AI विस्तार के लिए Oracle की छंटनी: Oracle ने भारत-अमेरिका में बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू किया ,अन्य देशों में भी आशंकाएँ
अमेरिकी तकनीकी दिग्गज Oracle ने अपनी Oracle क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर (OCI) इकाई में बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू कर दी है, जिसका सबसे ज़्यादा असर भारत और अमेरिका पर पड़ा है। कंपनी ने भारत में अपने कुल कर्मचारियों की संख्या में लगभग 10% की कटौती की है, जिससे दर्जनों अनुभवी पेशेवरों को रातोंरात अपनी नौकरी गंवानी पड़ी है। आधिकारिक तौर पर, इस कदम को “पुनर्गठन” बताया गया है, लेकिन उद्योग विशेषज्ञ इसे अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के नए कार्यकाल में ऑफशोरिंग पर अंकुश लगाने और H-1B वीज़ा पर निर्भरता कम करने की नीतियों से जोड़ रहे हैं।
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भारत में बड़ा प्रभाव
Oracle पिछले 20 वर्षों से भारत में काम कर रहा है और यहाँ उसके 28,824 से ज़्यादा कर्मचारी कार्यरत हैं। भारत कंपनी के लिए सॉफ़्टवेयर विकास, क्लाउड सेवाओं और तकनीकी सहायता का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। ऐसे में, यहाँ होने वाली छंटनी न केवल स्थानीय रोज़गार बाज़ार को प्रभावित करेगी, बल्कि तकनीकी प्रतिभाओं के लिए भी चिंता का विषय है।
सूत्रों के अनुसार, इस छंटनी का सबसे ज़्यादा असर बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई, मुंबई, पुणे, नोएडा और कोलकाता जैसे बड़े शहरों के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में चल रहे जियो-विस्तार कार्यक्रम पर पड़ा है।
अमेरिका और अन्य देशों में भी कटौती
अमेरिका में Oracle के सिएटल स्थित OCI हब में 150 से ज़्यादा पदों में कटौती की गई है। प्रभावित कर्मचारियों को इसी हफ़्ते सूचित किया गया कि उनके पद समाप्त कर दिए गए हैं। कुछ मामलों में, प्रदर्शन को भी छंटनी का कारण बताया गया है।
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इसके अलावा, कनाडा और मेक्सिको के कर्मचारियों को भी नोटिस दिया गया है, जबकि अन्य क्षेत्रों के कर्मचारियों को इस हफ़्ते एक “अनिर्दिष्ट प्रबंधक बैठक” के लिए बुलाया गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर और छंटनी की संभावना बढ़ गई है।
AI विस्तार और वित्तीय दबाव
Oracle का यह कदम ऐसे समय में आया है जब कंपनी OpenAI के साथ एक ऐतिहासिक समझौते के तहत अमेरिका में 4.5 गीगावाट की डेटा सेंटर क्षमता प्रदान करने जा रही है। यह सौदा ओपनएआई के “स्टारगेट” प्रोजेक्ट का हिस्सा है, जिसके तहत Oracle, ओपनएआई (OpenAI) और सॉफ्टबैंक मिलकर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर में 500 अरब डॉलर का निवेश करने का लक्ष्य बना रहे हैं।
इस प्रोजेक्ट के लिए ओरेकल को दशकों में अपने डेटा सेंटर का अरबों डॉलर से विस्तार करना होगा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने मई में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में अपनी कमाई से ज़्यादा खर्च किया, जिससे नकदी प्रवाह पर दबाव बढ़ गया है।
ट्रंप से मुलाकात और घरेलू स्तर पर नियुक्तियाँ
जानकारी के अनुसार, ओरेकल के सीईओ लैरी विल्सन ने 7 अगस्त को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस बातचीत में घरेलू भर्ती, तकनीकी साझेदारी और राष्ट्रीय डेटा सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसके तुरंत बाद, Oracle ने अपने वर्जीनिया कार्यालय में बड़े पैमाने पर भर्ती अभियान शुरू किया, जबकि विदेशों में कर्मचारियों की संख्या कम कर दी।
यह समय तकनीकी समुदाय में सवाल खड़े कर रहा है—क्या कंपनी घरेलू स्तर पर नियुक्तियाँ बढ़ाने के लिए विदेशी नौकरियों में कटौती कर रही है?
