Varanasi में Diwali की रौनक के बीच दालमंडी में चल रहा पटाखों का काला कारोबार

Varanasi में Diwali की रौनक के बीच दालमंडी में चल रहा पटाखों का काला कारोबार

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Varanasi में Diwali की रौनक के बीच दालमंडी में चल रहा पटाखों का काला कारोबार, पुलिस ने मारी छापेमारी — तीन गिरफ्तार, तीन क्विंटल से ज्यादा अवैध पटाखे बरामद

Varanasi news – Varanasi का ऐतिहासिक और भीड़भाड़ वाला दालमंडी इलाका इस समय एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह कुछ चिंताजनक है। दीपावली जैसे रोशनी के पर्व से पहले यहां बारूद के जखीरे पर पूरा इलाका बैठा हुआ है। हर तरफ Diwali की तैयारी है, बाजारों में चकाचौंध है, पर इस रौनक के पीछे एक बड़ा खतरा मंडरा रहा है — अवैध पटाखों का कारोबार।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दालमंडी में करीब दो दर्जन से अधिक गोदामों और घरों में अवैध पटाखों का स्टॉक छिपाकर रखा गया है। ये पटाखे बिना किसी अनुमति या सुरक्षा नियमों का पालन किए बनाए और बेचे जा रहे हैं। Diwali के दौरान शहर के सबसे ज्यादा पटाखों की बिक्री इसी क्षेत्र से होती है, और इसी कारण हर साल यहां बारूद का अवैध व्यापार पनपता है।

Varanasi में Diwali की रौनक के बीच दालमंडी में चल रहा पटाखों का काला कारोबार

यहां के संकरे गलियों में बने गोदाम और भीड़भाड़ वाला माहौल किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकता है। जिस मात्रा में बारूद जमा है, वह न केवल दुकानदारों बल्कि हजारों स्थानीय निवासियों के लिए भी एक बड़ा खतरा बन चुका है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई, पर अभी लंबा रास्ता बाकी

Varanasi पुलिस ने Diwali से पहले ही अवैध पटाखों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के आदेश पर दालमंडी और आसपास के क्षेत्रों में छापेमारी अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया और तीन क्विंटल से अधिक अवैध पटाखे बरामद किए।

पुलिस का कहना है कि यह केवल शुरुआती कदम है और आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि Varanasi में किसी भी हाल में अवैध पटाखा भंडारण या बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Varanasi में Diwali की रौनक के बीच दालमंडी में चल रहा पटाखों का काला कारोबार

हालांकि, स्थानीय सूत्र बताते हैं कि पुलिस की यह कार्रवाई ‘समुद्र में बूंद’ के समान है। दालमंडी में अभी भी दर्जनों मकानों में अवैध पटाखे छिपाए गए हैं। इन गोदामों में रात के समय माल की आमद-जावद होती है और सुबह इन्हें छोटी दुकानों या फेरीवालों के जरिए बाजार में पहुंचा दिया जाता है। कई व्यापारी इन्हें “सेफ फायरक्रैकर्स” या “डेकोरेशन मटेरियल” के नाम पर बेचते हैं ताकि किसी जांच के दौरान बच सकें।

खतरे की जद में पूरा इलाका

दालमंडी Varanasi का सबसे घना इलाका माना जाता है, जहां हजारों परिवार रहते हैं। यहां गलियां इतनी तंग हैं कि दमकल की गाड़ी तक पहुंचने में मुश्किल होती है। ऐसे में अगर किसी एक गोदाम में आग लग जाए, तो आग को फैलने से रोक पाना लगभग असंभव होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि बारूद के इतने बड़े भंडारण से पूरी दालमंडी एक ‘टाइम बम’ में बदल चुकी है। जरा सी चिंगारी या बिजली का शॉर्ट सर्किट भी भयंकर विस्फोट का कारण बन सकता है।

स्थानीय निवासियों ने कई बार प्रशासन को शिकायत दी है, पर हर साल Diwali के समय यही हालात लौट आते हैं। लोगों का कहना है कि पटाखा कारोबार में शामिल कुछ व्यापारी इतने प्रभावशाली हैं कि उनके खिलाफ कार्रवाई के बाद भी यह नेटवर्क दोबारा सक्रिय हो जाता है।

Diwali की तैयारियों के बीच सतर्कता जरूरी

शहर में Diwali की हलचल अब अपने चरम पर है। दालमंडी, चौक, गोदौलिया, विशेश्वरगंज और लक्सा जैसे बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। रंग-बिरंगी लाइटें, मिठाइयों की दुकानें, सोना-चांदी और बर्तनों की खरीदारी से पूरा बाजार जगमगा रहा है।

लेकिन इस उत्सव की रौनक के पीछे छिपा यह अवैध पटाखा कारोबार शहर के लिए चिंता का कारण बन गया है। पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को किसी भी संदिग्ध गोदाम या अवैध पटाखा बिक्री की जानकारी मिले, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।

कमिश्नरेट पुलिस का दावा है कि Diwali से पहले Varanasi को पूरी तरह “अवैध पटाखा मुक्त” बनाने का लक्ष्य है। इसके लिए लगातार छापेमारी और निगरानी जारी रहेगी।

जिम्मेदारी और जागरूकता ही बचाव

दालमंडी का यह अवैध पटाखा कारोबार केवल कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह पूरे शहर की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों को भी इसमें अपनी भूमिका निभानी होगी। यदि लोग केवल सस्ती कीमतों के लालच में ऐसे पटाखे खरीदेंगे, तो यह अवैध व्यापार खत्म नहीं होगा।

रौनक और रोशनी के इस पर्व को सुरक्षित और स्वच्छ Diwali में बदलने के लिए जरूरी है कि हम जिम्मेदार नागरिक बनें। दालमंडी का बारूद का जखीरा सिर्फ पुलिस के लिए चुनौती नहीं है, बल्कि यह पूरे varanasi की शांति और सुरक्षा पर मंडराता खतरा है।

स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द-

जब तक प्रशासनिक सख्ती के साथ जनता की जागरूकता नहीं जुड़ती, तब तक इस तरह के अवैध कारोबार खत्म नहीं होंगे। Varanasi जैसे ऐतिहासिक और आध्यात्मिक शहर में Diwali का अर्थ केवल दीयों की रोशनी नहीं, बल्कि सुरक्षा, सद्भाव और स्वच्छता की लौ जलाना भी है।

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Author: kamalkant

कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।