BHU पर निगम का 122 करोड़ बकाया, 90 करोड़ का जल-सीवर कर माफ करने की तैयारी; बड़े बकायेदारों पर कसेगा शिकंजा
Varanasi News: वाराणसी नगर निगम (Municipal Corporation) ने शहर के सबसे बड़े बकायेदारों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। इसमें सबसे अहम नाम काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का है, जिस पर नगर निगम का करीब 122 करोड़ रुपये का बकाया है। नगर निगम की तैयारी है कि बीएचयू के जलकर और सीवर कर के लगभग 90 करोड़ रुपये माफ किए जाएं। इस प्रस्ताव को सदन की अनुमति मिल चुकी है, हालांकि अंतिम निर्णय से पहले शासन को पत्र भेजकर राय मांगी गई है।
नगर निगम अधिनियम के तहत किसी भी प्रकार के कर को समाप्त करने या माफ करने का अधिकार शासन के पास होता है। ऐसे में निगम प्रशासन ने प्रक्रिया पूरी करते हुए शासन स्तर पर स्वीकृति लेने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

BHU के कर निर्धारण पर लंबे समय से संशय
नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक BHU का परिसर दो हिस्सों में बंटा हुआ है—एक कॉमर्शियल और दूसरा रिहायशी। इसी वजह से लंबे समय से कर निर्धारण को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। बीएचयू के नाम पर गृहकर, जलकर, सीवर कर, बकाया राशि और ब्याज को मिलाकर कुल 122 करोड़ रुपये की देनदारी दर्शाई गई है।
सदन में यह मुद्दा उठने के बाद तय किया गया कि जलकर और सीवर कर पर पुनर्विचार किया जाए, जबकि अन्य करों को संशोधित बिल के जरिए निस्तारित किया जाएगा।
उपसभापति के तर्क के बाद बदला रुख
नगर निगम सदन की बैठक में उपसभापति नरसिंह दास ने बीएचयू के बकाए कर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने तर्क दिया कि बीएचयू का अपना वॉटर सप्लाई सिस्टम और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट है। ऐसे में विश्वविद्यालय पर जलकर और सीवर कर लगाना न्यायसंगत नहीं है।
उपसभापति के इस तर्क पर सदन ने सहमति जताई और ब्याज माफ कर संशोधित बिल जारी करने का निर्णय लिया गया। इसी आधार पर 90 करोड़ रुपये तक की राहत देने की तैयारी की जा रही है।
बड़े बकायेदारों से होगी सख्त वसूली
हालांकि बीएचयू को राहत देने की प्रक्रिया के साथ-साथ नगर निगम ने यह भी साफ कर दिया है कि शहर के अन्य बड़े बकायेदारों से सख्ती से वसूली की जाएगी। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि मौका देने के बावजूद बकाया जमा नहीं करने वालों पर सील और कुर्की की कार्रवाई की जाएगी।
इसके लिए नगर निगम की ओर से बड़े बकायेदारों को डिमांड नोटिस भेजे जा रहे हैं। यदि तय समयसीमा में भुगतान नहीं हुआ तो कुर्की वारंट जारी किए जाएंगे।
नगर निगम के बड़े बकायेदारों की सूची
नगर निगम ने जिन बड़े बकायेदारों के नाम सार्वजनिक किए हैं, उनमें प्रमुख रूप से—
- बीएसएनएल – पौने चार करोड़ रुपये
- रोडवेज – लगभग एक करोड़ रुपये
- दशाश्वमेध क्षेत्र (आरके) – 40.51 लाख रुपये
- कोतवाली क्षेत्र (रोशन) – 15.16 लाख रुपये
- वरुणापार क्षेत्र (विनोद) – 14.49 लाख रुपये
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इन सभी पर नियमानुसार वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
2.20 लाख भवन स्वामियों पर नजर
नगर निगम क्षेत्र में कुल 2.20 लाख भवन स्वामी पंजीकृत हैं। हाल ही में हुई बैठक में मेयर अशोक कुमार तिवारी और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने राजस्व विभाग को सख्त निर्देश दिए थे कि बड़े बकायेदारों के खिलाफ कोई ढिलाई न बरती जाए।
उन्होंने साफ कहा था कि जिन भवन स्वामियों पर भारी बकाया है, उनके खिलाफ कुर्की वारंट जारी किए जाएं और राजस्व वसूली के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा किया जाए। राजस्व निरीक्षकों को चेतावनी दी गई है कि इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शहर के राजस्व पर पड़ेगा असर
BHU को दी जाने वाली राहत से नगर निगम के राजस्व पर असर पड़ सकता है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि इससे कर व्यवस्था में स्पष्टता आएगी। साथ ही, अन्य बड़े बकायेदारों से सख्त वसूली कर इस नुकसान की भरपाई की जाएगी।
Varanasi में यह फैसला इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि एक तरफ बीएचयू को बड़ी राहत देने की तैयारी है, तो दूसरी ओर नगर निगम ने यह संकेत भी दे दिया है कि अब बड़े बकायेदारों के दिन पूरे हो चुके हैं। आने वाले दिनों में सील और कुर्की की कार्रवाई तेज होने की पूरी संभावना है।
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Author: Preeti Dubey
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