इज़राइल-ईरान युद्ध का दूसरा महीना

इज़राइल-ईरान युद्ध का दूसरा महीना

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इज़राइल-ईरान युद्ध दूसरे महीने में: कई मोर्चों पर विरोध फैलने से पूरा इलाका तनाव में

इज़राइल-ईरान युद्ध अब एक सामान्य युद्ध के स्तर से ऊपर उठ गया है और ये सीमित नहीं रह गया है। जो युद्ध एक सीमित हमले के साथ शुरू हुआ था, वह अब एक बड़े क्षेत्रीय विरोध का रूप ले चूका है, जिसका कोई अंत स्पष्ट रूप से नज़र नहीं आ रहा है । जैसे-जैसे युद्ध अपने दूसरे महीने में प्रवेश कर रहा है, नए युद्ध-मोर्चे खुल रहे हैं, आम नागरिकों की मौतें बढ़ रही हैं, और वैश्विक शक्तियाँ भी इस संकट में तेज़ी से खिंचती जा रही हैं, एक ऐसा संकट जो ऊर्जा आपूर्ति, राजनीतिक स्थिरता और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन गया है।

इज़राइल-ईरान युद्ध का दूसरा महीना

इज़राइल-ईरान युद्ध लगातार बढ़ रहा है

एक नया और महत्वपूर्ण घटनाक्रम हुआ है जो इस युद्ध में नया उदहारण लिखने को तैयार है, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने आधिकारिक तौर पर इज़राइल-ईरान युद्ध में प्रवेश कर लिया है। इस समूह ने दक्षिणी वेस्ट बैंक में इज़राइली सैन्य ठिकानों की ओर एक बैलिस्टिक मिसाइल दागने की पुष्टि की है। हालाँकि इज़राइल ने इस मिसाइल हमले को हवा में ही रोक दिया; हालाँकि, इस हमले का प्रतीकात्मक महत्व इसके तात्कालिक नुकसान से कहीं अधिक है।

इससे पहले से ही जटिल चल रहे इस युद्ध में एक और युद्ध क्षेत्र खुल गया है। इन गतिविधियों के वजह से इज़राइल को अब सिर्फ ईरान से ही नहीं बल्कि लेबनान में हिज़्बुल्लाह और यमन में हूतियों से भी खतरा हो सकता है, और अब इज़राइल को पहले से ज्यादा चौकना होना पड़ेगा। इस स्थिति के कारण इज़राइल के सैन्य ठिकानों पर, विशेष रूप से उसकी हवाई रक्षा प्रणालियों पर, भारी दबाव पड़ रहा है; जिन्हें एक ही समय में कई दिशाओं से होने वाले हमलों का जवाब देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इन सभी घटनाओ के बीच, इज़राइली सेना ने अपने ऑपरेशन्स को तेज़ करते हुए ईरान की सीमाओं से बाहर अपनी गतिविधि को तेज़ कर दिया है। दक्षिणी लेबनान में किये गए एक हमले में 3 पत्रकारों की मृत्यु हो गई, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आक्रोश भड़क उठा है तथा युद्ध प्रभावित झेत्रो में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हो गईं।  लेबनान ने इस हमले के मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उठाने की घोषणा की है, जो ये संकेत देता है की सैन्य और कूटनीतिक तनाव दोनों ही बढ़ने वाले है।

इस युद्ध में मरने वाले आम नागरिकों की तेज़ी से बढ़ती गिनती

इज़राइल-ईरान युद्ध में जान-माल का नुकसान तेज़ी से बढ़ता नज़र आ रहा है। अगर सिर्फ ईरान की बात करे तो अधिकारियो के एक रिपोर्ट के हिसाब से 92,000 से ज़्यादा नागरिको के घर क्षतिग्रस्त या नष्ट हो गई हैं। इनमें हज़ारों घर, हज़ारों व्यापारिक प्रतिष्ठान, सैकड़ों स्कूल और लगभग 300 चिकित्सा केंद्र शामिल हैं।

इज़राइल-ईरान युद्ध का दूसरा महीना
एक ड्रोन दृश्य में, 28 मार्च, 2026 को इज़राइल के एश्टाओल के पास, ईरानी मिसाइल हमलों के बाद एक प्रभावित स्थल पर काम करते हुए इज़राइली सुरक्षा और बचाव कर्मियों को दिखाया गया है [Ilan Rosenberg/Reuters]

