Rajghat Bridge पर डायवर्जन ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें

Rajghat Bridge पर डायवर्जन ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, छह घंटे में ही व्यवस्था हुई फेल; अगले आदेश तक यातायात प्रतिबंध हटाया गया

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Rajghat Bridge पर डायवर्जन ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, छह घंटे में ही व्यवस्था हुई फेल; अगले आदेश तक यातायात प्रतिबंध हटाया गया

शहर के प्रमुख संपर्क मार्ग Rajghat Bridge पर शनिवार को लागू किया गया यातायात डायवर्जन आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया। मरम्मत कार्य के चलते सुबह 8 बजे से शुरू हुआ यह डायवर्जन महज छह घंटे में ही दम तोड़ बैठा। लगातार बढ़ते जाम, राहगीरों की शिकायतों और यातायात दबाव को देखते हुए दोपहर करीब 2 बजे के बाद पुलिस प्रशासन ने अगले आदेश तक डायवर्जन को निरस्त कर दिया। इसके बाद Rajghat Bridge से पहले की तरह वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई।

दरअसल, पीडब्ल्यूडी द्वारा Rajghat Bridge पर ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट से जुड़े मरम्मत कार्य प्रस्तावित थे। इसी कारण 20 दिसंबर से 13 जनवरी 2026 तक Bridge पर यातायात डायवर्जन की योजना बनाई गई थी। पहले दिन ही इस व्यवस्था की परीक्षा हो गई और नतीजे प्रशासन के लिए भी चिंताजनक साबित हुए।

सुबह से ही जाम ने किया बेहाल

शनिवार सुबह 7 बजे के बाद से ही रामनगर चौराहा, सामनेघाट Bridge, सामनेघाट–नगवा–लंका मार्ग और पड़ाव चौराहे पर वाहनों की लंबी कतारें लगने लगीं। जैसे-जैसे समय बीतता गया, जाम की स्थिति और गंभीर होती चली गई। सुबह 10 बजे के बाद नमो घाट से पड़ाव चौराहे की ओर आने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहन पूरी तरह फंस गए। हालत यह रही कि कुछ दूरी तय करने में भी लोगों को आधे-आधे घंटे का समय लगने लगा। डायवर्जन के चलते पड़ाव चौराहे से रामनगर, सामनेघाट Bridge से लंका मालवीय चौराहा और भगवानपुर से डाफी मार्ग पर यातायात का असामान्य दबाव देखने को मिला। दोपहर दो बजे तक जाम की स्थिति बनी रही, जिससे दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र और मरीजों को ले जाने वाले वाहन भी परेशान होते रहे।

पूरी तैयारी के बावजूद नहीं संभला ट्रैफिक

Rajghat Bridge पर डायवर्जन ने बढ़ाई लोगों की मुश्किलें, छह घंटे में ही व्यवस्था हुई फेल; अगले आदेश तक यातायात प्रतिबंध हटाया गया

यातायात पुलिस ने पहले से तैयारी का दावा किया था। Rajghat Bridge के दोनों छोर पर सीमेंटेड बैरियर लगाकर बड़े वाहनों का प्रवेश रोका गया था। केवल पैदल यात्रियों, दोपहिया वाहनों, स्कूली वाहनों और एंबुलेंस को ही गुजरने की अनुमति दी गई। भारी वाहनों को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया और सामनेघाट Bridge से केवल छोटे व हल्के वाहन ही निकाले गए। पड़ाव चौराहा, रामनगर मार्ग, सामनेघाट Bridge और लंका मालवीय चौराहे पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके बावजूद पहले ही दिन Rajghat Bridge के डायवर्जन ने शहर की यातायात व्यवस्था को झकझोर कर रख दिया।

ऑटो और ई-रिक्शा वालों ने बढ़ाया किराया

डायवर्जन का सीधा असर यात्रियों की जेब पर भी पड़ा। जाम और लंबे रास्तों का हवाला देकर ऑटो और ई-रिक्शा चालकों ने मनमाना किराया वसूलना शुरू कर दिया। जहां आमतौर पर 40 रुपये में सफर पूरा हो जाता था, वहीं यात्रियों से 80 रुपये तक लिए गए। पीडीडीयूनगर से लंका, बीएचयू गेट और कैंट की ओर जाने वाले यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी हुई। कई ऑटो चालकों ने बीच रास्ते में ही जाम का हवाला देकर आगे जाने से मना कर दिया। सामनेघाट Bridge पर लोग करीब 30 मिनट तक फंसे रहे।

पीडीडीयूनगर निवासी राहुल तिवारी ने बताया कि कैंट रोडवेज जाने के लिए उन्हें पड़ाव, रामनगर और लंका होते हुए लंबा चक्कर लगाना पड़ा। पहले जहां कम समय और कम किराये में यात्रा पूरी हो जाती थी, वहीं डायवर्जन के कारण दूरी, समय और खर्च—तीनों बढ़ गए। परिवार के साथ सफर करना बेहद मुश्किल हो गया।

पीडब्ल्यूडी ने टाला मरम्मत कार्य

लगातार बढ़ती परेशानियों को देखते हुए पीडब्ल्यूडी ने Rajghat Bridge पर प्रस्तावित मरम्मत कार्य को फिलहाल टालने का फैसला किया है। ड्रेनेज स्पाउट और एक्सपेंशन ज्वाइंट का काम अगली तिथि तक स्थगित कर दिया गया है। इसी कारण शनिवार को छह घंटे बाद ही डायवर्जन समाप्त कर दिया गया।

एडीसीपी यातायात अंशुमान मिश्रा ने बताया कि जब पीडब्ल्यूडी दोबारा अनुमति मांगेगा, तभी डायवर्जन पर विचार किया जाएगा। फिलहाल Rajghat Bridge से सामान्य रूप से वाहनों की आवाजाही जारी रहेगी।

सबक बनी पहली ही कोशिश

Rajghat Bridge पर लागू किया गया यह डायवर्जन प्रशासन के लिए एक बड़ा सबक साबित हुआ है। छह घंटे में ही व्यवस्था का फेल हो जाना यह दिखाता है कि किसी भी बड़े यातायात बदलाव से पहले जमीनी हालात और वैकल्पिक मार्गों की क्षमता का आकलन बेहद जरूरी है। आम लोगों को उम्मीद है कि अगली बार जब Bridge पर मरम्मत कार्य शुरू हो, तो उनकी परेशानी को ध्यान में रखकर बेहतर और व्यावहारिक योजना बनाई जाएगी।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।