ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने स्वर्ण मंदिर को बनाया निशाना, भारतीय सेना ने किया हमला नाकाम
नई दिल्ली: आतंकवाद के खिलाफ भारत की कड़ी कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर के जवाब में पाकिस्तानी सेना ने अमृतसर में भारत के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाया। लेकिन भारतीय सेना की सतर्कता और अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की वजह से पाकिस्तानी सेना की यह नापाक साजिश पूरी तरह नाकाम हो गई।

इस हमले का खुलासा सोमवार को भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी मेजर जनरल कार्तिक सी. शेषाद्रि, जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी), 15वीं इन्फैंट्री डिवीजन ने किया। उन्होंने कहा कि यह हमला ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुआ, जिसमें भारत ने पाकिस्तान और पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर जवाबी सैन्य कार्रवाई की थी।
ऑपरेशन सिंदूर: आतंक के खिलाफ भारत का करारा जवाब
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी शिविरों को निशाना बनाया। इस कार्रवाई को भारतीय सेना ने पूरी योजना और सटीकता के साथ अंजाम दिया। ऑपरेशन सिंदूर का उद्देश्य आतंकी संगठनों की कमर तोड़ना और उनके समर्थन में काम कर रही पाकिस्तानी सेना को चेतावनी देना था कि भारत अब आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी सेना ने बदला लेने के लिए भारत में धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की योजना बनाई। मेजर जनरल शेषाद्रि ने कहा कि पाकिस्तान जानता था कि वह भारत की सैन्य क्षमता का मुकाबला नहीं कर सकता, इसलिए उसने नागरिक और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तानी सेना के पास कोई वैध सैन्य लक्ष्य नहीं था। हमें पहले से ही संदेह था कि वे नागरिक क्षेत्रों और धार्मिक स्थलों को निशाना बना सकते हैं। स्वर्ण मंदिर उन सभी में सबसे प्रमुख और प्रतीकात्मक स्थान था।”
8 मई की सुबह-सुबह किया गया हमला, भारतीय सेना पूरी तरह से तैयार थी
मेजर जनरल शेषाद्रि के अनुसार, 7 और 8 मई की दरम्यानी रात को पाकिस्तानी सेना ने बड़े पैमाने पर ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों का इस्तेमाल कर अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर को निशाना बनाने की कोशिश की। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देने के लिए रात के अंधेरे में हमला किया गया।
लेकिन भारतीय सेना को पहले से ही अंदाजा था कि पाकिस्तान ऐसा कदम उठा सकता है। इसीलिए स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा के लिए पहले से ही आकाश मिसाइल सिस्टम, एल-70 एयर डिफेंस गन और अन्य आधुनिक तकनीकों को तैनात किया गया था।
स्वर्ण मंदिर को खरोंच तक नहीं आई
भारतीय सेना के एयर डिफेंस गनर्स की तत्परता के कारण सभी पाकिस्तानी ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया गया। मेजर जनरल शेषाद्रि ने कहा, “हम पहले से ही तैयार थे। हमारे बहादुर और सतर्क एयर डिफेंस कर्मियों ने पाकिस्तानी सेना की इस कायराना कोशिश को नाकाम कर दिया। स्वर्ण मंदिर को खरोंच तक नहीं आई।”
प्रदर्शन के जरिए दिखाई गई वायु रक्षा क्षमता
घटना के बाद भारतीय सेना ने एक प्रदर्शन (डेमो) आयोजित किया, जिसमें दिखाया गया कि किस तरह हमारी वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी सेना के हमले को नाकाम कर दिया। इसमें आकाश मिसाइल सिस्टम, एल-70 गन और एकीकृत काउंटर-यूएएस ग्रिड की क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
कई भारतीय शहरों को बनाया निशाना
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने न सिर्फ स्वर्ण मंदिर बल्कि अमृतसर, जम्मू, श्रीनगर, पठानकोट, जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़ और भुज जैसे शहरों और सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया। हालांकि, भारतीय वायु रक्षा प्रणाली ने सभी हमलों को नाकाम कर दिया।
कश्मीर घाटी में कई जगहों पर विस्फोटों की आवाजें भी सुनी गईं, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
भारत की तैयारी ने पाकिस्तानी सेना की योजना को नाकाम कर दिया
ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और उसके बाद पाकिस्तानी सेना की नाकाम प्रतिक्रिया से पता चलता है कि भारत अब सिर्फ प्रतिक्रियावादी राष्ट्र नहीं रहा, बल्कि आतंक के खिलाफ सक्रिय नीति अपनाने वाला राष्ट्र बन गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि धार्मिक स्थल पर हमला करके पाकिस्तान भारत में धार्मिक तनाव फैलाना चाहता था। लेकिन भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने एकजुट होकर इस साजिश को नाकाम कर दिया।
स्वर्ण मंदिर की सुरक्षा और कड़ी की गई
इस हमले की कोशिश के बाद स्वर्ण मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों की सुरक्षा और कड़ी कर दी गई है। एंटी ड्रोन सिस्टम, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा बलों की तैनाती को नए स्तर पर ले जाया गया है।
पूरे देश में कड़ी प्रतिक्रिया
इस हमले की खबर के बाद पूरे देश में काफी आक्रोश देखने को मिला। राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने पाकिस्तानी सेना की निंदा की और इसे निंदनीय और कायराना हरकत बताया।
अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कहा, “स्वर्ण मंदिर न केवल सिखों बल्कि पूरे भारत की आस्था का केंद्र है। इस पर हमला करके पाकिस्तान ने साबित कर दिया है कि वह सिर्फ आतंक और नफरत को बढ़ावा देता है।”
निष्कर्ष : पाकिस्तानी सेना की साजिश नाकाम ,भारत विजयी
ऑपरेशन सिंदूर ने साफ संदेश दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक और आक्रामक नीति पर काम कर रहा है। पाकिस्तानी सेना द्वारा धार्मिक स्थलों पर हमला करने की घटना ने उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को और धूमिल किया है। स्वर्ण मंदिर पर हमला महज एक धार्मिक स्थल पर हमला नहीं था, बल्कि भारत की आत्मा को चोट पहुंचाने का प्रयास था। लेकिन भारतीय सेना ने साबित कर दिया कि कोई भी ताकत हमारे पवित्र स्थलों की ओर आंख उठाकर नहीं देख सकती।
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Author: Swatantra Vani
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