Delhi में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर, हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए 3.29 लाख क्यूसेक पानी ने बढ़ाई टेंशन | यूपी में भी अलर्ट जारी
New Delhi – राजधानी Delhi में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। सोमवार को हथिनीकुंड बैराज से करीब 3.29 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि मंगलवार शाम तक यह स्तर 206 मीटर तक पहुँच सकता है। इस बीच, प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और यूपी और एनसीआर के कई जिलों में स्कूलों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं।

हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी ने Delhi में खतरा बढ़ा दिया
सोमवार सुबह हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए भारी जल प्रवाह ने Delhi में हालात और बिगाड़ दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बैराज से छोड़ा गया पानी 48 से 50 घंटों में यमुना तक पहुँच जाएगा और Delhi के निचले इलाकों को प्रभावित करेगा। इसके चलते प्रशासन ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी है। वहीं, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद और नोएडा में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
Delhi सरकार की तैयारियाँ और यमुना पर कड़ी निगरानी
Delhi की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यमुना का डूब क्षेत्र ज़रूर प्रभावित होगा, लेकिन राजधानी को कोई बड़ा खतरा होने की आशंका नहीं है। इस बीच, मंत्री प्रवेश वर्मा ने भी कहा कि हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर रात तक दिखाई दे सकता है। सरकार ने राहत और बचाव कार्यों के लिए टीमें तैयार कर ली हैं। साथ ही, उत्तर प्रदेश प्रशासन के साथ समन्वय भी किया जा रहा है।

यमुना के किनारे विस्थापन और बाढ़ राहत शिविर
Delhi प्रशासन ने बताया कि यमुना के किनारे रहने वाले लगभग 15,000 और डूब क्षेत्र में रहने वाले 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है। इस बीच, मयूर विहार में बाढ़ राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। यहाँ लोग तंबुओं में शरण ले रहे हैं। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि यमुना का जलस्तर अचानक बढ़ने से जान-माल का नुकसान न हो। उधर, यूपी के कई गांवों में भी अलर्ट जारी किया गया है।
अगस्त 2025: हथिनीकुंड बैराज पर दबाव और Delhi में रिकॉर्ड बारिश
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि अगस्त 2025 में दिल्ली समेत पूरे देश में रिकॉर्ड बारिश होगी। यमुना के जलस्तर में वृद्धि का यह भी एक बड़ा कारण है। इस दौरान देशभर में 268.1 मिमी बारिश दर्ज की गई। उत्तर-पश्चिम भारत में 265 मिमी बारिश हुई, जो 2001 के बाद सबसे ज़्यादा है। इससे हथिनीकुंड बैराज पर भी दबाव बढ़ गया और पानी छोड़ा गया। वहीं, यूपी में भारी बारिश से स्थिति गंभीर बनी हुई है।
हरियाणा, यूपी और पंजाब में बाढ़ का असर
Delhi के साथ-साथ यमुना के उफान का असर पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ रहा है। हरियाणा के पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में भारी बारिश हुई है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर हरियाणा पर भी पड़ा है। इसी तरह, पंजाब में सतलुज और व्यास नदियाँ उफान पर हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और प्रशासन ने प्रभावित गाँवों को खाली कराने की प्रक्रिया तेज़ कर दी है।
उत्तर प्रदेश में अलर्ट और स्कूलों की छुट्टी
दिल्ली के हालात का सीधा असर उत्तर प्रदेश में भी दिख रहा है। मुज़फ़्फ़रनगर और मेरठ में मंगलवार को कक्षा 8 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि यमुना का बढ़ता जलस्तर और लगातार बारिश बच्चों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है। वहीं, प्रशासन ने नोएडा और गाजियाबाद में भी एडवाइजरी जारी की है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर इन जिलों में 48 घंटों में दिखने की संभावना है।
प्रशासन की सतर्कता: Delhi और उत्तर प्रदेश में बाढ़ चौकियाँ सक्रिय
Delhi प्रशासन ने बाढ़ चौकियाँ सक्रिय कर दी हैं और सभी अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं। यमुना किनारे बसे गाँवों में लाउडस्पीकर से घोषणाएँ की जा रही हैं। लोनी और गाजियाबाद में यमुना के पुश्ता बाँधों पर नज़र रखी जा रही है। कुछ जगहों पर मिट्टी धंसने की खबरें आई हैं। ऐसे में प्रशासन ने और सख्ती बरतने के आदेश दिए हैं। हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का सबसे ज़्यादा असर इन्हीं इलाकों पर पड़ेगा।
जनता के लिए सलाह – Delhi और यूपी के लोग रहें सतर्क
Delhi और यूपी प्रशासन ने लोगों के लिए एक सलाह जारी की है।
1. निचले इलाकों से दूर रहें।
2. यमुना के किनारे न जाएँ।
3. इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से सावधान रहें।
4. डूबे हुए पुलों और अंडरपास से बचें।
5. बच्चों को बारिश में खेलने से रोकें।
6. केवल उबला हुआ पानी पिएँ।
प्रशासन ने यह भी कहा है कि नाव पर यात्रा करते समय लाइफ जैकेट पहनना ज़रूरी है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी से आने वाले 24-48 घंटों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
अगले 24 घंटे Delhi और उत्तर प्रदेश के लिए अहम
सोमवार दोपहर 12 बजे Delhi में यमुना का जलस्तर 204.87 मीटर दर्ज किया गया। खतरे का निशान 205.33 मीटर है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्तर मंगलवार शाम तक 206 मीटर के पार जा सकता है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी का असर राजधानी और यूपी पर सीधा दिखेगा।
इस समय Delhi और एनसीआर में स्थिति गंभीर है। हथिनीकुंड बैराज से छोड़े गए पानी और लगातार बारिश ने यमुना को उफान पर ला दिया है। सरकार और प्रशासन ने तैयारियाँ पूरी कर ली हैं, लेकिन यूपी समेत निचले इलाकों में रहने वालों के लिए खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों का कहना है कि अगले 24 घंटे बेहद अहम होंगे और लोगों से सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










