वाराणसी से Airforce ने 10 दिवसीय नौका अभियान की शुरुआत की

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी से Airforce एयर ऑफिसर, कमांडिंग-इन-चीफ, एयर मार्शल ने 10 दिवसीय नौका अभियान की शुरुआत की — “नदी से नया भारत” थीम के साथ जागरूकता का संदेश

भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी एक बार फिर एक अनोखी और प्रेरणादायक पहल की गवाह बनी। सोमवार को Airforce के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ एयर मार्शल ने यहां से दस दिवसीय नदी नौका अभियान (Boat Expedition) का शुभारंभ किया। इस अभियान की थीम “नदी से नया भारत (Nadi Se Naya Bharat)” रखी गई है, जो न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में नदियों की भूमिका को भी उजागर करती है।

यह अभियान प्रयागराज से वाराणसी तक गंगा नदी के किनारे लगभग 212 किलोमीटर की यात्रा तय करेगा। इसे 7 यूपी नेवल एनसीसी वाराणसी की ओर से उत्तर प्रदेश एनसीसी निदेशालय द्वारा आयोजित किया जा रहा है। अभियान के दौरान नौकाएँ गंगा के तट पर स्थित 10 से अधिक गाँवों और घाटों पर ठहरेंगी, जहाँ स्थानीय लोगों के बीच नदी संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण जागरूकता और आत्मनिर्भरता से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।

वाराणसी से Airforce ने 10 दिवसीय नौका अभियान की शुरुआत की

युवाओं को Airforce से जोड़ने की प्रेरणा

एयर मार्शल ने इस अवसर पर कहा कि भारतीय Airforce सिर्फ आसमान में ताकत का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का भी केंद्र है। इस नदी नौका अभियान का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और साहस की भावना जगाना है। अभियान के माध्यम से युवाओं को बताया जाएगा कि वे किस प्रकार Airforce और एनसीसी जैसी संस्थाओं के माध्यम से देश सेवा में योगदान दे सकते हैं।

उन्होंने कहा, “भारत का भविष्य उसके युवाओं के हाथों में है। हमें उन्हें न केवल तकनीकी रूप से मजबूत बनाना है, बल्कि उन्हें प्रकृति, नदियों और पर्यावरण के महत्व को भी समझाना है। जब युवा जागरूक होंगे, तभी देश का भविष्य उज्जवल होगा।

एनसीसी कैडेट्स का जनजागरण मिशन

इस अभियान में एनसीसी के 60 कैडेट्स शामिल हैं, जो देश की विविधता में एकता का प्रतीक हैं। वे इस यात्रा के दौरान स्वच्छता अभियान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, और जनजागरण रैलियाँ आयोजित करेंगे। प्रत्येक पड़ाव पर स्थानीय लोगों को गंगा नदी की स्वच्छता, प्लास्टिक-मुक्त परिवेश, जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन के महत्व के बारे में जानकारी दी जाएगी।

कैडेट्स ने अपने उत्साह और जोश से यह दिखाया कि देश का युवा वर्ग न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक है, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी गंभीरता से निभाने को तैयार है। यह पहल उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो भारतीय Airforce (Indian Air Force) या नेशनल कैडेट कोर (NCC) में शामिल होकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं।

“नदी से नया भारत” — एक दूरदर्शी थीम

अभियान अधिकारी कमांडर निखिल वैश ने कहा कि “नदी से नया भारत” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि एक दृष्टिकोण है। यह थीम भारत की नदियों को हमारे विकास, आत्मनिर्भरता और पर्यावरणीय संतुलन से जोड़ती है। उन्होंने कहा,

“नदियाँ सिर्फ जल का स्रोत नहीं हैं। वे हमारी संस्कृति, अर्थव्यवस्था, परिवहन, कृषि और जीवन का आधार हैं। यदि हम नदियों को स्वच्छ और संरक्षित रखें, तो यही नदियाँ एक समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत की नींव बन सकती हैं।”

गंगा: जीवन, संस्कृति और विकास की धारा

गंगा नदी भारतीय सभ्यता की आत्मा रही है। यह न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से पवित्र है, बल्कि आर्थिक रूप से भी करोड़ों लोगों के जीवन का आधार है। वाराणसी जैसे शहरों के लिए गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन की धारा है। “नदी नौका अभियान” के माध्यम से यह संदेश दिया जा रहा है कि हमें अपनी नदियों को केवल पूजनीय नहीं, बल्कि संरक्षण योग्य धरोहर के रूप में भी देखना चाहिए।

अभियान के दौरान कैडेट्स स्थानीय निवासियों के साथ संवाद कर उन्हें जागरूक करेंगे कि कैसे सामूहिक प्रयासों से गंगा को प्रदूषण मुक्त और जीवंत बनाए रखा जा सकता है।

वाराणसी से देश को संदेश

स्वतंत्र वाणी न्यूज के अनुसार, यह 10 दिवसीय अभियान न केवल एक नौका यात्रा है, बल्कि एक सामाजिक और राष्ट्रीय जागरण अभियान भी है। इससे यह संदेश दिया जा रहा है कि भारत का नव निर्माण प्रकृति और संस्कृति के सामंजस्य से ही संभव है। Airforce और एनसीसी की यह संयुक्त पहल युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है, जो भारत के भविष्य को नई दिशा देने के लिए तत्पर हैं।

स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द

वाराणसी से शुरू हुआ यह 10 दिवसीय नदी नौका अभियान “नदी से नया भारत” की थीम के साथ एक ऐतिहासिक पहल बन सकता है। यह अभियान दिखाता है कि भारत का युवा वर्ग केवल आधुनिक तकनीक की ओर नहीं देख रहा, बल्कि अपनी जड़ों, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति भी गहराई से जुड़ा हुआ है।

यह पहल न केवल गंगा की स्वच्छता और संरक्षण का संदेश देती है, बल्कि यह भी बताती है कि एक नया भारत तभी संभव है जब उसकी नदियाँ स्वच्छ, जीवन्त और सम्मानित हों।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Preeti Dubey
Author: Preeti Dubey

कंटेंट राइटिंग में 9 महीने के अनुभव के साथ, मैं उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और चिकित्सा क्षेत्र पर केंद्रित आकर्षक और अच्छी तरह से शोध किए गए समाचार लेख लिखने में माहिर हूँ। मेरे लेखन में सटीकता और पाठक-अनुकूल कहानी कहने का मिश्रण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर लेख स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी प्रदान करे। पत्रकारिता और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के प्रति जुनूनी, मैं पाठकों को स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय मामलों से जुड़े नवीनतम अपडेट और घटनाक्रमों से अवगत और जोड़े रखने का प्रयास करती हूँ।