Uttar Pradesh में जमीन खरीदना-बेचना होगा आसान

Uttar Pradesh में जमीन खरीदना-बेचना होगा आसान

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Uttar Pradesh में जमीन खरीदना-बेचना होगा आसान — योगी सरकार लाने जा रही नई व्यवस्था, सर्किल रेट पर जल्द आएगा शासनादेश

Uttar Pradesh में जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया अब और आसान होने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार सर्किल रेट को लेकर नया शासनादेश (Government Order) जारी करने की तैयारी में है। इस कदम से जमीन खरीदने-बेचने की जटिल प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और लोगों को अब किसी मध्यस्थ या वकील पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

Uttar Pradesh में जमीन खरीदना-बेचना होगा आसान

जमीन की रजिस्ट्री होगी आसान, खुद बुक करें स्लॉट

Uttar Pradesh के स्टांप एवं पंजीयन मंत्री रवींद्र जायसवाल ने बताया कि अब कोई भी व्यक्ति खुद ऑनलाइन स्लॉट बुक कर अपनी जमीन की रजिस्ट्री (Registration) करवा सकेगा। इसके लिए अब किसी एजेंट या मध्यस्थ की जरूरत नहीं होगी। यह व्यवस्था लागू होने के बाद लोग घर बैठे ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

उन्होंने कहा कि यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘ईज ऑफ लिविंग’ (Ease of Living) विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा सुधार साबित होगा।

Uttar Pradesh में जमीन खरीदना-बेचना होगा आसान

सर्किल रेट में आएगी पारदर्शिता

अभी तक प्रदेश में सर्किल रेट तय करने के लिए लगभग 40 मानक (Parameters) अपनाए जाते हैं, जिससे एक ही इलाके की अलग-अलग जमीनों के सर्किल रेट में भारी अंतर होता है। अब सरकार इन मानकों को घटाकर 15-20 तक सीमित करने जा रही है, ताकि एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।

उदाहरण के तौर पर, लखनऊ के हजरतगंज इलाके में अब मुख्य मार्ग और गली की संपत्तियों पर समान सर्किल रेट नहीं लगेगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोग ऑनलाइन अपनी जमीन का विवरण भरकर सर्किल रेट देख सकेंगे।

मंत्री जायसवाल ने बताया कि इससे लोगों को वास्तविक और न्यायसंगत मूल्यांकन मिलेगा और संपत्ति कर व स्टांप शुल्क से जुड़ी शिकायतों में भी कमी आएगी।

ऑनलाइन सर्किल रेट और स्टांप शुल्क कैलकुलेशन

नई प्रणाली के तहत नागरिक अपनी जमीन की डिटेल भरकर स्टांप विभाग की वेबसाइट पर सर्किल रेट की जानकारी पा सकेंगे। साथ ही, रजिस्ट्री के लिए आवश्यक स्टांप शुल्क और फीस भी खुद ऑनलाइन निकाल सकेंगे। इससे स्टांप चोरी (Stamp Duty Evasion) जैसे मामलों पर भी अंकुश लगेगा।

आईजी स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन नेहा शर्मा ने बताया कि शासनादेश जारी होने के बाद प्रदेश के सभी जिलों में सर्किल रेट के प्रारूप एक जैसे होंगे। इससे जमीन खरीदने-बेचने वालों को अब भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।

31 अक्तूबर तक शाम 6 बजे तक खुलेंगे रजिस्ट्री कार्यालय

दीपावली के मद्देनज़र राज्य सरकार ने लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। सभी रजिस्ट्री कार्यालय अब 31 अक्तूबर तक शाम 6 बजे तक खुले रहेंगे।

मंत्री जायसवाल ने बताया कि दीपावली सीजन में रजिस्ट्री की संख्या में भारी इजाफा होता है। इसलिए यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है ताकि लोगों को दिक्कत न हो। नागरिक अब स्टांप पेपर की खरीद और रजिस्ट्री शुल्क का भुगतान ऑनलाइन या नकद दोनों तरीकों से कर सकेंगे।

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‘ईज ऑफ लिविंग’ मिशन की दिशा में बड़ा कदम

योगी सरकार का यह निर्णय Uttar Pradesh के नागरिकों के लिए एक बड़ा राहत भरा कदम है। इससे न केवल जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी बल्कि भ्रष्टाचार और बिचौलिया संस्कृति पर भी लगाम लगेगी।

  • इस नई व्यवस्था से
  • जमीन खरीदने-बेचने की प्रक्रिया तेज और सरल होगी,
  • स्टांप चोरी पर रोक लगेगी,
  • लोगों को सही सर्किल रेट की जानकारी आसानी से मिलेगी,
  • और नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि Uttar Pradesh को “Ease of Doing Business” और “Ease of Living” में देश का अग्रणी राज्य बनाया जाए। यह सुधार उसी दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।

स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द

Uttar Pradesh सरकार द्वारा जमीन की खरीद-बिक्री से जुड़ी प्रक्रियाओं को डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में यह पहल जनता के लिए बड़ी राहत लेकर आएगी। अब लोग न केवल ऑनलाइन अपनी संपत्ति का सर्किल रेट देख सकेंगे बल्कि बिना किसी मध्यस्थ के रजिस्ट्री की प्रक्रिया भी खुद पूरी कर पाएंगे। योगी सरकार का यह कदम निश्चित रूप से प्रदेश को डिजिटल गवर्नेंस और पारदर्शिता के एक नए दौर में प्रवेश कराएगा।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।