Varanasi सहित पूर्वांचल के बदले मौसम से न हों हैरान, जल्द दिखेगा मौसमी तूफान का असर
पूर्वांचल समेत Varanasi में मौसम इन दिनों लगातार करवट बदल रहा है। बीते दिनों हुई हल्की बूंदाबांदी के बाद ठंड की धार कुछ कमजोर जरूर पड़ी है, लेकिन मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं हुआ है। पछुआ हवाओं की तीव्रता में कमी और फगुआ हवाओं की दस्तक ने अब बासंती बयार का अहसास कराना शुरू कर दिया है। यही वजह है कि दिन में हल्की गर्माहट और सुबह-शाम हल्की ठंड का मिला-जुला असर लोगों को महसूस हो रहा है।
मंगलवार को Varanasi और आसपास के इलाकों में हुई बूंदाबांदी के बाद वातावरण में नमी बनी रही। हालांकि, इसके साथ ही ठंड की गलन में भी कुछ कमी आई है। बुधवार की सुबह से ही फगुआ हवाओं का असर साफ नजर आया, जिसने मौसम में बदलाव का संकेत दे दिया। यह वही दौर है, जब फाल्गुन की आहट के साथ मौसम धीरे-धीरे वसंत की ओर बढ़ने लगता है।
बासंती बयार ने बढ़ाया मौसम का मिजाज
बुधवार की सुबह वातावरण में नमी जरूर रही, लेकिन फगुआ हवाओं के चलते मौसम में हल्की गर्माहट घुलती चली गई। लोग जो कुछ दिन पहले तक जैकेट और भारी कपड़ों में नजर आ रहे थे, अब स्वेटर या हल्के ऊनी कपड़ों तक सीमित हो गए हैं। मौसम का यह शुष्क लेकिन गुनगुना रुख लोगों को राहत भी दे रहा है और आने वाले बदलावों की आहट भी सुना रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फगुआ हवाओं के बढ़ते प्रभाव से आने वाले दिनों में Varanasi और पूर्वांचल के कई इलाकों में वासंतिक अहसास और गहरा होगा। इसके साथ ही कुहासा और घना कोहरा अब सिमटने लगेगा, जिससे सुबह के समय दृश्यता बेहतर होने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि कोहरे की विदाई अब ज्यादा दूर नहीं है।
तापमान में दर्ज हुई बढ़ोतरी
बीते 24 घंटों में Varanasi का अधिकतम तापमान 25.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.3 डिग्री अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री ज्यादा है। तापमान के ये आंकड़े साफ तौर पर यह संकेत देते हैं कि ठंड का असर अब धीरे-धीरे कम हो रहा है।
आर्द्रता की बात करें तो न्यूनतम आर्द्रता 75 प्रतिशत और अधिकतम 97 प्रतिशत रिकॉर्ड की गई। अधिक आर्द्रता के बावजूद वातावरण का कुल रुख शुष्क बना हुआ है, जिससे दिन के समय हल्की गर्मी का अहसास बढ़ रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ फिर बदल सकता है मौसम
हालांकि मौसम में आई यह राहत स्थायी नहीं मानी जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, पाकिस्तान के क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय बना हुआ है। अगर हवाओं का रुख अनुकूल रहा, तो इसका असर अगले सप्ताह पूर्वांचल और Varanasi तक पहुंच सकता है। ऐसे में एक बार फिर मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हल्के बादल, तापमान में उतार-चढ़ाव और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। इसे मौसमी तूफान जैसी स्थिति भी माना जा रहा है, जो फरवरी के अंतिम दिनों में अक्सर देखने को मिलती है। यही वजह है कि लोगों को मौसम के अचानक बदलते मिजाज को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।
किसानों और आम लोगों पर असर
मौसम के इस बदले हुए रुख का असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है। फसलों के लिए जहां हल्की नमी फायदेमंद मानी जा रही है, वहीं अचानक तापमान बढ़ने या तेज हवाएं चलने से नुकसान की आशंका भी बनी रहती है। आम लोगों के लिए यह मौसम राहत और परेशानी, दोनों लेकर आ रहा है।
Varanasi में मौसम इस समय संक्रमण काल से गुजर रहा है। ठंड धीरे-धीरे विदा ले रही है और वसंत अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है। हालांकि, पश्चिमी विक्षोभ के चलते आने वाले दिनों में मौसम फिर पलटी मार सकता है। ऐसे में पूर्वांचल और Varanasi के लोगों को मौसम के हर बदलाव पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।









