Khesari Lal Yadav की मंदिर यात्रा: विंध्यवासिनी से लेकर काशी विश्वनाथ तक, बिहार चुनाव परिणाम से पहले श्रद्धा में लीन दिखे भोजपुरी स्टार
भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार Khesari Lal Yadav इन दिनों अपने धार्मिक दौरे को लेकर सुर्खियों में हैं। बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम से पहले गुरुवार को उन्होंने उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख तीर्थस्थलों—मिर्जापुर और वाराणसी (Kashi)—की यात्रा की। पहले मां विंध्यवासिनी देवी के दरबार में माथा टेकने के बाद खेसारी लाल सीधे बाबा विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विधि-विधान से दर्शन-पूजन किया।
काशी की गलियों में गुरुवार की सुबह का नज़ारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था। जैसे ही खबर फैली कि Khesari Lal Yadav बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे हैं, वैसे ही ललिता घाट से लेकर विश्वनाथ मंदिर तक उनके प्रशंसकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने “हर-हर महादेव” और “खेसारी भइया जिंदाबाद” के नारे लगाकर अपने चहेते स्टार का स्वागत किया।

श्रद्धा में डूबे Khesari Lal Yadav ने कहा – “मैं सिर्फ पूजा करने आया हूं”
मंदिर में दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत के दौरान Khesari Lal Yadav ने साफ कहा कि उनकी यह यात्रा पूरी तरह धार्मिक है, इसमें किसी भी तरह की राजनीतिक मंशा नहीं है। उन्होंने कहा,
“मैं सिर्फ दर्शन करने आया हूं। बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद लेने आया हूं। बिहार की जनता का प्रेम ही मेरी असली ताकत है।”
उन्होंने आगे कहा कि वे बिहार की जनता की भलाई और प्रदेश में शांति-संपन्नता की कामना लेकर आए हैं। खेसारी ने कहा कि चुनाव परिणाम जो भी आएं, वे चाहते हैं कि बिहार में विकास और सद्भावना बनी रहे।
काशी में Khesari Lal के स्वागत में गूंजे नारे
काशी में जैसे ही Khesari Lal Yadav पहुंचे, उनके प्रशंसक उत्साह से झूम उठे। मंदिर के आस-पास “लाल लाल खेसारी लाल” के नारे गूंजने लगे। कई लोग मोबाइल पर उनकी झलक कैद करने लगे तो कई फैंस उनके साथ सेल्फी लेने को आतुर दिखाई दिए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम के बीच Khesari Lal Yadav ने शांत भाव से बाबा विश्वनाथ की पूजा की और मंदिर परिसर में कुछ देर ध्यानमग्न होकर बैठे रहे।
काशी की गलियों में यह दृश्य बताता है कि भोजपुरी स्टार की लोकप्रियता सिर्फ पर्दे तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों के दिलों में भी गहराई तक उतर चुकी है। वाराणसी में उनके आने से स्थानीय माहौल में उत्सव जैसा वातावरण बन गया।
Khesari Lal Yadav की धार्मिक आस्था और फैंस का जनून
यह कोई पहला मौका नहीं है जब Khesari Lal Yadav वाराणसी पहुंचे हों। उन्होंने कई बार बाबा विश्वनाथ का आशीर्वाद लिया है और हर बार यहां के लोगों का अपार स्नेह पाया है। इस बार भी उनका स्वागत फूल-मालाओं से किया गया।
काशी के स्थानीय लोगों ने बताया कि Khesari Lal Yadav को यहां देखकर ऐसा लगा जैसे कोई अपना घर लौट आया हो। फैंस की भीड़ इतनी अधिक थी कि पुलिस को सुरक्षा बढ़ानी पड़ी।
खेसारी लाल ने कहा कि वे हमेशा से मानते हैं कि उनकी सफलता के पीछे भगवान शिव का आशीर्वाद है। उन्होंने कहा,
“काशी और बिहार का रिश्ता बहुत पुराना है। यहां की मिट्टी में ही भक्ति और ऊर्जा बसती है। बाबा का आशीर्वाद ही मुझे हर मुश्किल से लड़ने की ताकत देता है।”
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भोजपुरी सिनेमा का चमकता सितारा और जनता का चहेता चेहरा
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में Khesari Lal Yadav ने अपनी मेहनत और अभिनय के दम पर खास पहचान बनाई है। गायकी से लेकर अभिनय तक, हर क्षेत्र में उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है। यही कारण है कि आज वे सिर्फ एक फिल्म स्टार नहीं बल्कि जनता के दिलों के ‘खेसारी भइया’ बन चुके हैं।
काशी में उनके आगमन ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि उनकी लोकप्रियता बिहार से लेकर पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश तक फैली हुई है।
श्रद्धा, आस्था और जनता का स्नेह— यही है खेसारी लाल की असली ताकत
बिहार चुनाव परिणाम से पहले उनकी यह यात्रा कई मायनों में खास रही। जहां एक ओर लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे प्रतीकात्मक यात्रा भी मान रहे हैं। हालांकि, खुद Khesari Lal Yadav ने यह साफ कर दिया कि उनका उद्देश्य सिर्फ पूजा-पाठ और जनता की भलाई की प्रार्थना करना था।
उन्होंने जाते-जाते कहा:
“मैं राजनीति में नहीं, जनता के दिलों में रहना चाहता हूं। बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी से यही प्रार्थना की है कि सभी को सुख-शांति और सफलता मिले।”
काशी में इस धार्मिक यात्रा ने न केवल Khesari Lal Yadav की आस्था को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे एक कलाकार जनता के दिलों से जुड़कर खुद को “जनता का सितारा” बना लेता है।
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Author: Preeti Dubey
कंटेंट राइटिंग में 9 महीने के अनुभव के साथ, मैं उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और चिकित्सा क्षेत्र पर केंद्रित आकर्षक और अच्छी तरह से शोध किए गए समाचार लेख लिखने में माहिर हूँ। मेरे लेखन में सटीकता और पाठक-अनुकूल कहानी कहने का मिश्रण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर लेख स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी प्रदान करे। पत्रकारिता और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के प्रति जुनूनी, मैं पाठकों को स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय मामलों से जुड़े नवीनतम अपडेट और घटनाक्रमों से अवगत और जोड़े रखने का प्रयास करती हूँ।










