Varanasi में 1635 करोड़ का बिजली बिल बकाया

Varanasi में 1635 करोड़ का बिजली बिल बकाया: 63,978 उपभोक्ता ने आज तक नहीं किया भुगतान, सरकारी विभाग भी सूची में शामिल

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Varanasi में 1635 करोड़ का बिजली बिल बकाया: 63,978 उपभोक्ता ने आज तक नहीं किया भुगतान, सरकारी विभाग भी सूची में शामिल

Varanasi जिले में बिजली विभाग के सामने बकाया वसूली एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ताजा आंकड़ों ने चौंका दिया है जिले पर कुल 1635 करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है। खास बात यह है कि इनमें से 63,978 उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लेने के बाद आज तक एक भी बार बिजली बिल जमा नहीं किया, जबकि घरेलू, वाणिज्यिक और सरकारी उपभोक्ताओं सहित कुल 2.60 लाख से अधिक लोग बकायेदार की श्रेणी में हैं। इस भारी-भरकम बकाया से बिजली निगम की वसूली व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। ओटीएस योजना लागू होने के बावजूद बकाया वसूली आसान नहीं दिख रही। कई उपभोक्ता पांच-पांच साल से भुगतान नहीं कर रहे, वहीं सरकारी विभाग भी लाखों के बकायेदार हैं।

63,978 उपभोक्ता कभी नहीं भरे बिजली बिल

Varanasi में कुल लगभग 7 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, लेकिन इनमें से 2.60 लाख उपभोक्ता विभिन्न श्रेणियों में बकाएदार हैं। सबसे बड़ा खुलासा यह है कि 63,978 घरेलू व कामर्शियल उपभोक्ता ने कनेक्शन लेने के बाद कभी बिजली बिल जमा ही नहीं किया। इन लोगों की उपकेंद्रवार और मंडलवार सूची तैयार कराई जा रही है ताकि कार्रवाई तेज की जा सके। कई उपभोक्ता ऐसे भी हैं जिन्होंने 1 साल से लेकर 5 साल तक का बिल नहीं चुकाया है। बिजली चोरी के मामलों में भी जिले की स्थिति चिंताजनक है।

10,602 उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी में मुकदमा

Varanasi में 1635 करोड़ का बिजली बिल बकाया: 63,978 उपभोक्ता ने आज तक नहीं किया भुगतान, सरकारी विभाग भी सूची में शामिल

बकाया बिल के साथ-साथ बिजली चोरी Varanasi के बिजली विभाग के लिए बड़ी समस्या है। जिले में 10,602 उपभोक्ताओं पर बिजली चोरी में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। चौंकाने वाली बात यह है कि जो ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) योजना चलाई जा रही है, उसमें चोरी में पकड़े गए लोग भी राहत का लाभ ले सकेंगे।

इस वजह से ईमानदार उपभोक्ताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है, क्योंकि वे नियमित रूप से बिजली बिल चुका रहे हैं, जबकि बकायेदारों और चोरी के मामलों को ओटीएस से राहत मिल रही है।

सरकारी विभाग भी बड़े बकायेदार: नगर निगम, पुलिस, शिक्षा विभाग शामिल

यह स्थिति और गंभीर तब हो जाती है जब सरकारी विभाग ही बिजली बिल के बकाये में पीछे मिलने लगें। आंकड़ों के अनुसार, सभी सरकारी विभागों पर मिलाकर 300 करोड़ रुपये से अधिक का बिजली बिल बकाया है।

जिन सरकारी विभागों पर भारी बकाया है, उनमें शामिल हैं:

  • सीवेज पंपिंग स्टेशन चौकाघाट : 19.67 करोड़ रुपये
  • संस्कृत विश्वविद्यालय : 3 करोड़ रुपये
  • नगर निगम : 32.78 लाख रुपये
  • पुलिस विभाग (चार थाना) : 10.61 लाख रुपये
  • बेसिक शिक्षा विभाग : 11.50 लाख रुपये
  • सेल्स टैक्स ऑफिस : 14 लाख रुपये

कई विभागों ने पिछले 5 सालों से बिजली बिल का भुगतान नहीं किया। कभी बिल न मिलने का तर्क देकर बिजली काटी जाती है, पर आश्वासन पर फिर से कनेक्शन जारी कर दिया जाता है।

क्यों चुनौती बनी वसूली?

  1. Varanasi में बिजली बिल वसूली के लिए सबसे बड़ी दिक्कत उन उपभोक्ताओं से है जिन्होंने कभी भुगतान नहीं किया। इसके अलावा बिजली चोरी के मामलों का ज्यादा होना भी राजस्व में भारी नुकसान पहुंचा रहा है।
  2. बिजली विभाग की आर्थिक स्थिति पर इसका सीधा असर पड़ रहा है। नए प्रोजेक्ट, लाइन सुधार, बिलिंग सिस्टम मजबूती, ट्रांसफॉर्मर अपग्रेड जैसे कामों में भी इसका असर देखने को मिलता है।

ओटीएस योजना से कितनी राहत?

Varanasi में 1635 करोड़ का बिजली बिल बकाया: 63,978 उपभोक्ता ने आज तक नहीं किया भुगतान, सरकारी विभाग भी सूची में शामिल

बिजली निगम ने ओटीएस योजना लागू की है जिसमें घरेलू और व्यापारिक उपभोक्ताओं को ब्याज व सरचार्ज में राहत देकर बिल जमा करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

मुख्य अभियंता राकेश पांडेय के अनुसार :

“घरेलू और कामर्शियल उपभोक्ता 1 और 2 किलोवाट तक के कनेक्शन वाले ओटीएस योजना में पंजीकरण कर छूट का लाभ ले सकते हैं। बकायेदारों की सूची डिवीजनवार तैयार की जा रही है।”

हालांकि अधिकारियों को भी अंदाजा है कि इतना बड़ा बकाया एक बार में जमा कराना आसान नहीं होगा।

स्वतंत्र वाणी के द्वारा निष्कर्ष:

Varanasi में बिजली विभाग पर 1635 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बिजली बिल बकाया न केवल वसूली व्यवस्था की चुनौती को दर्शाता है बल्कि उपभोक्ता अनुशासन और सरकारी जवाबदेही पर भी सवाल उठाता है।सरकारी विभागों से लेकर आम उपभोक्ता—दोनों की लापरवाही बिजली सेवा की गुणवत्ता और भविष्य की परियोजनाओं पर सीधा असर डाल सकती है। अब सबकी नजरें ओटीएस योजना और आने वाली वसूली कार्रवाई पर हैं जो तय करेगी कि बिजली विभाग इस आर्थिक दबाव से कितनी जल्दी उबर पाता है।

खबरों के लाइव अपडेट और विस्तृत विश्लेषण के लिए स्वतंत्र वाणी पर बने रहें।

Rajesh Srivastava
Author: Rajesh Srivastava

राजेश श्रीवास्तव एक अनुभवी और दूरदर्शी एडिटर इन चीफ हैं, जिन्हें पत्रकारिता और संपादन का गहरा अनुभव प्राप्त है। कई वर्षों की सक्रिय भूमिका के साथ, वे समाचारों की गुणवत्ता, निष्पक्षता और प्रामाणिकता बनाए रखने के लिए जाने जाते हैं। राजेश का उद्देश्य संपादकीय नेतृत्व के माध्यम से सच्ची और संतुलित जानकारी पाठकों तक पहुँचाना है। उनके मार्गदर्शन में प्रकाशित सामग्री में स्पष्टता, विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी का समावेश होता है, जो उन्हें एक प्रभावशाली और विशिष्ट पहचान प्रदान करता है।