Kashi में बनेगी जल यातायात प्रणाली

गंगा में चलने वाली नावों पर लगेगा नंबर प्लेट, Kashi में बनेगी जल यातायात प्रणाली; अवैध संचालन पर लगेगी लगाम

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

गंगा में चलने वाली नावों पर लगेगा नंबर प्लेट, Kashi में बनेगी जल यातायात प्रणाली; अवैध संचालन पर लगेगी लगाम

(Varanasi News)- Kashi में गंगा नदी पर आस्था और पर्यटन के साथ-साथ अब प्रशासनिक व्यवस्था को भी नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो गई है। गंगा में लगातार बढ़ती नावों की संख्या, अवैध संचालन, घाटों पर विवाद और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। अब गंगा में चलने वाली नावों का भी वाहनों की तरह पंजीकरण किया जाएगा और प्रत्येक नाव पर नंबर प्लेट अनिवार्य होगी। इससे हर नाव की पहचान सुनिश्चित हो सकेगी और अवैध संचालन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

दरअसल, हाल के दिनों में गंगा घाटों पर अवैध कब्जे, नाव चालकों के बीच झगड़े और श्रद्धालुओं के साथ बदसलूकी की शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने वाराणसी दौरे के दौरान इन घटनाओं पर कड़ी नाराजगी जताई थी। समीक्षा बैठक में उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए घाटों की व्यवस्था सुधारने और पूरी प्लानिंग रिपोर्ट तलब की थी। इसके बाद अब प्रशासन ने जल यातायात को व्यवस्थित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

Kashi की छवि खराब करने वालों पर सख्ती के निर्देश

गंगा में चलने वाली नावों पर लगेगा नंबर प्लेट, Kashi में बनेगी जल यातायात प्रणाली; अवैध संचालन पर लगेगी लगाम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ कहा कि गंगा घाट किसी भी हाल में अराजकता का अड्डा नहीं बनने चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि घाटों पर किसी विशेष विचारधारा या उपद्रवी तत्वों का प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाए। सीएम ने कहा कि गंगा घाट श्रद्धालुओं के लिए पवित्र स्थल हैं, यहां धरना-प्रदर्शन, मारपीट या अव्यवस्था बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि घाटों पर बीट व्यवस्था बढ़ाई जाए, नियमित पेट्रोलिंग हो और उपद्रवियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि Kashi की छवि को नुकसान न पहुंचे।

पहले नगर निगम के पास था नियंत्रण

गौरतलब है कि इससे पहले गंगा में नाव संचालन की अनुमति देने और किराया तय करने का अधिकार नगर निगम के पास था। नगर निगम ही नावों को परमिशन देता था और घाटों पर संचालन से जुड़े नियम बनाता था, ताकि सैलानियों से मनमानी वसूली न हो। हालांकि, जमीनी स्तर पर यह व्यवस्था पूरी तरह कारगर साबित नहीं हो सकी। निगरानी की कमी और नियमों के ढीले पालन के कारण बड़ी संख्या में नावें बिना वैध अनुमति के ही गंगा में उतर गईं।

अवैध नावों से बढ़ा हादसों का खतरा

गंगा में अवैध और अनियंत्रित नाव संचालन के चलते दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता गया। आए दिन छोटी-बड़ी घटनाएं सामने आती रहीं, जहां नावें असंतुलित होकर डगमगा गईं या आपस में टकरा गईं। नदी में ट्रैफिक बढ़ने के बावजूद अब तक कोई स्पष्ट जल यातायात प्रणाली लागू नहीं थी। न नावों के लिए अलग लेन तय थी और न ही उनकी कोई स्पष्ट पहचान। ऐसे में किसी हादसे की स्थिति में जिम्मेदारी तय करना भी मुश्किल हो जाता था।

नंबर प्लेट से बनेगी पहचान, निगरानी होगी आसान

गंगा में चलने वाली नावों पर लगेगा नंबर प्लेट, Kashi में बनेगी जल यातायात प्रणाली; अवैध संचालन पर लगेगी लगाम

अब प्रशासन द्वारा नावों को नंबर दिए जाने की व्यवस्था ठीक उसी तरह होगी, जैसे सड़क पर चलने वाले वाहनों के लिए नंबर प्लेट अनिवार्य होती है। इससे यह साफ हो सकेगा कि कौन-सी नाव वैध है और कौन-सी अवैध।नियमों का उल्लंघन करने वाली नावों पर जुर्माना, प्रतिबंध और जब्ती जैसी कार्रवाई भी आसानी से की जा सकेगी। प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य केवल सख्ती करना नहीं, बल्कि गंगा में सुरक्षित, सुव्यवस्थित और पारदर्शी नौका संचालन सुनिश्चित करना है।

एक्ट-2023 और नियमावली-2025 से बदलेगा सिस्टम

नौका संचालन को व्यवस्थित करने के लिए उत्तर प्रदेश अन्तर्देशीय जलमार्ग अधिनियम-2023 बनाया गया है, जिसकी नियमावली वर्ष 2025 में तैयार की गई है। इसे जल्द ही शासन को भेजा जाएगा। इसके लागू होने के बाद जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा आरआई सर्वेयर नियुक्त किए जाएंगे, जो मैकेनिकल इंजीनियर होंगे।

उनकी तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर ही आरटीओ में नावों और अन्य जलयानों का पंजीकरण होगा। नियमावली में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जलयानों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम अनिवार्य होंगे। मशीन और कम्पोजिट मटैरियल से निर्मित जहाजों का ही पंजीकरण किया जाएगा।

प्रशासन का क्या कहना है

आरटीओ प्रवर्तन मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि गंगा में अवैध और अनियंत्रित नाव संचालन से दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा था। नावों को वाहनों की तरह नंबर देने से निगरानी आसान होगी  और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकेंगे

कुल मिलाकर, यह नई व्यवस्था Kashi में जल यातायात को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे न सिर्फ श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि वाराणसी की विश्व प्रसिद्ध छवि को भी मजबूती मिलेगी। यह फैसला आने वाले समय में स्वतंत्र वाणी News से जुड़ी सबसे अहम प्रशासनिक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।