ESIC Hospital Varanasi में टाटा की मदद से खुलेगा कैंसर यूनिट

ESIC Hospital Varanasi में टाटा की मदद से खुलेगा कैंसर यूनिट

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ESIC Hospital Varanasi में टाटा की मदद से खुलेगा कैंसर यूनिट, मरीजों को मिलेगी राहत

ESIC Hospital Varanasi : काशी के पांडेयपुर स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में अब कैंसर के मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण जागी है। यहां टाटा कैंसर हॉस्पिटल की तकनीकी मदद से एक अत्याधुनिक कैंसर यूनिट शुरू करने की तैयारी चल रही है। इस यूनिट के शुरू होने से न केवल वाराणसी बल्कि पूरे पूर्वांचल और बिहार के हजारों मरीजों को इलाज के लिए मुंबई या अन्य बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

ESIC Hospital Varanasi में टाटा की मदद से खुलेगा कैंसर यूनिट

कैंसर यूनिट की तैयारी, टाटा अस्पताल देगा सहयोग

अभी तक ESIC Hospital Varanasi में कैंसर के इलाज की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं थी। यहां मेडिकल ऑन्कोलॉजी या सर्जिकल ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को बाहर रेफर किया जाता था। कैंसर जैसे गंभीर रोग के इलाज के लिए मरीजों को या तो बीएचयू (BHU) के आयुर्विज्ञान संस्थान में या टाटा कैंसर अस्पताल में भेजा जाता था, जहां उन्हें लंबी कतारों और वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ता था।

बीते शुक्रवार को जब केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे वाराणसी दौरे पर आईं, तो इस समस्या पर चर्चा हुई। अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बताया कि कैंसर सर्जन की अनुपलब्धता के कारण मरीजों को अक्सर बाहर भेजना पड़ता है। इस पर मंत्री ने बेंगलुरु के ईएसआईसी अस्पताल का उदाहरण दिया, जहां कैंसर उपचार के लिए अन्य संस्थानों से विशेषज्ञ डॉक्टर बुलाए जाते हैं।

केंद्रीय मंत्री के सुझाव के बाद अब वाराणसी के ईएसआईसी प्रशासन ने टाटा कैंसर अस्पताल के साथ मिलकर यहां कैंसर यूनिट खोलने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस यूनिट के तहत टाटा अस्पताल के अनुभवी ऑन्कोलॉजिस्ट समय-समय पर वाराणसी आएंगे और यहां मरीजों का इलाज एवं सर्जरी करेंगे।

मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत

ESIC Hospital Varanasi के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पी.के. राय के अनुसार, “अस्पताल में प्रतिदिन लगभग 160 से 170 मरीज उपचार के लिए आते हैं। इनमें 2 से 3 नए कैंसर मरीज रोजाना दर्ज किए जाते हैं। वर्तमान में इन्हें टाटा अस्पताल रेफर करना पड़ता है, लेकिन वहां लंबी प्रतीक्षा सूची के कारण मरीजों को भारी परेशानी होती है। नई यूनिट खुलने के बाद मरीजों को फॉलोअप, कीमोथेरेपी और प्रारंभिक सर्जरी जैसी सेवाएं यहीं उपलब्ध हो सकेंगी।”

कई बार मरीजों को केवल कीमोथेरेपी या नियमित जांच की जरूरत होती है, जिसके लिए उन्हें मुंबई तक जाना बहुत मुश्किल होता है। खासकर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह यात्रा बोझिल साबित होती है। ऐसे में Varanasi में कैंसर यूनिट खुलना उनके लिए बड़ी राहत लेकर आएगा।

Varanasi में बढ़ रहा कैंसर का बोझ

पूर्वांचल और बिहार में कैंसर के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते प्रदूषण, तंबाकू सेवन और बदलती जीवनशैली इसके प्रमुख कारण हैं। वर्तमान में काशी में कैंसर के इलाज के तीन बड़े सरकारी केंद्र संचालित हो रहे हैं —

1. बीएचयू का आयुर्विज्ञान संस्थान (IMS BHU) – जहां मेडिकल और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी दोनों की सुविधा मौजूद है।

2. टाटा मेमोरियल से संबद्ध सुंदरपुर और लहरतारा के कैंसर अस्पताल – यहां उच्चस्तरीय कैंसर केयर उपलब्ध है।

3. ESIC Hospital Varanasi – जहां अब नए कैंसर यूनिट की शुरुआत होने जा रही है।

नई यूनिट के खुलने के बाद काशी और आसपास के जिलों जैसे गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर, जौनपुर और सासाराम तक के मरीजों को भी लाभ मिलेगा। इससे वाराणसी को चिकित्सा के क्षेत्र में एक नया आयाम मिलेगा।

ESIC Hospital Varanasi में टाटा की मदद से खुलेगा कैंसर यूनिट

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मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार

ESIC Hospital में पहले से ही कई मल्टी-सुपर स्पेशियलिटी विभाग संचालित हैं। इनमें गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी, कार्डियोलॉजी, यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी, जनरल मेडिसिन, गायनेकोलॉजी, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी, एनेस्थीसिया, पीडियाट्रिक्स और पैथोलॉजी जैसे विभागों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार काम कर रही है।

अब कैंसर यूनिट के जुड़ने से अस्पताल की सुविधाएं और अधिक व्यापक हो जाएंगी। यह यूनिट न केवल ईएसआईसी के बीमित कर्मचारियों बल्कि आम जनता के लिए भी उपयोगी साबित होगी।

कैंसर मरीजों के लिए बदलते हालात

विशेषज्ञों का मानना है कि कैंसर का इलाज समय पर शुरू हो जाए तो मरीज के ठीक होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। अब तक इलाज में देरी का सबसे बड़ा कारण था— सही डॉक्टर तक पहुंचने में कठिनाई। लेकिन ESIC Hospital Varanasi में यूनिट खुलने से मरीजों को प्राथमिक स्तर पर ही जांच और इलाज मिल सकेगा, जिससे गंभीर स्थिति से बचा जा सकेगा।

इस यूनिट में अत्याधुनिक उपकरण, कीमोथेरेपी कक्ष, डे-केयर सुविधाएं और ऑन-कॉल विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम तैनात की जाएगी। इससे वाराणसी एक बार फिर चिकित्सा क्षेत्र में अपनी पहचान मजबूत करेगा।

ESIC Hospital Varanasi में टाटा कैंसर अस्पताल की मदद से बनने वाली नई कैंसर यूनिट पूर्वांचल और बिहार के लिए बड़ी सौगात साबित होगी। इससे न केवल मरीजों को बेहतर और सुलभ इलाज मिलेगा बल्कि उन्हें मुंबई जैसे महानगरों की दौड़ से भी राहत मिलेगी। जो काशी को पूर्वी भारत के प्रमुख मेडिकल हब के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।