तीन दिवसीय MSME सेवा पर्व आज से होगा शुरू, Varanasi में दिखेगी स्थानीय कारीगरों की चमक
Varanasi News : Varanasi की धरती एक बार फिर ऐतिहासिक आयोजन की गवाह बनने जा रही है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) की ओर से आज से तीन दिवसीय एमएसएमई सेवा पर्व-2025 की शुरुआत हो रही है। यह आयोजन 28 से 30 सितंबर तक चलेगा और इसका उद्घाटन केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है – “विरासत से विकास”, यानी हमारी परंपरागत कला, शिल्प और उद्यमिता को आधुनिक अवसरों से जोड़ना।
आयोजन स्थल और भव्य तैयारियाँ
यह प्रदेश स्तरीय आयोजन Varanasi के सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान सरकार की मदद से बनवाया था। तीन दिनों तक यह केंद्र न केवल प्रशासनिक और व्यावसायिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि स्थानीय कला और संस्कृति की झलक भी दिखाएगा। आयोजन के लिए 120 विशेष स्टॉल लगाए गए हैं, जिन पर कारीगर और शिल्पकार अपने हाथों से बनाए गए उत्पाद प्रदर्शित करेंगे।
इन स्टॉलों पर आने वाले लोग न सिर्फ कला को देख पाएंगे, बल्कि सीधे खरीदारी भी कर सकेंगे। इससे न केवल कलाकारों और उद्यमियों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि Varanasi की पारंपरिक कारीगरी को एक बड़ा बाजार भी उपलब्ध होगा।
विशिष्ट अतिथि और कार्यक्रम की झलक
इस आयोजन की अध्यक्षता केंद्रीय राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे करेंगी। वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री नंदगोपाल नंदी और खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार बतौर विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, खादी एवं ग्रामोद्योग योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति केंद्र योजना के 1500 से अधिक लाभार्थी शामिल होंगे। इन योजनाओं का उद्देश्य स्वरोजगार को बढ़ावा देना और छोटे उद्यमों को मजबूती देना है।

स्वच्छता अभियान से होगी शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत रविवार सुबह नमो घाट से स्वच्छता अभियान के साथ होगी। संयुक्त सचिव अतीश कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ स्वच्छता को बढ़ावा देना ही नहीं, बल्कि समाज को यह संदेश देना है कि विकास और विरासत तभी टिकाऊ होंगे, जब हम अपने परिवेश को स्वच्छ रखेंगे।
मंत्रालय और अधिकारियों के विचार
राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (NSIC) के जीएम उमेश दीक्षित ने बताया कि इस आयोजन का मकसद सिर्फ व्यापारिक नहीं है, बल्कि यह समुदायों और संस्थाओं को सेवा, सांस्कृतिक गौरव और विरासत के प्रति जागरूक करना है। उनके अनुसार, Varanasi जैसे शहर में यह कार्यक्रम विशेष महत्व रखता है क्योंकि यहां की कला और शिल्पकला न केवल भारत बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है।
संयुक्त सचिव मिलिंद रामटेके ने भी आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया और कहा कि इस पर्व के जरिए सरकार छोटे उद्यमों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
स्थानीय कारीगरों और शिल्पकारों की उम्मीदें
Varanasi और आसपास के क्षेत्रों में हजारों कारीगर हैं, जो वर्षों से बुनाई, हस्तशिल्प, काष्ठकला, पीतल, टेराकोटा और अन्य कलाओं से जुड़े हुए हैं। लेकिन बदलते समय में उन्हें बाजार और तकनीकी सहायता की कमी महसूस होती है। ऐसे में एमएसएमई सेवा पर्व उनके लिए सुनहरा अवसर है।
कारीगरों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से उन्हें अपनी कला को न सिर्फ प्रदर्शित करने का मौका मिलेगा बल्कि ग्राहकों से सीधे जुड़ने का अवसर भी मिलेगा। इससे बिचौलियों की समस्या खत्म होगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
यह भी पढ़ें – Varanasi के U.P College में पहली बार पहुंचे 93 पीएचडी स्कॉलर्स का स्वागत
Varanasi के लिए विशेष महत्व
Varanasi केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि व्यापारिक और शिल्पकारी के लिए भी विश्व प्रसिद्ध है। यहां की बनारसी साड़ी, जरी-जरदोजी का काम, लकड़ी की नक्काशी, मिट्टी के बर्तन और पीतल के शिल्प पूरी दुनिया में अपनी पहचान रखते हैं। ऐसे में जब Varanasi में यह आयोजन सुर्खियों में है, तो इसका प्रभाव निश्चित रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जाएगा।
यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय कलाकारों के लिए मंच बनेगा बल्कि उद्यमियों और निवेशकों के लिए भी नेटवर्किंग का अवसर पैदा करेगा।
स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द
MSME सेवा पर्व-2025 सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है। इससे वाराणसी जैसे पारंपरिक और आधुनिकता के संगम शहर में छोटे उद्यमों और कारीगरों को नई पहचान मिलेगी। आने वाले तीन दिन निश्चित रूप से बनारस की कला, संस्कृति और उद्यमिता के लिए यादगार साबित होंगे।
खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।
Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