तकनीकी क्षेत्र में छंटनी का रुझान
Oracle अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जिसने एआई विस्तार के लिए कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है। माइक्रोसॉफ्ट ने इस साल लगभग 15,000 नौकरियों में कटौती की है, जबकि अमेज़न और मेटा प्लेटफॉर्म्स ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है।
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एआई (A.I) इन्फ्रास्ट्रक्चर के निर्माण के लिए विशाल डेटा सेंटर क्षमता और कंप्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है, जिसकी लागत अरबों डॉलर तक पहुँच रही है। यही कारण है कि कई कंपनियाँ अपने बजट को एआई(A.I) की ओर मोड़ने के लिए अन्य विभागों में खर्च कम कर रही हैं।
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कंपनी का आधिकारिक रुख
जून 2025 की एक नियामक फाइलिंग में, Oracle ने कहा था कि कंपनी समय-समय पर अपनी रणनीति, पुनर्गठन या प्रदर्शन में बदलाव के आधार पर कर्मचारियों की संख्या में कटौती करती है। इस तरह के पुनर्गठन से उत्पादकता पर अस्थायी रूप से असर पड़ सकता है, लेकिन कंपनी के दीर्घकालिक लक्ष्यों के लिए यह आवश्यक है।
क्लाउड व्यवसाय में मजबूती, लेकिन चुनौतियाँ भी
Oracle के शेयर वर्तमान में रिकॉर्ड ऊँचाई के करीब हैं, जिसका मुख्य कारण इसकी क्लाउड इकाई है। ओपनएआई (OpenAI) के साथ सौदे ने कंपनी को एआई की दौड़ में एक मजबूत खिलाड़ी बना दिया है, लेकिन इस गति को बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश करना होगा।
ब्लूमबर्ग का कहना है कि मई में समाप्त वित्तीय वर्ष में Oracle का मुक्त नकदी प्रवाह नकारात्मक रहा, जो दर्शाता है कि एआई विस्तार पर खर्च कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव डाल रहा है।
भारत में आईटी क्षेत्र पर प्रभाव
विशेषज्ञों का मानना है कि ओरेकल की छंटनी भारत के आईटी क्षेत्र को दो तरह से प्रभावित करेगी—
- प्रत्यक्ष रोजगार में कमी: हजारों कर्मचारियों के प्रभावित होने से नौकरी बाजार असंतुलित हो जाएगा।
- कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा: अन्य तकनीकी कंपनियों में अचानक प्रतिभाओं की अधिकता वेतन संरचना और नौकरी के प्रस्तावों को बदल सकती है।
आगे क्या होगा?
तकनीकी उद्योग के रुझानों को देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि एआई पर भारी खर्च करने वाली कंपनियां निकट भविष्य में “परिचालन दक्षता” के नाम पर और अधिक छंटनी कर सकती हैं।
ओरेकल का यह कदम इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आने वाले वर्षों में तकनीकी क्षेत्र की कंपनियों के लिए एआई(A.I) निवेश बनाम मानव संसाधन का संतुलन सबसे बड़ी चुनौती होगी।
AI विस्तार के लिए Oracle की छंटनी: निष्कर्ष
Oracle की यह छंटनी न केवल भारत और अमेरिका में कर्मचारियों के लिए एक झटका है, बल्कि यह तकनीकी उद्योग में एक गहरे रुझान को भी दर्शाती है—एआई(A.I) के युग मे कंपनियां तेजी से अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव कर रही हैं| हालांकि एआई(A.I) परियोजनाएँ कंपनियों को भविष्य की तकनीकी दौड़ में आगे ले जा सकती हैं, लेकिन यह बदलाव हज़ारों लोगों की नौकरियाँ छीन रहा है।
सवाल यह है कि क्या आने वाले वर्षों में यह असंतुलन और बढ़ेगा, या क्या कंपनियाँ एआई और मानव संसाधन के बीच एक स्थायी संतुलन बना पाएँगी।
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