Varanasi Dalmandi चौड़ीकरण योजना: विरोध के बावजूद शुरू हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई, अब तक तीन मकान गिराए गए, दुकानदार बोले – “सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला”
Dalmandi चौड़ीकरण : Varanasi के पुराने और व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक Dalmandi में रविवार को प्रशासन ने चौड़ीकरण योजना के तहत ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। यह कार्रवाई लंबे समय से अटकी हुई थी, क्योंकि स्थानीय लोगों और दुकानदारों की ओर से लगातार विरोध किया जा रहा था। लेकिन रविवार को भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आखिरकार यह काम शुरू हुआ। पीडब्ल्यूडी ने अब तक तीन मकानों को ध्वस्त करा दिया है, जबकि 13 काश्तकारों से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

विरोध के बीच प्रशासन की कार्रवाई जारी
Dalmandi चौड़ीकरण योजना का उद्देश्य क्षेत्र की तंग गलियों को चौड़ा करना और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाना है। लेकिन इस योजना का सबसे बड़ा असर उन दुकानदारों और परिवारों पर पड़ रहा है, जिनकी दुकानें और मकान इस परियोजना की जद में आ रहे हैं।
रविवार की सुबह जब पीडब्ल्यूडी की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची, तो लक्ष्मी कटरा नामक भवन पर लाल निशान लगाना शुरू किया गया। यह भवन पांच मालिकों – सुमन ओझा, पीयूष ओझा, कंचन देवी, गूंजा मिश्रा और सोनी सिंह – की संयुक्त संपत्ति थी। इसमें करीब 13 दुकानदार किराये पर व्यापार कर रहे थे, जिनमें से कई दशकों से यहां कारोबार चला रहे थे।
निशान लगते ही स्थानीय दुकानदारों और किरायेदारों में आक्रोश फैल गया। वे चौक थाने पहुंचकर आपत्ति दर्ज कराने लगे और ध्वस्तीकरण रोकने की मांग करने लगे। दुकानदारों का आरोप था कि उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं दी गई और न ही सामान निकालने के लिए समय मिला।
“एक दिन की मोहलत भी नहीं दी गई” – दुकानदारों का आरोप
फैंसी मार्केट लक्ष्मी कटरा के एक पुराने दुकानदार ने बताया कि उनकी दुकान 1960 से यहां चल रही थी। उन्होंने कहा,
“हमने अधिकारियों से एक दिन का वक्त मांगा था ताकि अपना सामान निकाल सकें। लेकिन किसी ने हमारी बात नहीं सुनी। अचानक सुबह बुलडोजर और मजदूर आ गए। हम चौड़ीकरण के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हमें एक रुपये का मुआवजा भी नहीं मिला। यह हमारे लिए बहुत बड़ा नुकसान है।”
कई दुकानदारों ने बताया कि उनके परिवार का पूरा जीवन-निर्वाह इसी दुकान से चलता था। अब अचानक से सब कुछ खत्म हो जाने से वे असमंजस में हैं कि आगे क्या करें।

चार दिन पहले हुई थी भवन की रजिस्ट्री
भवन स्वामी सुमन ओझा ने बताया कि यह भवन पांच हिस्सेदारों का है और हाल ही में पीडब्ल्यूडी के साथ लगभग एक करोड़ रुपये का मुआवजा तय हुआ है। उन्होंने बताया कि रजिस्ट्री चार दिन पहले ही पूरी की गई थी।
“हम चाहते थे कि किरायेदारों को थोड़ा समय मिले ताकि वे सामान निकाल सकें। इस संबंध में हम चौक थाने भी गए थे, लेकिन शायद प्रशासन जल्द से जल्द कार्रवाई करना चाहता था।”
फोर्स की मौजूदगी में शुरू हुआ ध्वस्तीकरण
शाम होते-होते जब विरोध थमता नहीं दिखा, तो पुलिस ने मोर्चा संभाल लिया। पुलिस बल की मौजूदगी में पीडब्ल्यूडी ने मजदूरों को बुलाकर हथौड़ों से तोड़फोड़ शुरू की। लक्ष्मी कटरा स्थित दुकानों को खाली कराया गया और उस पर पीडब्ल्यूडी ने ताला जड़ दिया।
इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी भीड़ रही। कई दुकानदारों ने अपने सामान को जैसे-तैसे निकालने की कोशिश की, लेकिन अधिकांश लोगों का कहना था कि उन्हें कोई पूर्व सूचना नहीं मिली थी।
प्रशासन का पक्ष – “जनहित में है चौड़ीकरण”
इस पूरे मामले पर जॉइंट मजिस्ट्रेट नितिन सिंह ने कहा कि Dalmandi चौड़ीकरण योजना Varanasi की तंग गलियों में कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने बताया,
“इस योजना से Varanasi की ऐतिहासिक गलियों में यातायात और आपात सेवाओं की पहुंच आसान होगी। कुछ भवन मालिकों को जमीन और निर्माण दोनों का मुआवजा दिया जा रहा है। दुकानदारों को लगातार मोहलत दी जा रही है और बीते दो हफ्तों से दिन में दो से तीन बार एनाउंसमेंट कराया जा रहा है।”
उन्होंने यह भी बताया कि चौक थाने में नियमित कैंप कार्यालय संचालित किया जा रहा है ताकि प्रभावित लोग अपनी समस्याएं या आपत्तियां वहां दर्ज करा सकें।
अब तक तीन मकान ध्वस्त, आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई
पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों के अनुसार, अब तक तीन मकानों को गिराया जा चुका है और आगे के चरण में अन्य चिन्हित भवनों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। 13 काश्तकारों से रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है और बाकी संपत्तियों के लिए वार्ता चल रही है।
योजना का उद्देश्य और भविष्य की उम्मीदें
Dalmandi Varanasi का सबसे पुराना और घनी आबादी वाला इलाका है। यहां की गलियां इतनी संकरी हैं कि कभी-कभी एम्बुलेंस या फायर ब्रिगेड के वाहन तक नहीं पहुंच पाते। चौड़ीकरण योजना का उद्देश्य इन गलियों को व्यवस्थित करना और जनसुविधाओं की पहुंच को आसान बनाना है।
हालांकि, इस प्रक्रिया में पुराने कारोबारियों और निवासियों का नुकसान भी कम नहीं है। कई लोगों के लिए यह बदलाव उनकी वर्षों पुरानी रोज़ी-रोटी पर असर डाल रहा है।
स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द
Dalmandi चौड़ीकरण योजना Varanasi के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, लेकिन यह विकास उन लोगों के लिए कठिनाई भी लेकर आया है जो पीढ़ियों से इस क्षेत्र में बसे हैं। प्रशासन जहां इसे जनहित का प्रोजेक्ट बता रहा है, वहीं दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पारदर्शिता और संवाद की कमी से यह प्रक्रिया उन्हें अन्यायपूर्ण लग रही है।
अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में प्रशासन प्रभावित परिवारों और दुकानदारों को किस तरह राहत देता है और चौड़ीकरण योजना को कैसे संतुलित तरीके से आगे बढ़ाता है।
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Author: Preeti Dubey
कंटेंट राइटिंग में 9 महीने के अनुभव के साथ, मैं उत्तर प्रदेश, खासकर वाराणसी और चिकित्सा क्षेत्र पर केंद्रित आकर्षक और अच्छी तरह से शोध किए गए समाचार लेख लिखने में माहिर हूँ। मेरे लेखन में सटीकता और पाठक-अनुकूल कहानी कहने का मिश्रण है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर लेख स्पष्ट, विश्वसनीय और प्रभावशाली जानकारी प्रदान करे। पत्रकारिता और क्षेत्रीय रिपोर्टिंग के प्रति जुनूनी, मैं पाठकों को स्वास्थ्य सेवा और स्थानीय मामलों से जुड़े नवीनतम अपडेट और घटनाक्रमों से अवगत और जोड़े रखने का प्रयास करती हूँ।










