उपलब्धि: जल संचयन में Varanasi को मिला देश में दूसरा स्थान, दिल्ली में राष्ट्रपति ने डीएम को सौंपा पुरस्कार | Varanasi News-
जल संरक्षण के क्षेत्र में Varanasi ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि काशी केवल आध्यात्मिक धरोहर ही नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी देश का नेतृत्व कर सकती है। छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार (2024) में Varanasi जिले को उत्तरी क्षेत्र में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि यह केवल सरकारी प्रयासों का परिणाम नहीं, बल्कि सामुदायिक भागीदारी, नवाचार और जल प्रबंधन के सतत मॉडल का प्रतीक है।
दिल्ली में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने Varanasi के जिलाधिकारी (डीएम) सत्येंद्र कुमार को यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। उनके साथ मंच पर नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल भी मौजूद रहे। यह सम्मान शहर के लिए गर्व का क्षण था, क्योंकि वर्षों से चल रहे जल संरक्षण अभियानों का प्रत्यक्ष परिणाम अब पूरे देश के सामने है।
25,000 से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बने सफल मॉडल
Varanasi में जल संचयन को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम का निर्माण कराया। जिले में 25,000 से अधिक ऐसे सिस्टम स्थापित किए गए, जिन्होंने बरसाती पानी को जमीन में पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे न सिर्फ भूजल स्तर में सुधार आया, बल्कि पानी की स्थानीय उपलब्धता भी बढ़ी। इसके साथ ही 40 हजार से अधिक बंद पड़े रिबोर पंप को भी जल संचयन संरचनाओं से जोड़ने का काम किया गया। यह मॉडल न केवल किफायती साबित हुआ, बल्कि इससे हजारों परिवारों, किसानों और संस्थानों को भूजल संरक्षण में योगदान देने का मौका मिला।
नदियों का कायाकल्प: वरुणा और असि को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन रिवर’ से मिली नई पहचान
- पुरस्कार के प्रमुख आधारों में जिले की नदी कायाकल्प परियोजनाएं भी शामिल रहीं।
- वरुणा और असि नदी को ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन रिवर’ योजना से जोड़ा गया।
- स्थानीय लोगों और संस्थाओं की मदद से इन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया।
- एक अन्य बंद पड़ी नदी को भी फिर से जीवित किया गया, जिसने स्थानीय पारिस्थितिकी को नया जीवन दिया।
- इन प्रयासों ने दिखाया कि यदि प्रशासन और समाज मिलकर काम करें तो जल संकट को अवसर में बदला जा सकता है।
सामुदायिक भागीदारी बनी बड़ी ताकत
- Varanasi में जल संरक्षण केवल सरकारी परियोजना नहीं रहा : यह जन आंदोलन बन गया।
- स्कूलों, स्वयंसेवी संस्थाओं, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
- घरों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा दिया गया।
- लोगों को जल संकट, भूजल संरक्षण और जल उपयोग के सर्वोत्तम तरीकों के बारे में जागरूक किया गया।
- स्थानीय स्तर पर चेक डैम, तालाबों का पुनरुद्धार और नालों के प्रबंधन जैसे कार्यों में जनसहभागिता सुनिश्चित की गई।
- यह मॉडल अन्य जिलों और राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है।
दो करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान
पुरस्कार के साथ दो करोड़ रुपये की धनराशि भी दी गई है, जिसे जिला प्रशासन आगे जल संरक्षण परियोजनाओं, तकनीकी सुधारों और नई योजनाओं पर खर्च करेगा। इससे जिले में जल प्रबंधन को और मजबूती मिलेगी।उसी श्रेणी में मिर्जापुर को पहला और जालौन को तीसरा स्थान मिला है, जो उत्तर प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
Varanasi की उपलब्धि क्यों है खास?
- देश के शीर्ष जिलों में शामिल होना स्वयं में बड़ी उपलब्धि है।
- जल प्रबंधन में यह मॉडल दीर्घकालिक है, केवल एक अभियान नहीं।
- सामुदायिक भागीदारी इस सफलता की रीढ़ रही।
- यह उपलब्धि भविष्य में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए रास्ता खोलती है।
- गंगा शहर होने के नाते जल संरक्षण Varanasi की पहचान से भी जुड़ा है।
स्वतंत्र वाणी के द्वारा निष्कर्ष
जल संरक्षण में Varanasi की इस शानदार उपलब्धि ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है। यह सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं, बल्कि उन हजारों लोगों की मेहनत का प्रतीक है जिन्होंने जिले में जल संचयन को मिशन की तरह अपनाया। स्वतंत्र वाणी News के लिए यह गर्व का विषय है कि काशी अब पर्यावरण संरक्षण के राष्ट्रीय मानचित्र पर मजबूती से अपनी पहचान बना चुकी है। लगातार किए गए प्रयास, योजनाओं का सही क्रियान्वयन और सामूहिक सहयोग साबित करता है कि यदि इच्छा और संकल्प हो तो कोई भी शहर जल संकट जैसे बड़े मुद्दे का समाधान खोज सकता है। Varanasi का यह मॉडल निश्चित रूप से पूरे देश के लिए प्रेरणा है।
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Author: Preeti Dubey
कंटेंट राइटिंग में 9 महीने के अनुभव के साथ, मैं उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और चिकित्सा क्षेत्र पर केंद्रित आकर्षक और अच्छी तरह से शोध किए गए समाचार लेख लिखने में माहिर हूँ। मेरे लेखन में सटीकता और पाठक-अनुकूल कहानी कहने का मिश्रण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर लेख स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी प्रदान करे। पत्रकारिता और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के प्रति जुनूनी, मैं पाठकों को स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय मामलों से जुड़े नवीनतम अपडेट और घटनाक्रमों से अवगत और जोड़े रखने का प्रयास करती हूँ।











