BHU में बढ़ाई गई OPD फीस: 30 रुपये वाला पर्चा अब 50 रुपये में, जानें नई दरें 20 नवंबर से लागू हुई
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित सर सुंदरलाल अस्पताल से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। BHU प्रशासन ने ओपीडी फीस में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। अब अस्पताल में पर्चा बनवाने के लिए मरीजों को ज्यादा रकम चुकानी पड़ेगी। नई दरें 20 नवंबर 2025 से लागू हुआ यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के साथ-साथ पूर्वांचल के हजारों मरीजों को सीधे प्रभावित करेगा।

चार साल बाद फिर बढ़ी OPD फीस
Sir Sundarlal Hospital OPD fees में आखिरी बार परिवर्तन चार साल पहले किया गया था। अब एक बार फिर ओपीडी से संबंधित शुल्क को संशोधित किया गया है। पहले OPD का पर्चा 30 रुपये में बनता था, लेकिन अब इसकी नई दर 50 रुपये तय की गई है। इसका मतलब है कि हर मरीज को अब 20 रुपये अधिक देने होंगे।
BHU प्रशासन का कहना है कि बढ़ती लागत और अस्पताल की सेवाओं को और बेहतर बनाए रखने के लिए यह निर्णय आवश्यक था। चूंकि सर सुंदरलाल अस्पताल में पूर्वांचल ही नहीं, बिहार और मध्य प्रदेश से भी बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं, इसलिए यह बढ़ोतरी सीधे लाखों लोगों को प्रभावित करेगी।
छह महीने की जगह पर्चा अब एक साल तक वैध
न केवल Sir Sundarlal Hospital OPD fees बढ़ाई गई है, बल्कि पर्चे की वैधता अवधि में भी बदलाव किया गया है। पहले ओपीडी पर्चा 6 महीने तक वैध रहता था, लेकिन अब इसकी वैधता बढ़ाकर 1 साल कर दी गई है।
यह बदलाव कई नियमित मरीजों के लिए राहत लेकर आएगा, क्योंकि उन्हें हर कुछ महीनों में नया पर्चा बनवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
नई फीस क्यों लागू की गई?
BHU के अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में अस्पताल के रखरखाव, मशीनों की मरम्मत, स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और स्टाफ की जरूरतों में लगातार वृद्धि हुई है। ऐसे में मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने और अस्पताल की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से चलाने के लिए OPD शुल्क में बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई थी।

एक अधिकारी के अनुसार,
“सर सुंदरलाल अस्पताल में प्रतिदिन हजारों मरीज पहुंचते हैं। ऑपरेशन, लैब टेस्ट, दवाइयां, मशीनें और अस्पताल के ढांचे को अपडेट करने में लगातार खर्च बढ़ रहा है। इसलिए OPD फीस को संशोधित करना जरूरी हो गया था।”
राहत और बढ़ोतरी—दोनों का मिश्रण
जहां एक तरफ OPD शुल्क बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है, वहीं पर्चे की वैधता को दोगुना कर देना एक बड़ी राहत है। जिन मरीजों को लंबे समय तक इलाज चलाना होता है, वे अब सालभर तक उसी पर्चे पर डॉक्टर दिखा सकेंगे।
चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि इस फैसले के दो पक्ष हैं। एक तरफ मामूली शुल्क बढ़ने से मरीजों पर थोड़ी आर्थिक बोझ बढ़ेगा। लेकिन दूसरी ओर पर्चे की एक साल की वैधता उन्हें अतिरिक्त खर्च और परेशानी से बचाएगी।
पूर्वांचल के मरीजों पर होगा सीधा असर
Sir Sundarlal Hospital OPD fees में बदलाव का असर वाराणसी के अलावा आसपास के जिलों—गाजीपुर, जौनपुर, बलिया, चंदौली, भदोही और मिर्जापुर—के मरीजों पर भी पड़ेगा। इसके अलावा बिहार और मध्य प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां आते हैं। इसलिए फीस में बढ़ोतरी का प्रभाव व्यापक होगा।
20 नवंबर से लागू हुई नई दरें
BHU प्रशासन ने आधिकारिक रूप से घोषणा कर दी थी। कि नई OPD फीस और पर्चा वैधता दोनों ही 20 नवंबर से लागू हो जाएंगी। अस्पताल ने इसके लिए अपनी वेबसाइट, नोटिस बोर्ड और OPD काउंटरों पर भी जानकारी प्रसारित करानी शुरू कर दी है।
यह भी पढ़ें – Varanasi के BHU में कैंसर उपचार में नई उम्मीद
मरीजों की प्रतिक्रिया
फीस बढ़ोतरी को लेकर आम मरीजों की राय मिश्रित दिख रही है। कुछ लोगों का कहना है कि 50 रुपये बहुत ज्यादा नहीं है और अस्पताल की सुविधाएं अच्छी हैं, इसलिए यह उचित है। वहीं कई मरीजों ने कहा कि पहले से ही जांच और दवाइयों का खर्च काफी है, ऐसे में OPD पर्चे की बढ़ी कीमत उनके बजट को प्रभावित कर सकती है।
स्वतंत्र वाणी के द्वारा निष्कर्ष
Sir Sundarlal Hospital OPD fees बढ़ाने का निर्णय भले ही कुछ लोगों के लिए बोझ साबित हो, लेकिन पर्चे की एक साल की वैधता राहत देने वाली है। इसके साथ ही अस्पताल प्रशासन का मानना है कि इन बदलावों से अस्पताल की सेवाएं और मजबूत होंगी तथा मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सकेगी।
खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।
Author: Rajesh Srivastava
राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।







