Sangam में आस्था का सैलाब… पौष पूर्णिमा पर पहला मुख्य स्नान, त्रिवेणी में डुबकी लगाने उमड़े लाखों श्रद्धालु
पवित्र पौष पूर्णिमा के अवसर पर प्रयागराज के Sangam तट पर आस्था और विश्वास का अद्भुत दृश्य देखने को मिल रहा है। गंगा, यमुना और पौराणिक सरस्वती के Sangam पर शनिवार की Morning से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ठंड और कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। भोर होते ही Sangam क्षेत्र “हर-हर गंगे” और “जय त्रिवेणी मैया” के जयघोष से चारों ओर आस्था की गूंज सुनाई देने लगी।पौष पूर्णिमा के साथ ही magh mela 2026 के पहले मुख्य स्नान का शुभारंभ हो गया है।
शनिवार अलसुबह से ही लाखों श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं। मान्यता है कि पौष पूर्णिमा के दिन Sangam में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु प्रयागराज पहुंचे हैं। बुजुर्ग, महिलाएं, युवा और बच्चे सभी श्रद्धा के साथ Sangam में स्नान करते नजर आए।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़, कड़ाके की ठंड भी नहीं बनी बाधा
पौष पूर्णिमा स्नान के लिए शुक्रवार देर रात से ही Sangam क्षेत्र में भीड़ बढ़ने लगी थी। मेला क्षेत्र की ओर जाने वाले प्रमुख मार्गों पर वाहनों का दबाव देखा गया और कई स्थानों पर जाम की स्थिति बनी। हालांकि, प्रशासन और पुलिस बल लगातार यातायात को नियंत्रित करने में जुटा रहा। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। कई श्रद्धालु भक्ति गीत गाते हुए और जयकारे लगाते हुए Sangam तट की ओर बढ़ते दिखे।
कल्पवासियों ने भी पौष पूर्णिमा के साथ अपने कल्पवास की शुरुआत कर दी है। मेला क्षेत्र में लगे शिविरों में साधु-संतों और कल्पवासियों ने डेरा डाल लिया है। धार्मिक अनुष्ठान, हवन-पूजन और प्रवचन का सिलसिला भी Sangam तट पर जारी है। magh mela के पहले स्नान पर्व ने पूरे मेला क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया है।
25 लाख श्रद्धालुओं के स्नान का अनुमान
प्रशासन के अनुसार, पौष पूर्णिमा के दिन करीब 25 लाख श्रद्धालुओं के Sangam में डुबकी लगाने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में व्यापक तैयारियां की गई हैं। सातों सेक्टरों के पांटून पुलों को वन-वे कर दिया गया है, ताकि भीड़ का दबाव संतुलित बना रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। श्रद्धालुओं को Sangam तक पहुंचने और स्नान के बाद सुरक्षित वापस लौटने के लिए विशेष मार्ग निर्धारित किए गए हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 10 हजार पुलिसकर्मी तैनात
magh mela के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मेला क्षेत्र में 17 अस्थायी थाने और 42 पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। एसपी मेला नीरज कुमार पांडेय के अनुसार, करीब 10 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था में तैनात किए गए हैं। इसके साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की टीमें भी लगातार निगरानी कर रही हैं। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। बाहरी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर रोका जा रहा है और श्रद्धालुओं को पैदल या शटल व्यवस्था के माध्यम से मेला क्षेत्र तक पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दी शुभकामनाएं
पौष पूर्णिमा के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने magh mela 2026 के शुभारंभ पर कल्पवासियों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि माघ मेला भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जहां आस्था, तप और सेवा का Sangam देखने को मिलता है। प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों।
आस्था, व्यवस्था और संस्कृति का Sangam
पौष पूर्णिमा का यह पहला मुख्य स्नान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह magh mela की भव्यता और व्यवस्थाओं की भी झलक दिखा रहा है। Sangam तट पर उमड़ा आस्था का सैलाब यह साबित करता है कि सदियों पुरानी यह परंपरा आज भी लोगों के दिलों में उतनी ही जीवंत है। आने वाले दिनों में माघ मेला के अन्य प्रमुख स्नान पर्वों पर श्रद्धालुओं की संख्या और भी बढ़ने की संभावना है, जिसके लिए प्रशासन पूरी तरह तैयार नजर आ रहा है।
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Author: Rajesh Srivastava
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