Holi 2026: हर्बल रंगों से सजी Kashi

Holi 2026: हर्बल रंगों से सजी Kashi, 700 करोड़ पार करेगा कारोबार; त्रिशूल-तलवार पिचकारियों की जबरदस्त डिमांड

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Holi 2026: हर्बल रंगों से सजी Kashi, 700 करोड़ पार करेगा कारोबार; त्रिशूल-तलवार पिचकारियों की जबरदस्त डिमांड

Holi  को लेकर Kashi का बाजार पूरी तरह रंगों में सराबोर हो चुका है। त्योहार में अभी दस दिन शेष हैं, लेकिन शहर के प्रमुख बाजारों में ऐसी रौनक है मानो होली आज ही हो। गुलाल की महक, रंग-बिरंगी पिचकारियों की कतारें और खरीददारों की भीड़ हर ओर उत्साह का माहौल है। व्यापारियों का अनुमान है कि इस बार Kashi में होली का कुल कारोबार 700 करोड़ रुपये के पार जा सकता है।

रंगों और पिचकारियों से ही लगभग 300 करोड़ रुपये का व्यापार होने की उम्मीद है, जबकि कपड़ा, फुटवियर और खाद्य सामग्री मिलाकर करीब 400 करोड़ रुपये का कारोबार संभावित है। Holi इस बार सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि व्यापार के लिहाज से भी रिकॉर्ड बनाने की ओर बढ़ती दिख रही है।

थोक बाजारों में उमड़ी भीड़, आसपास के जिलों में तेज सप्लाई

शहर के प्रमुख थोक बाजारहड़हा सराय, राजा दरवाजा और बेनिया सुबह से देर रात तक खरीदारों से भरे नजर आ रहे हैं। वाराणसी से चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर और पड़ोसी राज्य बिहार के कई बाजारों में माल की सप्लाई तेज हो गई है। व्यापारियों के अनुसार, इस बार पहले से अधिक स्टॉक मंगाया गया है ताकि मांग के अनुरूप आपूर्ति बनी रहे। खास बात यह है कि इस बार बाजार में पारंपरिक पिचकारियों की जगह आधुनिक और अनोखी आकृतियों वाली पिचकारियां चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं।

त्रिशूल और तलवार वाली पिचकारियां बनी आकर्षण का केंद्र

Holi 2026: हर्बल रंगों से सजी Kashi, 700 करोड़ पार करेगा कारोबार; त्रिशूल-तलवार पिचकारियों की जबरदस्त डिमांड

थोक व्यापारी राहुल अग्रवाल बताते हैं कि इस बार हथौड़ा, तलवार, त्रिशूल, बेलन और चाबी जैसी आकृतियों वाली पिचकारियों की खूब मांग है। इनकी कीमत 100 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक है। बच्चों के बीच ड्रैगन, पबजी गन, टैंक और लोकप्रिय कार्टून कैरेक्टर की पिचकारियां सबसे ज्यादा बिक रही हैं।

Holi में बच्चों और युवाओं की पसंद ने बाजार का ट्रेंड पूरी तरह बदल दिया है। जहां पहले साधारण प्लास्टिक पिचकारी चलन में थी, वहीं अब डिजाइन और थीम आधारित पिचकारियां खरीददारों को आकर्षित कर रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि कई ग्राहक खास डिज़ाइन की पिचकारी की डिमांड पहले से बुक करा रहे हैं, ताकि त्योहार के दिन कोई कमी न रहे।

हर्बल हुई Kashi: हाथरस से आया 100 क्विंटल ‘आइस कूल’ रंग

इस बार सबसे बड़ी खासियत है हर्बल रंगों का बढ़ता क्रेज। त्वचा और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ने से लोग केमिकल युक्त रंगों से दूरी बना रहे हैं। व्यापारी विकास यादव बताते हैं कि खास तौर पर हाथरस से 100 क्विंटल हर्बल ‘आइस कूल’ रंग मंगाया गया है। यह रंग त्वचा पर पड़ते ही ठंडक का एहसास कराता है। इसकी कीमत 1100 से 1500 रुपये प्रति किलो तक है। इसके अलावा फूलों, जड़ी-बूटियों जैसे आरारोट और हल्दी और प्राकृतिक सामग्री से बने रंगों की मांग भी तेजी से बढ़ी है।

