Dalmandi widening योजना का साइलेंट विरोध

Dalmandi widening योजना का साइलेंट विरोध, दुकानें बंद; ध्वस्तीकरण के लिए कराई गई मुनादी

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Dalmandi widening योजना का साइलेंट विरोध, दुकानें बंद; ध्वस्तीकरण के लिए कराई गई मुनादी

वाराणसी के ऐतिहासिक दालमंडी क्षेत्र में प्रस्तावित Dalmandi widening योजना को लेकर शुक्रवार को माहौल गंभीर और तनावपूर्ण नजर आया। चौड़ीकरण के तहत होने वाली ध्वस्तीकरण कार्रवाई से पहले वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से पूरे इलाके में मुनादी कराई गई। लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को अपने मकान और दुकानें खाली करने की अपील की गई। वहीं, कार्रवाई के विरोध में स्थानीय दुकानदारों ने साइलेंट विरोध दर्ज कराते हुए अपनी दुकानें बंद रखीं।

सुबह से ही दालमंडी इलाके में पुलिस, वीडीए, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और जिला प्रशासन की टीमें तैनात रहीं। मुनादी के दौरान साफ शब्दों में कहा गया कि जिन भवनों पर पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है, उन्हें तत्काल खाली किया जाए ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई बिना किसी बाधा के पूरी की जा सके। इस दौरान क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी देखने को मिली।

13 भवनों को तुरंत खाली करने का निर्देश

मुनादी के दौरान यह जानकारी दी गई कि दालमंडी क्षेत्र में कुल 13 भवन ऐसे हैं, जिन पर तोड़फोड़ का नोटिस जारी हो चुका है। इन भवनों के मालिकों और निवासियों से आग्रह किया गया कि वे अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं और निर्धारित समय के भीतर भवन खाली कर दें। प्रशासन का कहना है कि पूर्व में सभी संबंधित पक्षों को नोटिस दिया जा चुका है और अब अंतिम चरण की कार्रवाई शुरू की जा रही है।

दुकानदारों का साइलेंट विरोध

Dalmandi widening योजना का साइलेंट विरोध, दुकानें बंद; ध्वस्तीकरण के लिए कराई गई मुनादी

चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय दुकानदारों में असंतोष साफ दिखाई दिया। किसी भी तरह का नारेबाजी या हंगामा न करते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद रखीं और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताया। दुकानदारों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन उन्हें समय और मुआवजे को लेकर स्पष्टता चाहिए। कई दुकानदारों ने यह भी कहा कि आजीविका से जुड़े इस मुद्दे पर प्रशासन को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।

अब तक 24 मकानों का रजिस्ट्रीकरण

Dalmandi widening अभियान को लेकर पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता केके सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अब तक 24 मकानों का रजिस्ट्रीकरण पूरा किया जा चुका है। इनमें से छह मकानों को पहले ही जमींदोज किया जा चुका है, जबकि पांच मकानों को तोड़ने की कार्रवाई फिलहाल जारी है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 14 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रभावित लोगों में वितरित किया जा चुका है।

10 फरवरी तक पूरा करने का लक्ष्य

पीडब्ल्यूडी के अनुसार दालमंडी कार्य को तय समयसीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत 10 फरवरी तक अधिकांश ध्वस्तीकरण और सड़क निर्माण से जुड़े कार्य पूरे करने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह परियोजना वाराणसी के यातायात दबाव को कम करने और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी है।

17 मीटर चौड़ी होगी सड़क

इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत दालमंडी की मौजूदा सड़क को चौड़ा कर 17 मीटर किया जाएगा। इसके लिए कुल 187 मकानों को चिह्नित किया गया है। प्रशासन का दावा है कि सड़क चौड़ीकरण के बाद इस क्षेत्र में जाम की समस्या से राहत मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी दीर्घकालिक लाभ होगा।

कैंप कार्यालय में लोगों की भीड़

Dalmandi widening योजना का साइलेंट विरोध, दुकानें बंद; ध्वस्तीकरण के लिए कराई गई मुनादी

चौक थाना परिसर में स्थापित खुले कैंप कार्यालय में शुक्रवार को 50 से अधिक लोगों ने पहुंचकर अपने दस्तावेजों की जांच कराई। अधिकारी प्रभावित लोगों के कागजातों का सत्यापन कर रहे हैं, ताकि मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। प्रशासन का कहना है कि जिनके दस्तावेज पूर्ण और वैध पाए जाएंगे, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

प्रशासन का रुख सख्त

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चौड़ीकरण योजना को किसी भी कीमत पर रोका नहीं जाएगा। हालांकि, यह भी कहा गया है कि प्रभावित लोगों को नियमों के तहत हर संभव सहायता दी जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना पूरी होने के बाद दालमंडी क्षेत्र का स्वरूप बदलेगा और शहर के विकास को नई गति मिलेगी। फिलहाल दालमंडी में साइलेंट विरोध और मुनादी के बीच माहौल संवेदनशील बना हुआ है। आने वाले दिनों में ध्वस्तीकरण की रफ्तार तेज होने की संभावना है, जिस पर पूरे शहर की नजर टिकी हुई है।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।