Ropeway निर्माण से गिरजाघर मार्ग बंद

Ropeway निर्माण से गिरजाघर मार्ग बंद, वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

Ropeway निर्माण से गिरजाघर मार्ग बंद, वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें

Varanasi News – वाराणसी में Ropeway निर्माण ने एक बार फिर शहर की आवाजाही को गहरी चुनौती दी है। गिरजाघर चौराहे की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद कर दिया गया है, जिससे आम लोगों की रोजमर्रा की यात्रा प्रभावित हो रही है। विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहन चालकों को वैकल्पिक मार्गों की तलाश करनी पड़ रही है, लेकिन इन संकरे रास्तों पर भी जाम से राहत नहीं मिल पा रही है।

वाराणसी में Ropeway कार्य के कारण गिरजाघर चौराहा बंद

Ropeway निर्माण से गिरजाघर मार्ग बंद, वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें

गिरजाघर चौराहे पर पिछले कई महीनों से Ropeway निर्माण का काम जारी है। शुरुआत में एक लेन बंद थी और दूसरी लेन से वाहनों का आवागमन सीमित रूप से चल रहा था। लेकिन लगभग एक सप्ताह पहले चौराहे के पास नई बैरिकेडिंग लगा दी गई, जिसके बाद दोनों लेन को पूरी तरह बंद कर दिया गया। गोदौलिया, नई सड़क और लक्सा की दिशा से आने वाले वाहनों को अब गिरजाघर की ओर जाने की अनुमति नहीं है। यह मार्ग शहर का सबसे व्यस्त रास्ता माना जाता है, इसलिए इसके बंद होने से लोगों को गंभीर यातायात दबाव झेलना पड़ रहा है।

डायवर्जन योजना तय नहीं : गलियों में फंसे वाहन

सबसे बड़ी समस्या यह है कि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट डायवर्जन रूट घोषित नहीं किया गया है। परिणामस्वरूप वाहन चालक बिना तय दिशानिर्देशों के गलियों में घुस रहे हैं। इन संकरी गलियों में पैदल यात्रियों और दुकानदारों की भीड़ के बीच वाहनों का निकलना बेहद मुश्किल हो रहा है। लोग शिकायत कर रहे हैं कि गलियां इतनी संकरी हैं कि दो पहिया वाहन भी मुश्किल से निकल पा रहे हैं। कई जगह ठेले और दुकानें भी मार्ग को और संकरा बना देती हैं।

लक्सा थाने के पास फिर नई बाधा

लक्सा थाने के पास भी बैरिकेडिंग लगाकर मार्ग को बंद कर दिया गया है। यहां निर्माण सामग्री रखी गई है, जिससे वाहनों का आगे बढ़ना असंभव हो गया है। अब वाहनों को मजबूरन औरंगाबाद की ओर मोड़ा जा रहा है। स्थिति तब और खराब हो गई जब कुछ दिन पहले इसी संकरे मार्ग पर एक ट्राली पर ट्रांसफार्मर खड़ा कर दिया गया। इस कारण अब इस रास्ते से केवल एक बाइक ही निकल पाती है। चार पहिया वाहनों का निकलना लगभग असंभव हो गया है।

वाराणसी में गिरजाघर–गोदौलिया मार्ग महीनों से प्रभावित

Ropeway निर्माण से गिरजाघर मार्ग बंद, वाहन चालकों की बढ़ी मुश्किलें

गिरजाघर से गोदौलिया की ओर जाने वाला मार्ग भी लंबे समय से प्रभावित है। यहां सिर्फ एक संकरे हिस्से से पैदल यात्री ही गुजर पा रहे हैं। चार पहिया वाहनों को गुरुबाग से लक्सा की ओर आने से मना किया गया है, लेकिन ई-रिक्शा, रिक्शा और ऑटो इसी मार्ग से निकलते देखे जा रहे हैं, जिससे भ्रम की स्थिति और बढ़ रही है।

वाराणसी नई सड़क–भेलूपुर मार्ग पर भारी दबाव

चौराहे बंद होने के बाद अब केवल नई सड़क–भेलूपुर मार्ग ही मुख्य विकल्प बचा है। लेकिन यह मार्ग पहले से ही संकरा और भीड़भाड़ वाला है। चार पहिया, दो पहिया और पैदल यात्रियों की भीड़ बढ़ने से यहां लगातार जाम लगा रहता है। गुरुवार को भी यह मार्ग दिनभर जाम की चपेट में रहा। लोग 10 मिनट की दूरी तय करने में 30-40 मिनट तक फंसे रहे। वाहन चालक मुश्किल से रेंगते हुए आगे बढ़ पा रहे थे।

स्थानीय लोग बोले—प्रशासन तुरंत हस्तक्षेप करे

स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द एक स्पष्ट डायवर्जन योजना लागू करे या फिर आंशिक रूप से ही सही, मार्ग को खोलने का प्रयास करे। उनका कहना है कि Ropeway निर्माण जरूरी है, लेकिन इसके नाम पर नागरिकों को महीनों तक सड़क बंद कर देना उचित नहीं है।

लोगों का कहना है कि :

  • मार्ग बंद करने से पहले वैकल्पिक रास्तों की घोषणा होनी चाहिए थी।
  • सड़क किनारे अनियंत्रित बैरिकेडिंग हटाई जानी चाहिए।
  • निर्माण कार्य की गति बढ़ाई जानी चाहिए ताकि लोगों को राहत मिल सके।

स्वतंत्र वाणी News लगातार इस मुद्दे पर नजर बनाए हुए है और आगे के अपडेट आपको पहुंचाता रहेगा।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।