इनकी थोक कीमत 150 रुपये प्रति किलो से शुरू होती है, जिससे छोटे दुकानदार भी इन्हें आसानी से खरीद पा रहे हैं। कारोबारी आशीष यादव के अनुसार, खुशबूदार और चमकदार गुलाल की भी खूब डिमांड है। हवा में उड़ते समय जो गुलाल महक बिखेरता है, वह युवाओं के बीच खास लोकप्रिय है। इनकी कीमत 40 रुपये प्रति बोतल से लेकर 400 रुपये तक है।

कपड़ा बाजार में भी दिखी होली की चमक

Holi का असर कपड़ा बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। महानगर उद्योग व्यापार समिति के महामंत्री अशोक जायसवाल बताते हैं कि होली खेलने के लिए सफेद कॉटन कुर्ते, टी-शर्ट और सलवार सूट की मांग सबसे अधिक है। युवाओं के बीच ‘Happy Holi’ लिखी कस्टमाइज्ड टी-शर्ट ट्रेंड में हैं। कई कॉलेज छात्र समूह में एक जैसे टी-शर्ट ऑर्डर कर रहे हैं।

सिर्फ दिन की होली ही नहीं, बल्कि शाम की मिलन सभाओं के लिए भी नए कपड़ों की खरीदारी जोरों पर है। रेशमी साड़ियां, डिजाइनर सूट और एथनिक परिधान महिलाओं की पहली पसंद बने हुए हैं। फुटवियर और एक्सेसरीज़ की दुकानों पर भी भीड़ देखी जा रही है। ऑनलाइन शॉपिंग के साथ-साथ ऑफलाइन बाजार में भी खरीदारों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

कॉस्मेटिक्स बाजार में 30% उछाल

Holi 2026: हर्बल रंगों से सजी Kashi, 700 करोड़ पार करेगा कारोबार; त्रिशूल-तलवार पिचकारियों की जबरदस्त डिमांड

रंगों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए लोग पहले से अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। कॉस्मेटिक विक्रेता मनीष गर्ग बताते हैं कि वॉटरप्रूफ मेकअप और सनस्क्रीन की बिक्री में करीब 30% का उछाल आया है। त्वचा रोग विशेषज्ञों की सलाह पर लोग बैरियर क्रीम और सीरम का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि रंगों का पिगमेंट त्वचा के भीतर न समा सके। ब्यूटी पार्लर्स में भी होली से पहले खास स्किन ट्रीटमेंट पैकेज की मांग बढ़ी है। महिलाएं और युवतियां त्वचा की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पहले से तैयारी कर रही हैं।

व्यापारियों में उत्साह, रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

व्यापारियों का कहना है कि Holi का सीजन न सिर्फ कारोबार के लिहाज से अच्छा है, बल्कि इससे हजारों लोगों को अस्थायी रोजगार भी मिल रहा है। पैकिंग, ट्रांसपोर्ट, रिटेल और सजावट के काम में बड़ी संख्या में लोग जुड़े हुए हैं। थोक व्यापारियों का अनुमान है कि अंतिम सप्ताह में बिक्री और तेज होगी। त्योहार नजदीक आते ही खरीदारी का ग्राफ और ऊपर जाएगा। Kashi का यह रंगीन माहौल दर्शाता है कि त्योहार केवल परंपरा नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था की धुरी भी हैं।

पर्यावरण और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बनी सकारात्मक संकेत

जिस तरह से हर्बल रंगों और स्किन-फ्रेंडली उत्पादों की मांग बढ़ी है, वह एक सकारात्मक बदलाव का संकेत है। लोग अब सिर्फ उत्सव मनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यावरण की जिम्मेदारी भी समझ रहे हैं। फूलों और प्राकृतिक तत्वों से बने रंग न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित हैं, बल्कि जल और मिट्टी को भी नुकसान नहीं पहुंचाते। यह बदलाव भविष्य के त्योहारों के लिए भी एक नई दिशा तय कर सकता है।

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Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।