Rajghat Bridge पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद

137 साल पुराने Rajghat Bridge पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद, 25 दिन तक सिर्फ पैदल आवाजाही; वाराणसी में लागू हुआ बड़ा ट्रैफिक डायवर्जन

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137 साल पुराने Rajghat Bridge पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद, 25 दिन तक सिर्फ पैदल आवाजाही; वाराणसी में लागू हुआ बड़ा ट्रैफिक डायवर्जन

काशी के इतिहास और पहचान से जुड़े 137 साल पुराने Rajghat Bridge (मालवीय ब्रिज) पर अब किसी भी प्रकार के वाहन नहीं चल सकेंगे। मंगलवार देर रात 12 बजे से Bridge को पूरी तरह नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा मरम्मत कार्य के लिए 24 दिसंबर से 13 जनवरी तक 25 दिन का ब्लॉक लिया गया है। इस दौरान Bridge से केवल पैदल यात्रियों को ही गुजरने की अनुमति होगी।

वाहनों की आवाजाही अचानक बंद किए जाने से Rajghat और पड़ाव दोनों ओर देर रात लंबा जाम लग गया। कई वाहन चालकों की पुलिस से बहस भी हुई, क्योंकि बहुत से लोगों को प्रतिबंध की पूरी जानकारी पहले नहीं थी। हालांकि ट्रैफिक पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और वाहनों को वैकल्पिक मार्गों की ओर मोड़ा।

क्यों बंद किया गया Rajghat Bridge

एसीपी ट्रैफिक ओमवीर सिंह सिरोही ने बताया कि Rajghat Bridge के ड्रेनेज स्पाउट एक्सपेंशन ज्वाइंट की मरम्मत लंबे समय से जरूरी थी। यह Bridge 137 साल पुराना है और इसकी संरचनात्मक सुरक्षा को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने रेलवे से बातचीत के बाद 25 दिन का ब्लॉक लिया।

इससे पहले 20 दिसंबर से मरम्मत कार्य शुरू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन अत्यधिक बाइक और पैदल आवाजाही के कारण काम सफल नहीं हो सका। ट्रैफिक दबाव और तकनीकी दिक्कतों के चलते कार्य रोकना पड़ा। कई दौर की बैठकों के बाद यह फैसला लिया गया कि Rajghat Bridge पर सभी प्रकार के वाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए, ताकि मरम्मत कार्य सुरक्षित और समयबद्ध तरीके से पूरा हो सके।

सिर्फ पैदल यात्रियों को मिलेगी अनुमति

137 साल पुराने Rajghat Bridge पर वाहनों की एंट्री पूरी तरह बंद, 25 दिन तक सिर्फ पैदल आवाजाही; वाराणसी में लागू हुआ बड़ा ट्रैफिक डायवर्जन

24 दिसंबर से 13 जनवरी तक नमो घाट से पड़ाव चौराहा और पड़ाव चौराहे से नमो घाट की दिशा में किसी भी प्रकार के वाहन की आवाजाही नहीं होगी। इस दौरान केवल पैदल यात्री ही Rajghat Bridge से गुजर सकेंगे।एसीपी ट्रैफिक ने स्पष्ट किया कि बाइक पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। यानी अब दोपहिया वाहन भी Rajghat Bridge से नहीं गुजर पाएंगे।

सामने घाट Bridge पर बढ़ेगा यातायात का दबाव

Rajghat Bridge बंद होने के बाद रामनगर के सामने घाट Bridge पर यातायात का दबाव बढ़ना तय है। ट्रैफिक विभाग के अनुसार, सामने घाट Bridge से अब दोपहिया वाहन, ऑटो, ई-रिक्शा, हल्के चार पहिया वाहन, एम्बुलेंस और शव वाहन वाराणसी शहर में प्रवेश कर सकेंगे। हालांकि सवारी वाहन और भारी मालवाहक वाहनों पर यहां भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि जाम की स्थिति न बने।

जानिए पूरा डायवर्जन प्लान

मरम्मत कार्य के दौरान यातायात को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने विस्तृत डायवर्जन प्लान जारी किया है—

  1. 24 दिसंबर से 13 जनवरी तक Rajghat Bridge पर केवल पैदल यात्रियों को आने-जाने की अनुमति होगी।
  2. नमो घाट से पड़ाव और पड़ाव से नमो घाट की ओर किसी भी प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे।
  3. 25 दिन की अवधि में Rajghat और सामने घाट Bridge से सभी सवारी वाहन एवं हल्के-भारी मालवाहक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद रहेगी।

चंदौली से वाराणसी और वाराणसी से चंदौली जाने वाले हल्के व भारी मालवाहक वाहन और बसें रामनगर चौराहा, टेंगरा मोड़, विश्व सुंदरी Bridge, डाफी टोल प्लाजा, अमरा-अखरी, मोहन सराय और पंचपेड़वा रिंग रोड के रास्ते आवागमन करेंगी। ट्रॉमा सेंटर और मालवीय चौराहे पर संभावित जाम को देखते हुए लटूबीर अंडरपास पर जर्सी बैरियर लगाया जाएगा, ताकि बीएचयू और ट्रॉमा सेंटर जाने वाले मरीजों को राहत मिल सके।

आम लोगों से अपील

ट्रैफिक पुलिस और जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से Rajghat Bridge की ओर न जाएं और जारी किए गए डायवर्जन का पालन करें। साथ ही यात्रा से पहले मार्ग की जानकारी जरूर ले लें, ताकि असुविधा से बचा जा सके। करीब सवा सौ साल पुराने Rajghat Bridge की मरम्मत काशी की विरासत को सुरक्षित रखने की दिशा में अहम कदम है। प्रशासन का दावा है कि तय समय में काम पूरा कर लिया जाएगा, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।