Magh Mela 2026: अमृत स्नान की तर्ज पर पहली बार होगा पर्व स्नान, 3 जनवरी से शुरू होगी आध्यात्मिक आस्था की सबसे बड़ी साधना
प्रयागराज में लगने वाला Magh Mela 2026 इस बार पहले से कहीं अधिक भव्य, सुसंगठित और आकर्षक होने जा रहा है। महाकुंभ की तर्ज पर इस बार माघ मेले में अमृत स्नान जैसी भव्यता देखने को मिलेगी। पहली बार पर्व स्नान को शाही स्नान की तरह आयोजित किया जाएगा, जिसमें देशभर के प्रमुख संत, महंत, महामंडलेश्वर, द्वाराचार्य, जगदगुरु और रामानंदाचार्य शोभायात्रा के साथ संगम की ओर प्रस्थान करेंगे।
अमृत स्नान की तरह होगा पर्व स्नान — संतों की भव्य शोभायात्रा
इस बार माघ मेले में होने वाला पर्व स्नान महाकुंभ के शाही स्नान की तर्ज पर तैयार किया जा रहा है। शोभायात्रा में अखाड़ों के प्रतिनिधि, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु, रामानंदाचार्य, द्वाराचार्य, महंत व श्रीमहंत शामिल होंगे।
जो श्रद्धालु महाकुंभ के अमृत स्नान में शामिल नहीं हो सके थे, उन्हें अब पर्व स्नान में वही अनुभूति मिलेगी। संत समाज का कहना है कि यह आयोजन आध्यात्मिक ऊर्जा और अद्वितीय दिव्यता का अनुभव कराएगा।
काशी के मंदिर-मठ भी लगाएंगे शिविर
Magh Mela 2026 में बनारस के मठ, मंदिर, आश्रम और अखाड़ों की मौजूदगी मेले को और भव्य बनाएगी। शंकराचार्य समेत कई प्रमुख पीठों के शिविर इस बार संगम तट पर सजेंगे।
खाक चौक के प्रधानमंत्री जगद्गुरु संतोषाचार्य सतुआ बाबा ने बताया कि माघ मेले में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने की उम्मीद है। इसलिए खाक चौक की ओर से 300 बीघा भूमि आवंटन की मांग प्रशासन से की गई है। 4 और 5 दिसंबर से भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
तीन जनवरी से शुरू होगा Magh Mela 2026
पौष पूर्णिमा के साथ माघ मेले की शुरुआत 3 जनवरी 2026 को होगी। संगम तट पर देशभर के लाखों साधु-संत और श्रद्धालु डेरा जमाएंगे। हर ओर आध्यात्मिक वातावरण, मंत्रोच्चार और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।
संत समाज के अनुसार, महाकुंभ के बाद माघ मेले का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। सतुआ बाबा के शब्दों में— “यह मेला तप, साधना और आस्था का पर्व है। इस बार माघ मेला महाकुंभ की भांति अत्यंत विशाल और दिव्य दिखाई देगा।”
संत समाज में उत्साह : शोभायात्रा की तैयारी तेज
पर्व स्नान के लिए संत समाज ने अभी से भव्य शोभायात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अखाड़ों के प्रतिनिधि, अपने-अपने ध्वज के साथ संगम की ओर बढ़ेंगे। शोभायात्रा में नगाड़े, रथ, संतों का स्वागत और मंत्रोच्चार का आलोकिक वातावरण देखने को मिलेगा।
माघ मेले के प्रमुख स्नान पर्व
नीचे माघ मेले के सभी प्रमुख स्नान पर्वों की सूची दी गई है
तिथि स्नान पर्व :
- 3 जनवरी 2026 पौष पूर्णिमा (मेला आरंभ)
- 14 जनवरी 2026 मकर संक्रांति
- 18 जनवरी 2026 मौनी अमावस्या (सबसे महत्वपूर्ण)
- 23 जनवरी 2026 वसंत पंचमी
- 1 फरवरी 2026 माघी पूर्णिमा
- 15 फरवरी 2026 महाशिवरात्रि
इनमें मौनी अमावस्या और वसंत पंचमी का स्नान सबसे अधिक पुण्यदायी माना जाता है। इसी दिन अमृत स्नान की तर्ज पर पर्व स्नान भी आयोजित किया जाएगा।
देश-विदेश से आएंगे लाखों श्रद्धालु
Magh Mela 2026 में हर वर्ष की तुलना में इस बार अधिक भीड़ की उम्मीद है। महाकुंभ के बाद के इस मेले में श्रद्धालुओं का उत्साह हमेशा चरम पर रहता है। देश ही नहीं, विदेशों से भी साधक और भक्त इस आध्यात्मिक मेले में आते हैं।
अंत में
Magh Mela 2026 केवल एक मेला नहीं, बल्कि आस्था, साधना और सनातन परंपरा का जीवंत रूप है। पहली बार होने वाला पर्व स्नान इस मेले को ऐतिहासिक बनाएगा। संगम की पवित्र धारा, संतों की शोभायात्रा, अखाड़ों का जमावड़ा और आस्था की ऊर्जा—सब मिलकर इस बार माघ मेले को एक नए आयाम पर पहुंचाएंगे। अगर आप भी दिव्यता और आध्यात्मिक अनुभव से भरपूर वातावरण में डूबना चाहते हैं, तो प्रयागराज का Magh Mela 2026 आपके लिए एक अविस्मरणीय अवसर होगा।
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Author: Preeti Dubey
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