CM Yogi का सख्त आदेश: रोहिंग्या-बांग्लादेशी घुसपैठियों को यूपी से बाहर करो, सभी जिलों के DM को तुरंत कार्रवाई के निर्देश
उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू होने जा रही है। Chief Minister Yogi Adityanath (CM Yogi) ने शनिवार देर रात एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में सूबे के सभी जिलों के जिलाधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिया है कि रोहिंग्या और बांग्लादेशी अवैध घुसपैठियों की पहचान करके उन्हें उत्तर प्रदेश से बाहर किया जाए।
सरकार की यह कार्रवाई सीधा संदेश देती है कि राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक शांति और कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
खुफिया रिपोर्टों के बाद बड़ा फैसला
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में खुफिया एजेंसियों द्वारा भेजी गई रिपोर्टों में राज्य के कई जिलों में अवैध घुसपैठियों की गतिविधियों और उनकी उपस्थिति को लेकर गंभीर इनपुट मिले थे। सुरक्षा एजेंसियों ने इन्हें सुरक्षा के लिए संभावित खतरा बताया, जिसके बाद CM Yogi ने पूरे राज्य में विस्तृत और कठोर कार्रवाई की मंजूरी दी।
Yogi सरकार पहले भी अवैध घुसपैठ को लेकर कई बार चिंता जता चुकी है, लेकिन इस बार निर्देश और भी सख्त हैं।
CM Yogi बोले : अवैध घुसपैठ सुरक्षा और सामाजिक ढांचे दोनों के लिए खतरा
Chief Minister Yogi Adityanath ने कहा कि अवैध रूप से रह रहे लोग न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि
- सामाजिक समरसता,
- स्थानीय अर्थव्यवस्था,
- और कानून-व्यवस्था
- को भी नुकसान पहुंचाते हैं।
उन्होंने जिलाधिकारियों को साफ चेतावनी दी है कि पहचान और सत्यापन प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार ने इस अभियान को टॉप प्रायोरिटी पर रखा है और निर्देश दिया है कि कार्रवाई में देरी न की जाए।
हर जिले में बनेगा अस्थायी डिटेंशन सेंटर
CM Yogi ने सभी जिलों के DM को आदेश दिया है कि अपने-अपने जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर स्थापित करें ताकि पकड़े गए अवैध घुसपैठियों को वहां रखा जा सके।
इन डिटेंशन सेंटरों की कुछ मुख्य बातें :
- ये पूरी तरह प्रशासनिक नियंत्रण में होंगे
- घुसपैठियों को यहां आवश्यक सुविधाओं के साथ रखा जाएगा
- कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही उन्हें उनके मूल देश को वापस भेजा जाएगा
- इसके लिए विदेश मंत्रालय और संबंधित दूतावासों के साथ समन्वय बनाया जाएगा
यह मॉडल असम और कर्नाटक जैसे राज्यों में पहले से लागू हो चुका है, और अब यूपी इसे बड़े स्तर पर लागू करेगा।
घर-घर सत्यापन अभियान की तैयारी
जिलों में प्रशासनिक टीमें बनाकर घर-घर सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और स्थानीय खुफिया इनपुट के आधार पर संदिग्ध व्यक्तियों की सूची तैयार की जाएगी।
टीमों का मुख्य फोकस होगा :
- पहचान दस्तावेजों की जांच
- किरायेदारों और अस्थायी बस्तियों का सत्यापन
- रिश्तों और रोजगार की जानकारी
- संदिग्ध गतिविधियों और नेटवर्क का पता लगाना
कई जिलों में यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है, और अवैध घुसपैठियों की संख्या अधिक होने वाले जिलों में ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा।
पुलिस, STF और इंटेलिजेंस यूनिट को भी हाई अलर्ट
CM Yogi ने पुलिस, स्पेशल टास्क फोर्स (STF), और इंटेलिजेंस विभाग को क्लोज कोऑर्डिनेशन में काम करने को कहा है। इसके लिए जिलों में
- विशेष टीमें
- इंटेलिजेंस यूनिट
- और स्थानीय पुलिस की निगरानी टीमें
- तैनात होंगी।
ये टीमें अवैध रूप से रह रहे लोगों के नेटवर्क को तोड़ने और सटीक पहचान सुनिश्चित करने का काम करेंगी।
20 से अधिक जिलों में सर्वे शुरू
सूत्रों के अनुसार, यूपी के 20 से ज्यादा जिलों में अवैध घुसपैठियों की पहचान को लेकर सर्वे शुरू हो चुका है। जिन जिलों में संख्या अधिक है, वहां पुलिस-प्रशासन को विशेष निगरानी और तेज कार्रवाई के निर्देश मिले हैं।
सरकार का स्पष्ट संदेश
CM Yogi के निर्देशों से साफ है कि उत्तर प्रदेश में अवैध घुसपैठियों पर अब शून्य सहिष्णुता की नीति लागू होगी।
सरकार का कहना है कि :
- अवैध लोगों का रहना
- फर्जी दस्तावेज बनाना
- और सामाजिक-आर्थिक ढांचे में घुसपैठ करना
राज्य की सुरक्षा को प्रभावित करता है और इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
स्वतंत्र वाणी के द्वारा निष्कर्ष-
Yogi सरकार का यह फैसला उत्तर प्रदेश की सुरक्षा नीति में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। खुफिया रिपोर्टों के आधार पर शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। सभी जिलों के DM को जारी आदेशों से साफ संकेत मिला है कि राज्य अब अवैध घुसपैठियों पर कठोर और निर्णायक कार्रवाई की ओर बढ़ चुका है।
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Author: Preeti Dubey
कंटेंट राइटिंग में 9 महीने के अनुभव के साथ, मैं उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और चिकित्सा क्षेत्र पर केंद्रित आकर्षक और अच्छी तरह से शोध किए गए समाचार लेख लिखने में माहिर हूँ। मेरे लेखन में सटीकता और पाठक-अनुकूल कहानी कहने का मिश्रण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर लेख स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी प्रदान करे। पत्रकारिता और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के प्रति जुनूनी, मैं पाठकों को स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय मामलों से जुड़े नवीनतम अपडेट और घटनाक्रमों से अवगत और जोड़े रखने का प्रयास करती हूँ।












