऐप विकसित किया जा रहा है। यह ऐप खास तौर पर Varanasi जैसे घनी आबादी और ऐतिहासिक संरचना वाले शहरों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया कि टोयोटा मोबिलिटी फाउंडेशन की सस्टेनेबल सिटीज चैलेंज के तहत Varanasi को वेनिस और डेट्रॉइट जैसे वैश्विक शहरों के साथ शामिल किया गया है। प्रारंभिक चरण में 10 कंपनियों का चयन किया गया था, जिनमें से बाद में पांच कंपनियां चुनी गईं। ये कंपनियां काशी में ट्रैफिक, क्राउड मैनेजमेंट और आधुनिक समाधानों पर काम कर रही हैं।
वोजिक एआई के सीईओ अर्जित विश्वास के अनुसार, यह ऐप पारंपरिक नेविगेशन ऐप्स से अलग होगा। यह रियल टाइम डेटा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से भीड़भाड़ वाले मार्गों से बचाते हुए वैकल्पिक गलियों, पैदल रास्तों और नजदीकी दर्शनीय स्थलों की जानकारी देगा। फिलहाल इस ऐप का परीक्षण किया जा रहा है।
कुल मिलाकर, नए साल से पहले varanasi में ट्रैफिक डायवर्जन और स्मार्ट मैनेजमेंट की यह पहल श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित व सुगम अनुभव देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित रूट और नियमों का पालन करें, ताकि Varanasi में नए साल का स्वागत शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से हो सके।
खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।
Author: Rajesh Srivastava
राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।











