NEET UG 2025 स्कोर फिक्सिंग रैकेट का भंडाफोड़

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

NEET UG 2025 स्कोर फिक्सिंग रैकेट का भंडाफोड़: 87.5 लाख रुपये में स्कोर बढ़ाने का दावा, CBI ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार, NTA ने संलिप्तता से किया इनकार

नई दिल्ली: देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2025 को लेकर एक बड़ा घोटाला सामने आया है। CBI ने महाराष्ट्र से दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जो कथित तौर पर स्कोर फिक्सिंग रैकेट चला रहे थे। इन दोनों आरोपियों पर कई उम्मीदवारों और उनके परिवारों को यह झांसा देने का आरोप है कि वे NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) के अधिकारियों के जरिए परीक्षा के अंक बढ़ा सकते हैं।

यह घोटाला ऐसे समय में सामने आया है, जब देशभर के छात्रों के बीच NEET परीक्षा को लेकर पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर चर्चा हो रही है। CBI की इस सख्त कार्रवाई से परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर फिर से उम्मीदें जगी हैं।

NEET UG 2025 स्कोर फिक्सिंग रैकेट का भंडाफोड़

NEET UG 2025 स्कोर फिक्सिंग रैकेट का भंडाफोड़ कैसे हुआ ?

सीबीआई ने बताया कि उन्होंने इस मामले में 9 जून को एफआईआर दर्ज की थी। इसके तहत महाराष्ट्र के सोलापुर और नवी मुंबई के दो निवासियों- संदीप शाह और सलीम पटेल को गिरफ्तार किया गया है। इन दोनों पर आरोप है कि उन्होंने खुद को एनटीए का अधिकारी बताकर परीक्षार्थियों के अभिभावकों से संपर्क किया और कहा कि वे परीक्षा में नीट यूजी 2025 का स्कोर बढ़ा सकते हैं। इस कथित स्कोर फिक्सिंग रैकेट के तहत प्रति छात्र 90 लाख रुपये तक मांगे गए थे, जो बातचीत के बाद 87.5 लाख रुपये में तय हुआ था। होटल में होती थी गुप्त बैठकें जांच में पता चला है कि संदीप शाह मुंबई के प्रतिष्ठित होटल आईटीसी ग्रैंड सेंट्रल, परेल में चिंतित अभिभावकों के साथ गुप्त बैठकें करता था। इन बैठकों में वह उन्हें भरोसा दिलाता था कि वह एनटीए अधिकारियों से संपर्क करके उनके बच्चों के स्कोर बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं, वह यह भी वादा करता था कि नीट यूजी 2025 के नतीजे घोषित होने से छह घंटे पहले उन्हें स्कोर के बारे में सूचित कर दिया जाएगा।

संगठित नेटवर्क का संदेह

सीबीआई जांच में यह भी पता चला है कि संदीप शाह नवी मुंबई के एडमिशन कंसल्टेंट सलीम पटेल और पुणे के एक अन्य कंसल्टेंट के संपर्क में था। ये लोग मिलकर एक संगठित नेटवर्क चला रहे थे, जो NEET UG 2025 के अभ्यर्थियों से मोटी रकम ऐंठ रहा था।

फोरेंसिक जांच में चौंकाने वाले सबूत सामने आए

सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच की गई, जिसमें ऐसे चैट और दस्तावेज मिले हैं, जो इस स्कोर फिक्सिंग रैकेट की पुष्टि करते हैं। इनमें छात्रों के नाम, रोल नंबर, एडमिट कार्ड, ओएमआर शीट और हवाला नेटवर्क के जरिए वित्तीय लेनदेन के सबूत शामिल हैं।

गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई

सीबीआई ने 9 जून को मुंबई से संदीप शाह और 10 जून को महाराष्ट्र के सांगली जिले से सलीम पटेल को गिरफ्तार किया था। इसके बाद दोनों को सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पहले 13 जून तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया और बाद में यह अवधि 16 जून तक बढ़ा दी गई।

मास्टरमाइंड अभी भी फरार

सीबीआई की जांच अभी भी जारी है और माना जा रहा है कि इस पूरे नीट यूजी 2025 स्कोर फिक्सिंग रैकेट का मास्टरमाइंड कोई तीसरा व्यक्ति है जो फिलहाल फरार है। एजेंसी उसे गिरफ्तार करने की कोशिश कर रही है।

 एनटीए की छवि खराब

हालांकि, इस पूरे मामले की जांच में अभी तक एनटीए या किसी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता नहीं पाई गई है। सीबीआई प्रवक्ता ने कहा, “आरोपियों ने छात्रों के अभिभावकों को गुमराह करने के लिए एनटीए के नाम का दुरुपयोग किया। उन्होंने फर्जी अधिकारियों के नाम लेकर इस घोटाले को अंजाम देने की कोशिश की।”

क्या कहते हैं विशेषज्ञ ?

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों से न केवल परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता को ठेस पहुंचती है, बल्कि ईमानदारी से तैयारी करने वाले मेहनती छात्रों के साथ भी अन्याय होता है। नीट जैसी राष्ट्रीय परीक्षा में निष्पक्षता और पारदर्शिता का बहुत महत्व है और ऐसे स्कोर फिक्सिंग रैकेट पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।

आम जनता को चेतावनी

सीबीआई और एनटीए दोनों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति के झूठे वादों में न फंसें। नीट यूजी 2025 में अच्छे अंक पाने का एक ही तरीका है- मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करें। अगर कोई स्कोर या चयन में हेराफेरी की गारंटी देता है, तो तुरंत स्थानीय पुलिस या सीबीआई को इसकी सूचना दें।

निष्कर्ष :

नीट यूजी 2025 स्कोर फिक्सिंग रैकेट का पर्दाफाश भारत के शैक्षिक परिदृश्य में एक गंभीर चेतावनी है। यह दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग लालच और डर का फायदा उठाकर निर्दोष उम्मीदवारों और उनके परिवारों को ठगने की कोशिश करते हैं। सीबीआई की तत्परता और निष्पक्ष जांच ने समय रहते एक बड़े घोटाले का पर्दाफाश किया है।

हालांकि मास्टरमाइंड अभी भी फरार है, लेकिन जांच एजेंसी को उम्मीद है कि वह जल्द ही पकड़ा जाएगा और इस पूरे नेटवर्क को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा। सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है कि वे परीक्षा प्रणाली को मजबूत करें और ऐसे फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

kamalkant
Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।