Train Late : घने कोहरे ने थाम दी रफ्तार, Varanasi में 15 से अधिक ट्रेनें घंटों देरी से चलीं
शनिवार को Varanasi और आसपास के इलाकों में छाए घने कोहरे ने रेल यातायात की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया। दृश्यता बेहद कम होने के कारण ट्रेनों की गति सुस्त पड़ गई और 15 से अधिक ट्रेनें अपने निर्धारित समय से कई घंटे देरी से चलीं। गलन भरी ठंड में स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ठिठुरन, लंबा इंतजार और अनिश्चितता—यही हाल शनिवार को Varanasi जंक्शन समेत आसपास के रेलवे स्टेशनों पर नजर आया।
कोहरे का व्यापक असर शनिवार को सुबह से ही देखने को मिला। रात से ही कोहरे की चादर इतनी घनी रही कि ट्रेनों को काशन के सहारे चलाना पड़ा। इसका सीधा असर ट्रेनों के परिचालन पर पड़ा और पश्चिमी दिशा से आने वाली ज्यादातर ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं। रेलवे की ओर से ट्रेनों की गति बनाए रखने के लिए किए गए तमाम प्रयास कोहरे के आगे बेअसर साबित हुए।
यात्रियों को झेलनी पड़ी फजीहत
घंटों लेट चल रही ट्रेनों की वजह से यात्रियों को स्टेशन और ट्रेनों के भीतर लंबा समय बिताना पड़ा। ठंड और गलन के कारण बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई यात्रियों ने बताया कि वे रात से स्टेशन पर बैठे रहे, लेकिन ट्रेन के आने-जाने की सही जानकारी समय पर नहीं मिल सकी। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेते नजर आए।
पश्चिम से आने वाली ट्रेनें ज्यादा प्रभावित
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक कोहरे का सबसे अधिक प्रभाव पश्चिमी दिशा से आने वाली ट्रेनों पर पड़ा। दिल्ली, पंजाब, राजस्थान और मध्य भारत की ओर से आने वाली कई प्रमुख ट्रेनें कई घंटे देरी से Varanasi पहुंचीं। सुबह होते-होते जब कोहरा कुछ हद तक छंटा, तब ट्रेनों को गति देने का प्रयास शुरू किया गया, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश ट्रेनें अपने समय से पीछे चलती रहीं।
दिन चढ़ने के बाद मिली कुछ राहत
सुबह के समय दृश्यता बेहतर होने पर रेलवे ने ट्रेनों की गति सामान्य करने की कोशिश की। हालांकि, देर रात और तड़के कोहरे की वजह से जो देरी हुई थी, उसकी भरपाई दिन में पूरी तरह नहीं हो सकी। पूर्वांचल की ओर आने वाली कई ट्रेनें दिन में भी विलंबित रहीं। रेलवे की प्राथमिकता यात्रियों की सुरक्षा रही, इसी वजह से ट्रेनों को सीमित गति से चलाया गया।
कोहरे से विलंबित प्रमुख ट्रेनें
शनिवार को Varanasi में जिन ट्रेनों पर कोहरे का असर पड़ा, उनमें प्रमुख रूप से फरक्का एक्सप्रेस करीब 8.47 घंटे, महाकाल एक्सप्रेस 6.30 घंटे, नई दिल्ली–बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस 7.52 घंटे और स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 6.05 घंटे देरी से चली। इसके अलावा महामना एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस, गंगा सतलुज एक्सप्रेस, मरुधर एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस, पंजाब मेल, कोटा–पटना एक्सप्रेस, विभूति एक्सप्रेस, बेगमपुरा एक्सप्रेस, शिवगंगा एक्सप्रेस, कुंभ एक्सप्रेस, सद्भावना एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से कई घंटे पीछे रहीं। मेमू और स्पेशल ट्रेनें भी लगभग तीन घंटे तक लेट रहीं।
रेलवे की अपील और यात्रियों की उम्मीद
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि कोहरे के मौसम में यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जरूर जांच लें और समय में संभावित बदलाव को ध्यान में रखते हुए स्टेशन पहुंचे। आने वाले दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव के चलते रेल परिचालन पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, मौसम साफ होने के साथ ट्रेनों की रफ्तार धीरे-धीरे पटरी पर लौटने की उम्मीद है। लेकिन शनिवार को घने कोहरे ने यह साफ कर दिया कि सर्दी के इस मौसम में जरा सी लापरवाही यात्रियों की परेशानी बढ़ा सकती है।
स्वतंत्र वाणी news में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि आने वाले दिनों में भी कोहरे के कारण रेल यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत होगी।
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Author: Rajesh Srivastava
राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।












