Uttar Pradesh School Closed: भीषण सर्दी का असर, Lucknow–Varanasi के बाद 4 और जिलों में बढ़ी स्कूलों की छुट्टी, आठवीं तक बंद शिक्षण संस्थान
Uttar Pradesh में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी का असर अब मैदानी राज्यों तक साफ दिखाई देने लगा है। Uttar Pradesh में शीतलहर और घने कोहरे के चलते हालात ऐसे बन गए हैं कि सुबह घर से निकलना मुश्किल हो रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कई जिलों में स्कूलों की छुट्टी बढ़ाने का फैसला लिया है। School को लेकर जारी आदेशों से अभिभावकों और छात्रों को बड़ी राहत मिली है।
इन जिलों में आठवीं तक स्कूल बंद
भीषण सर्दी और गिरते तापमान को देखते हुए Lucknow, Varanasi के बाद अब प्रयागराज, रायबरेली, मेरठ और बिजनौर जिलों में भी सभी बोर्ड के कक्षा आठवीं तक के स्कूलों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। जिलाधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, यह फैसला पूरी तरह मौसम की गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
जिलावार छुट्टियों की अवधि की बात करें तो—
- Lucknow में तीन दिन के लिए स्कूल बंद रहेंगे।
- बिजनौर में एक दिन की छुट्टी घोषित की गई है।
- मेरठ में दो दिन तक स्कूल बंद रहेंगे।
- रायबरेली में तीन दिन की छुट्टी दी गई है।
- Varanasi में एक दिन के लिए कक्षा आठ तक के स्कूल बंद रहेंगे।
- प्रयागराज में 15 जनवरी तक आठवीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश रहेगा।
इसके अलावा शामली जिले में हालात को देखते हुए 12वीं तक के सभी स्कूलों को दो दिन के लिए बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।
आदेश न मानने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि कोई भी स्कूल आदेशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं ताकि आदेशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। Uttar Pradesh School Closed को लेकर जारी दिशा-निर्देश सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त विद्यालयों पर समान रूप से लागू होंगे।
अभिभावकों ने ली राहत की सांस
लगातार बढ़ती ठंड और सुबह के समय घने कोहरे के कारण बच्चों को स्कूल भेजना अभिभावकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गया था। ऐसे में स्कूल बंद रखने के फैसले से अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। कई अभिभावकों का कहना है कि ठंडी हवाएं, कम दृश्यता और गिरता तापमान बच्चों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता था। प्रदेश के कई जिलों में न्यूनतम तापमान लगातार गिर रहा है। सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता बेहद कम रहने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे हालात में प्रशासन का यह फैसला समय पर और जरूरी माना जा रहा है।
आगरा में दिन का तापमान सबसे कम
दिन के अधिकतम तापमान में गिरावट के मामले में आगरा प्रदेश में सबसे आगे रहा। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से 5.8 डिग्री सेल्सियस नीचे गिरकर सिर्फ 13.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो पूरे यूपी में दिन का सबसे कम तापमान रहा।
इसके अलावा—
- बरेली में 14.6 डिग्री
- शाहजहांपुर में 14.8 डिग्री
बुलंदशहर में 14.8 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं बस्ती में दिन का पारा सामान्य से रिकॉर्ड 6.6 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया, जिससे ठंड का असर और भी ज्यादा महसूस किया गया।
शून्य विजिबिलिटी से थमी रफ्तार
घने कोहरे ने सड़क और हवाई यातायात दोनों को बुरी तरह प्रभावित किया है। सुबह के समय गोरखपुर (आईएएफ) और आजमगढ़ एयरपोर्ट पर विजिबिलिटी शून्य दर्ज की गई। गोरखपुर शहर और बलिया में दृश्यता मात्र 30 मीटर रही। फतेहगढ़ में 50 मीटर, शाहजहांपुर में 70 मीटर, जबकि Varanasi एयरपोर्ट, बस्ती और कानपुर (आईएएफ) में 100 मीटर तक विजिबिलिटी दर्ज की गई। Lucknow एयरपोर्ट पर दृश्यता 150 मीटर रही। पूर्वी यूपी में कोहरे का कहर अभी भी जारी है, हालांकि हवाओं की दिशा बदलने से घनत्व में थोड़ी कमी जरूर आई है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने के बाद आ रही शुष्क हवाओं के कारण अगले दो दिनों तक रातें बेहद सर्द बनी रहेंगी। हालांकि, कोहरे के घनत्व और उसके दायरे में धीरे-धीरे कमी आएगी। धूप निकलने से दिन के तापमान में क्रमिक सुधार होगा और अगले 48 घंटों के बाद ठंड से कुछ राहत मिलने की संभावना है।
आगे और जिलों में भी हो सकता है फैसला
मौसम विभाग द्वारा अगले पांच दिनों के लिए सर्दी का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में अन्य जिलों के डीएम भी Uttar Pradesh School Closed को लेकर फैसला ले सकते हैं। प्रशासन ने साफ किया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर छुट्टियों की अवधि और बढ़ाई जा सकती है।
खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।
Author: Rajesh Srivastava
राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।












