Banaras की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची

Banaras की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची

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Banaras की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची: AQI 250 के पार, शहर में बढ़ा खतरा

Banaras की सुबह गुरुवार को धुंध और प्रदूषण की भारी चादर में ढकी हुई नजर आई। घरों से निकलते ही लोगों ने महसूस किया कि हवा में घुला धुआं, धूल और नमी ने सांस लेना कठिन कर दिया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक बनारस का समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 250 दर्ज किया गया, जो सीधे ‘खराब’ श्रेणी में आता है। यह स्तर बुजुर्गों, बच्चों और अस्थमा व सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद चिंताजनक है।

शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या, ठंड की शुरुआत और हवा की कम गति ने मिलकर वातावरण में प्रदूषण कणों को जमा कर दिया है, जिससे Banaras की हवा जहरीली होती जा रही है। Varanasi के लिए यह बड़ी चिंता का विषय है कि धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन का बड़ा केंद्र होने के बावजूद शहर की हवा लगातार बिगड़ती चली जा रही है।

Banaras की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची

कहां कितना रहा AQI: हर इलाके पर दिखा प्रदूषण का असर

Banaras के प्रमुख मॉनिटरिंग स्टेशनों पर भी हवा की गुणवत्ता सामान्य से काफी नीचे दर्ज की गई। ये आंकड़े साफ बताते हैं कि प्रदूषण सिर्फ किसी एक हिस्से में नहीं, बल्कि पूरे शहर में फैल गया है —

  • भेलूपुर: 230
  • अर्दली बाज़ार: 228
  • मलदहिया: 231
  • बीएचयू: 240
  • निराला नगर: 235

इन सभी क्षेत्रों में AQI खतरनाक रूप से बढ़ा हुआ मिला। खास बात यह है कि बीएचयू जैसे हरे-भरे क्षेत्र में भी हवा ने कोई राहत नहीं दी, जो शहर की वायु गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

Banaras की हवा ‘खराब’ श्रेणी में पहुंची

विशेषज्ञों ने बताई वजह: ट्रैफिक, धूल और ठंड का असर

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार Banaras में बढ़ते वायु प्रदूषण के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं:

  1. तेजी से बढ़ता ट्रैफिक और ईंधन दहन
  2. सड़कों पर जमा धूल और निर्माण कार्यों से उड़ता मलबा
  3. ठंड में हवा भारी होने के कारण प्रदूषक ऊपर नहीं उठते
  4. औद्योगिक गतिविधियों से निकलने वाला धुआं

मौसम विभाग का कहना है कि हवा की गति बेहद धीमी है, जिससे जहरीले कण वातावरण में ऊपर नहीं जा पा रहे हैं और इन्हीं के कारण सुबह-सुबह धुंध बहुत घनी महसूस होती है।

डॉक्टरों की सलाह: AQI बढ़े तो ऐसे रखें अपना ख्याल

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इसे गंभीर स्थिति बताते हुए खासकर बच्चों, बुजुर्गों और दिल व सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

  • बाहर निकलते समय N95 मास्क का उपयोग करें।
  • सुबह-सुबह सैर या कसरत कुछ दिनों के लिए टाल दें।
  • पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें, ताकि शरीर में नमी बनी रहे।
  • घर के अंदर एयर-प्यूरीफायर हों तो उनका उपयोग बढ़ाएं।
  • वाहनों की अनावश्यक आवाजाही कम करें।

डॉक्टरों ने कहा—“जिन्हें सांस की दिक्कत है, वे घर से बाहर जाने से बचें। AQI जैसे ही 200+ हो, मास्क अनिवार्य कर लें।”

कोहरा और सुरक्षा: अब बिना रिफ्लेक्टर नहीं चलेंगे ऑटो-ई रिक्शा

जैसे-जैसे ठंड बढ़ रही है, वैसे-वैसे Banaras में कोहरा भी घना होता जा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है।

अब ऑटो और ई-रिक्शा पर रिफ्लेक्टर अनिवार्य कर दिए गए हैं।

  • आगे — सफेद रिफ्लेक्टर
  • पीछे — लाल रिफ्लेक्टर
  • दोनों साइड — पीला रिफ्लेक्टर

बिना रिफ्लेक्टर के वाहन मिलने पर 10,000 रुपये तक का चालान किया जाएगा।

एआरटीओ (प्रवर्तन) सुधांशु रंजन ने शहर के ऑटो, ई-रिक्शा, बस और ट्रक यूनियन के पदाधिकारियों के साथ बैठक की और स्पष्ट निर्देश जारी किए कि कोहरे को देखते हुए यह कदम आवश्यक है।

उन्होंने कहा—

“अपने साथ यात्रियों की सुरक्षा भी हमारी जिम्मेदारी है। धुंध में रिफ्लेक्टर ही वाहन की पहचान बनता है और हादसों को काफी हद तक रोक सकता है।”

स्वतंत्र वाणी के द्वारा निष्कर्ष

Banaras को बचाने के लिए अब जागरूक होना जरूरी स्वतंत्र वाणी News में प्रकाशित यह रिपोर्ट सिर्फ जानकारी नहीं, बल्कि चेतावनी है। लगातार बढ़ता AQI हमें बता रहा है कि अगर शहर में प्रदूषण कम करने के लिए अभी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी खराब हो सकती है।

यह समय है जब प्रशासन, जनता और स्थानीय संस्थाएं मिलकर इस चुनौती का सामना करें—

  • धूल को रोकें, अनावश्यक वाहन न चलाएं, पेड़-पौधों को बढ़ावा दें और प्रदूषण के खतरे को गंभीरता से लें।
  • बनारस की हवा तभी सुधरेगी, जब बनारस के लोग जिम्मेदारी निभाएंगे।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Preeti Dubey
Author: Preeti Dubey

कंटेंट राइटिंग में 9 महीने के अनुभव के साथ, मैं उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और चिकित्सा क्षेत्र पर केंद्रित आकर्षक और अच्छी तरह से शोध किए गए समाचार लेख लिखने में माहिर हूँ। मेरे लेखन में सटीकता और पाठक-अनुकूल कहानी कहने का मिश्रण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर लेख स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी प्रदान करे। पत्रकारिता और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के प्रति जुनूनी, मैं पाठकों को स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय मामलों से जुड़े नवीनतम अपडेट और घटनाक्रमों से अवगत और जोड़े रखने का प्रयास करती हूँ।