‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’—अहिल्याबाई मामले पर CM Yogi का कांग्रेस पर करारा हमला, वाराणसी में जमकर बरसे मुख्यमंत्री
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री CM Yogi Adityanath शनिवार को अपने वाराणसी दौरे के दौरान आक्रामक तेवर में नजर आए। बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन के बाद सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकारवार्ता में मुख्यमंत्री ने अहिल्याबाई प्रकरण और काशी से जुड़े कथित वीडियो को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने साफ कहा कि कांग्रेस लगातार देश की जनता को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रही है और उसकी ओछी राजनीति को अब समझने की जरूरत है।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे शहर में पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड में रहा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पत्रकारों से बातचीत में Yogi ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे उन वीडियो को पूरी तरह भ्रामक बताया, जिनमें काशी के मंदिरों और मणिकर्णिका घाट को तोड़े जाने के दावे किए जा रहे हैं।
काशी विश्वनाथ धाम निर्माण के दौरान भी रची गई थीं साजिशें: CM Yogi
Yogi ने कहा कि जब काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण कार्य चल रहा था, तब भी कुछ लोगों ने साजिश के तहत झूठ फैलाया। मूर्ति निर्माण की वर्कशॉप से टूटे हुए अवशेष उठाकर सोशल मीडिया पर वायरल किए गए और यह सफेद झूठ बोला गया कि मंदिर तोड़े जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस की पुरानी कार्यशैली रही है—झूठ फैलाओ, भ्रम पैदा करो और विकास के कार्यों में बाधा डालो। उन्होंने इसे जनता को गुमराह करने की साजिश बताया।
वायरल वीडियो पर CM का दो टूक जवाब
पिछले एक-दो दिनों से सोशल मीडिया पर काशी के मंदिरों और मणिकर्णिका घाट को लेकर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं। इन्हीं आरोपों का जवाब देने के लिए Yogi खुद मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा कि इन वीडियो की सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पिछले 11 वर्षों में काशी में हुए समग्र विकास को बाधित करने के लिए इस तरह का दुष्प्रचार किया जा रहा है। जनता के सामने सही तथ्य लाने के लिए ही उन्होंने स्वयं मीडिया से संवाद करना जरूरी समझा।
11 वर्षों में बदली काशी की तस्वीर
Yogi ने कहा कि काशी केवल एक शहर नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है। हर सनातन धर्मावलम्बी और हर भारतवासी के मन में काशी के प्रति अपार श्रद्धा है, लेकिन दुर्भाग्यवश स्वतंत्र भारत में काशी को वह सम्मान और विकास नहीं मिला, जिसकी वह हकदार थी। पिछले 11 वर्षों में काशी ने अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए भौतिक विकास के माध्यम से नई ऊंचाइयों को छुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि देश की संसद में काशी का प्रतिनिधित्व स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करते हैं, जो अक्सर कहते हैं—‘मेरी काशी’।
कॉरिडोर से बदली काशी, GDP में 1.3 लाख करोड़ का योगदान
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर बनने के बाद आए बदलावों को रेखांकित करते हुए CM ने बताया कि पहले प्रतिदिन औसतन 5 हजार से 25 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए आते थे। कॉरिडोर बनने के बाद यह संख्या सवा लाख से डेढ़ लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है। विशेष पर्वों पर 6 से 10 लाख श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। गत वर्ष 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। मुख्यमंत्री ने बताया कि काशी विश्वनाथ धाम बनने के बाद से अब तक काशी अकेले देश की GDP में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दे चुकी है।
‘मंदिर तोड़े नहीं गए, उनका पुनरुद्धार हुआ’
कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि काशी विश्वनाथ धाम निर्माण के दौरान मंदिर तोड़े नहीं गए, बल्कि जर्जर हालत में पड़े मंदिरों का पुनरुद्धार किया गया। वे मंदिर आज भी अपने मूल स्वरूप में मौजूद हैं, बस अब पहले से अधिक सुरक्षित और भव्य हैं। उन्होंने माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा का उदाहरण देते हुए कहा कि सौ वर्ष पहले चोरी कर यूरोप ले जाई गई मूर्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से वापस लाई गई और काशी में पुनः स्थापित की गई। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस से सवाल किया कि 1947 से 2014 तक उन्होंने इस दिशा में कोई प्रयास क्यों नहीं किया।
‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’—कांग्रेस पर तीखा तंज
कांग्रेस पर करारा प्रहार करते हुए Yogi ने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक भारत की विरासत का अपमान किया, वे आज विरासत के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। यह स्थिति बिल्कुल वैसी है जैसे—‘सौ चूहे खाकर बिल्ली हज को चली’। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी, विंध्यवासिनी धाम, प्रयागराज और देश के सभी तीर्थस्थलों में विरासत का संरक्षण और सौंदर्यीकरण प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सफलतापूर्वक हो रहा है। कांग्रेस की अनर्गल टिप्पणियों और बचकाने बयानों पर अब हंसी भी आती है और दया भी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये लोग केवल मणिकर्णिका ही नहीं, बल्कि विकास से जुड़े हर उस कार्य में बाधा डालेंगे, जो प्रदेश और देश के लोककल्याण से जुड़ा होगा, लेकिन जनता सच्चाई जान चुकी है।
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Author: Rajesh Srivastava
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