संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में भारतीय राजनयिक पेटल गहलोत का पाकिस्तान को करारा जवाब, Shahbaz Sharif पर आतंकवाद के महिमामंडन का आरोप
भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shahbaz Sharif के भाषण पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने शुक्रवार को Shahbaz Sharif की टिप्पणियों को झूठ और नाटक करार देते हुए कहा कि पाकिस्तान एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन करने की कोशिश कर रहा है।
गहलोत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “आज सुबह, इस सभा ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के बेतुके नाटक देखे, जिन्होंने एक बार फिर आतंकवाद का महिमामंडन किया। लेकिन कोई भी नाटक और झूठ सच्चाई को नहीं छिपा सकता।”

Shahbaz Sharif के भाषण पर भारत का तीखा हमला
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shahbaz Sharif ने यूएनजीए में अपने भाषण के दौरान कश्मीर मुद्दा उठाया और भारत पर आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान ने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत को पीछे हटने पर मजबूर किया और भारतीय वायुसेना के कई विमान क्षतिग्रस्त हुए।
पेटल गहलोत ने इस दावे को तुरंत खारिज करते हुए कहा कि पाकिस्तान की तथाकथित जीत महज एक झूठा प्रचार है। गहलोत ने कहा, “अगर पाकिस्तान जले हुए रनवे और नष्ट हो चुके हैंगरों को जीत का प्रतीक मानता है, तो उसे इस झूठी जीत का आनंद लेने दीजिए।”
उन्होंने आगे कहा, “9 मई तक पाकिस्तान भारत को और हमलों की धमकी दे रहा था, लेकिन 10 मई को पाकिस्तानी सेना ने सीधे भारत से युद्धविराम की अपील की।”
पाकिस्तान पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप
पेटल गहलोत ने अपने बयान में पाकिस्तान को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने याद दिलाया कि 25 अप्रैल, 2025 को पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में आतंकवादी संगठन “द रेजिस्टेंस फ्रंट” को बचाने की कोशिश की थी, जबकि इसी संगठन ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 निर्दोष लोगों की हत्या की थी।
गहलोत ने कहा, “यह वही पाकिस्तान है जिसने ओसामा बिन लादेन को एक दशक तक अपनी धरती पर छिपाकर रखा और फिर भी आतंकवाद-रोधी साझेदारी का दिखावा करता रहा। पाकिस्तान दशकों से आतंकवादी शिविर चला रहा है और अब उसका प्रधानमंत्री खुद अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद का बचाव कर रहा है।”

भारत का स्पष्ट संदेश: पहले आतंकवाद का खात्मा करें
Shahbaz Sharif ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने भाषण के दौरान कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ शांतिपूर्ण बातचीत चाहता है। गहलोत ने पलटवार करते हुए कहा, “अगर पाकिस्तान सचमुच शांति चाहता है, तो उसे पहले आतंकवादी ढाँचे को ध्वस्त करना होगा और वांछित आतंकवादियों को भारत को सौंपना होगा। तभी किसी भी तरह की बातचीत संभव हो सकती है।”
भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार्य नहीं होगी। सभी मुद्दों का समाधान द्विपक्षीय बातचीत से ही होगा।
ट्रंप की प्रशंसा और भारत की प्रतिक्रिया
- Shahbaz Sharif ने अपने भाषण में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को टालने में मदद की और पाकिस्तान ने उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया।
- भारत ने भी इस दावे को झूठा बताया। पेटल गहलोत ने स्पष्ट रूप से कहा कि युद्धविराम का निर्णय दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत के माध्यम से लिया गया था, किसी तीसरे देश की मध्यस्थता के माध्यम से नहीं।
सिंधु जल संधि और “युद्ध का खतरा”
- Shahbaz Sharif ने भारत द्वारा सिंधु जल संधि को अस्थायी रूप से निलंबित करने पर भी सवाल उठाया और इसे “युद्धाभ्यास” बताया।
- गहलोत ने जवाब दिया कि पाकिस्तान आतंकवाद फैलाकर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की सहानुभूति बटोरने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने इसे पाकिस्तान की “बेतुकी बयानबाजी” बताया।
यह भी पढ़ें – Selena Gomez के पति बेनी ब्लैंको की नेटवर्थ कितनी है?
पेटल गहलोत कौन हैं?
संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से पाकिस्तान को करारा जवाब देने वाली पेटल गहलोत भारत के स्थायी मिशन की प्रथम सचिव हैं। उन्होंने जुलाई 2023 में यह पदभार ग्रहण किया और सितंबर 2024 में सलाहकार के रूप में भी नियुक्त हुईं।
इससे पहले, उन्होंने विदेश मंत्रालय के यूरोपीय पश्चिम प्रभाग में अवर सचिव के रूप में कार्य किया था। उन्होंने पेरिस और सैन फ्रांसिस्को में भारत के मिशनों में भी काम किया है।
उनकी शैक्षिक पृष्ठभूमि की बात करें तो, उन्होंने मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज से राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र और फ्रेंच साहित्य में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्री राम कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर उपाधि और मिडिलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, मोंटेरे, अमेरिका से अनुवाद एवं भाषा व्याख्या में स्नातकोत्तर उपाधि प्राप्त की।
पेटल गहलोत का बहुमुखी व्यक्तित्व
पेटल गहलोत न केवल एक कुशल राजनयिक हैं, बल्कि संगीत में भी उनकी गहरी रुचि है। वह गिटार बजाती हैं और सोशल मीडिया पर अपने संगीत वीडियो साझा करती हैं। “बेला सियाओ”, “लॉस्ट ऑन यू” और “कबीर” जैसे उनके गानों के कवर को सोशल मीडिया पर खूब सराहा गया है।
उनका बहुमुखी व्यक्तित्व दर्शाता है कि भारतीय राजनयिक अब केवल कूटनीति तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि संस्कृति और रचनात्मकता के माध्यम से भी अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।
यह भी पढ़ें – H1B Visa आवेदकों के लिए सालाना 100,000 डॉलर फीस
भारत का कड़ा रुख और भविष्य के लिए एक संकेत
संयुक्त राष्ट्र महासभा में इस प्रतिक्रिया के साथ, भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि आतंकवाद पर कोई समझौता नहीं होगा। भारत ने यह भी दोहराया कि Shahbaz Sharif चाहे कितना भी नाटक करें, सच्चाई यह है कि आतंकवाद पाकिस्तान की नीतियों के मूल में है।
पटेल गहलोत के भाषण ने न केवल पाकिस्तान के दावों को झूठा साबित किया, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सामने पाकिस्तान की असली पहचान भी उजागर कर दी।
निष्कर्ष
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में हुई इस पूरी घटना ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि भारत आतंकवाद के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं करेगा। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shahbaz Sharif को गहलोत की कड़ी प्रतिक्रिया ने भारत की कूटनीतिक दृढ़ता को दर्शाया।
भारत का रुख़ स्पष्ट है: जब तक पाकिस्तान अपने आतंकवादी ढाँचे को ध्वस्त नहीं कर देता और वांछित आतंकवादियों को भारत को नहीं सौंप देता, तब तक कोई बातचीत संभव नहीं है।
खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।