मानवीय क्षति भी उतनी ही विनाशकारी है। ईरान में कम से कम 1,900 लोग मारे गए हैं, और हज़ारों अन्य घायल हुए हैं। लेबनान में, मार्च की शुरुआत से अब तक इज़राइली हमलों के कारण 1,189 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 3,400 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।

दुखद घटनाएँ अब आम होती जा रही हैं। ईरान के बुशेहर प्रांत में, एक कथित हमले में खानाबदोश जीवन जीने वाले चार लोगों का एक पूरा परिवार मारा गया। ऐसी घटनाएँ ईरान के भीतर गुस्सा भड़का रही हैं और जनता के संकल्प को मज़बूत कर रही हैं, भले ही बुनियादी ढाँचा लगातार ढह रहा हो।

इज़राइली पक्ष की बात करें तो, स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से लगभग 5,700 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से दर्जनों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। अस्पतालों पर दबाव बना हुआ है क्योंकि रोज़ाना नए घायल लोग आ रहे हैं।

ईरान की रणनीति और राजनीतिक दांव-पेच

तबाही के इतने बड़े पैमाने के बावजूद, ईरान पीछे हटता हुआ नहीं दिख रहा है। असल में, विश्लेषकों का मानना ​​है कि इज़राइल-ईरान युद्ध के बड़े संदर्भ में, तेहरान शायद रणनीतिक बढ़त बना रहा है।

ईरानी अधिकारियों का मानना ​​है कि उन्होंने इस संघर्ष का स्वरूप सफलतापूर्वक बदल दिया है, जिसे शुरू में एक सीमित सैन्य अभियान माना जा रहा था, वह अब एक क्षेत्रीय युद्ध में बदल गया है, जिसमें कई पक्ष शामिल हैं। होर्मुज़ जलडमरूमध्य और संभवतः बाब अल-मंडेब जैसे रणनीतिक जलमार्गों पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके, ईरान वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर दबाव डाल रहा है।

विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि ईरान की परमाणु सुविधाओं और औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर होने वाले हमलों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसके साथ ही, ईरान के सैन्य नेतृत्व ने अमेरिका और इज़राइल दोनों को कड़ी चेतावनी देते हुए उन पर ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर “आग से खेलने” का आरोप लगाया है।

भू-राजनीति के विशेषज्ञों के हिसाब से, ईरान की शक्ति उसकी सैन्य क्षमताओं में ही सीमित नहीं है। जहाँ एक तरफ इज़राइल और अमेरिका जैसे बड़े और शक्तिशाली देशों के पास एडवांस मारक क्षमता है, वहीं दूसरी तरफ ईरान का राजनीतिक उद्देश्य अधिक स्पष्ट लगरहा है, जिसका ध्यान पूरी तरह से अपने अस्तित्व को बचाए रखने एवं क्षेत्रीय प्रभाव पर केंद्रित है।

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खाड़ी क्षेत्र पर इसका क्या असर पड़ेगा?

इज़राइल-ईरान युद्ध के असर पूरे मध्य पूर्व में महसूस किए जा रहे हैं। खाड़ी देश हाई अलर्ट पर हैं और अपने इंफ्रास्ट्रक्चर तथा आबादी की सुरक्षा के लिए एहतियाती कदम उठा रहे हैं।

बहरीन ने ड्रोन उड़ानों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है, और यह चेतावनी भी जारी की है कि किसी भी अवैध ड्रोन के दिखाई देने पर उसे तत्काल नष्ट कर दिया जाएगा। कुवैत ने अपने अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास ड्रोन देखे जाने की सूचना दी है, जिससे इन इलाकों में संभावित हवाई हमलों का डर बढ़ गया है।

कतर और पाकिस्तान के बीच डिप्लोमेटिक बातचीत हुई है, जिसमें युद्ध के बीच बढ़ते तनाव को रोकने के लिए जोर दिया गया तथा पानी, भोजन और ऊर्जा सप्लाई जैसे जरुरी चीज़ो की सुरक्षा पर भी बात हु।

इस बीच, सऊदी अरब वैश्विक तेल बाज़ारों में स्थिरता बनाए रखने के लिए काम कर रहा है। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि उसकी ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है और हर दिन लाखों बैरल तेल पहुँचा रही है, ताकि संवेदनशील ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़‘ से बचा जा सके।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।