वाराणसी आने से पहले PM Modi की अपनी काशी को बड़ी सौगात: प्रदेश की सबसे लंबी एलिवेटेड रोड को मिली मंजूरी
PM Modi ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी को एक और बड़ी सौगात दी है। PM Modi के काशी आगमन से पहले PM कार्यालय (PMO) ने प्रदेश की सबसे लंबी एलिवेटेड रोड परियोजना को मंजूरी दे दी है। लगभग 20 से 21 किलोमीटर लंबी यह एलीवेटेड रोड नमो घाट से लेकर हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड तक बनाई जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर और गंगा घाटों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।
PM Narendra Modi 8 नवंबर (शनिवार) को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी आ रहे हैं। इस दौरान वह काशी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन समेत कई नई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। लेकिन उनके आगमन से पहले ही पीएमओ की इस स्वीकृति को काशी के लोगों के लिए एक “दिवाली गिफ्ट” माना जा रहा है।
वरुणा किनारे बनेगी प्रदेश की सबसे लंबी एलिवेटेड रोड
नवनिर्मित रोड का निर्माण वरुणा नदी के किनारे किया जाएगा। यह परियोजना हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड को नमो घाट से जोड़ेगी। इससे आने वाले समय में जौनपुर, प्रयागराज, लखनऊ जैसे शहरों से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक बिना शहर के जाम में फंसे, सीधे गंगा घाटों और श्री काशी विश्वनाथ धाम तक पहुंच सकेंगे।
यह योजना ‘वरुणा कॉरिडोर’ को सिटी ट्रांसपोर्ट से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। वर्ष 2019 से इस परियोजना की रूपरेखा बन रही थी। पहले इसके किनारे ई-रिक्शा ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ERTMS) विकसित करने की योजना बनी थी, लेकिन हर बार बाढ़ के दौरान वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ जाने से यह परियोजना ठप पड़ जाती थी।
इसके बाद 2022 में पहली बार रिंग रोड फेज-2 से गुजरने वाली वरुणा के किनारे एलीवेटेड रोड का सर्वे शुरू किया गया था। उस वक्त इसे पक्का पुल तक सीमित रखा गया था, लेकिन भारी लागत के कारण प्रदेश सरकार ने इसे रोक दिया था। अब PM कार्यालय से मंजूरी मिलने के बाद यह परियोजना एक बार फिर गति पकड़ने जा रही है।
4100 करोड़ की लागत से बनेगी एलिवेटेड रोड
जिला प्रशासन ने हाल ही में इस परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से पूरा कराने के लिए प्रस्ताव भेजा था। अधिकारियों ने पिछले सप्ताह पीएमओ के सामने इसका विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया था।
सूत्रों के अनुसार, इस परियोजना को 41 सौ करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया जाएगा। पीएमओ से मंजूरी मिलने के बाद अब एनएचएआई की टीम डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने में जुट गई है।
चार प्रमुख स्थानों से मिलेगी कनेक्टिविटी
जानकारी के मुताबिक, एलीवेटेड रोड को जिला मुख्यालय की ओर से वरुणा किनारे बनाया जाएगा। यह रोड रिंग रोड से नमो घाट के बीच चार प्रमुख स्थानों से जुड़ी होगी। सर्वे के अनुसार, रोड को फुलवरिया फोरलेन, कचहरी, चौकाघाट, पक्कापुल और कोनिया के पास जीटी रोड से कनेक्ट किया जाएगा। इससे शहर के प्रमुख इलाकों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
फिलहाल गाजियाबाद में सबसे लंबी एलिवेटेड रोड
प्रदेश में इस समय सबसे लंबी एलिवेटेड रोड गाजियाबाद में हिंडन एलीवेटेड रोड के नाम से जानी जाती है, जिसकी लंबाई 10.3 किलोमीटर है। लेकिन वाराणसी में बनने वाली यह नई एलिवेटेड रोड उसकी दोगुनी लंबाई की होगी। इससे वाराणसी न केवल धार्मिक बल्कि स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में भी एक नया रिकॉर्ड कायम करेगा।
काशी के विकास की नई गाथा
PM Narendra Modi के नेतृत्व में वाराणसी में पिछले कुछ वर्षों में विकास कार्यों की झड़ी लगी हुई है
। काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर, नमो घाट, गंगा क्रूज़ सेवा, रोपवे परियोजना, और अब यह सबसे लंबी एलिवेटेड रोड, सभी योजनाएँ शहर को विश्वस्तरीय सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।
वाराणसी के लोग अब इस नई सौगात को लेकर बेहद उत्साहित हैं। शहर के व्यापारियों, टूरिज्म से जुड़े लोगों और श्रद्धालुओं का मानना है कि इस रोड के बनने से काशी का धार्मिक पर्यटन और अधिक सुगम और समृद्ध होगा।
स्वतंत्र वाणी के उपसंहारिक शब्द
PM Modi का यह निर्णय वाराणसी के भविष्य को नई दिशा देने वाला है। एक तरफ जहां यह एलिवेटेड रोड शहर के ट्रैफिक बोझ को कम करेगी, वहीं दूसरी ओर यह पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए यात्रा को सरल और सुरक्षित बनाएगी।
स्वतंत्र वाणी News के अनुसार, पीएम Modi की इस सौगात से काशी को एक और विकास का तोहफा मिला है, जो आने वाले वर्षों में शहर की पहचान को और मजबूत करेगा।
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Author: kamalkant
कमल कांत सिंह एक उत्साही पत्रकार और लेखक हैं, जिन्हें समाचार और कहानी कहने का गहरा जुनून है। कई वर्षों के अनुभव के साथ, वे सामाजिक मुद्दों, संस्कृति और समसामयिक घटनाओं पर गहन विश्लेषण और आकर्षक लेखन के लिए जाने जाते हैं। कमल का उद्देश्य अपने लेखन के माध्यम से सच्चाई को उजागर करना और पाठकों को प्रेरित करना है। उनकी लेखनी में स्पष्टता, विश्वसनीयता और मानवीय संवेदनाओं का समावेश होता है, जो उन्हें एक विशिष्ट आवाज प्रदान करता है।










